गुजरात सरकार का बड़ा फैसला: निजी स्कूल-कॉलेज के NCC कैडेट्स को भी मिलेगा राष्ट्रीय शिविर भत्ता
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात सरकार ने 1 सितंबर 2026 को एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राष्ट्रीय स्तर के NCC शिविरों के लिए निजी स्कूलों और कॉलेजों के कैडेट्स को भी वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। अब तक यह लाभ केवल सरकारी संस्थानों के कैडेट्स को मिलता था, जबकि निजी संस्थानों के कैडेट्स को शिविर से जुड़े सभी खर्च स्वयं वहन करने पड़ते थे।
क्या है नया फैसला
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री प्रद्युमन वाजा और शिक्षा राज्य मंत्री त्रिकम छांगा की बैठक में यह निर्णय लिया गया। शिक्षा विभाग ने निजी संस्थानों के पात्र कैडेट्स को सहायता प्रदान करने का औपचारिक प्रस्ताव जारी कर दिया है।
अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार 100 प्रतिशत खर्च वहन करेगी — जिसमें केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित दरों पर भत्ते शामिल होंगे। यह भत्ता सरकारी संस्थानों के कैडेट्स को मिलने वाले भत्ते के समान आधार पर दिया जाएगा।
किन शिविरों को मिलेगा लाभ
इस निर्णय के दायरे में आने वाले शिविरों में गणतंत्र दिवस दल (RDC), थल सैनिक शिविर (TSC), युवा विनिमय कार्यक्रम (YEP), वायु सैनिक शिविर (VSC), नौसेना सैनिक शिविर (NSC) और राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम (NLE) शामिल हैं।
गौरतलब है कि इन राष्ट्रीय शिविरों के लिए चयन प्रक्रिया अत्यंत प्रतिस्पर्धी होती है — कैडेट्स को आमतौर पर चयन से पहले चार से पाँच प्रतिस्पर्धी शिविरों में भाग लेना पड़ता है।
पहले क्या थी स्थिति
अब तक गुजरात के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के NCC कैडेट्स को केंद्रीय मानदंडों के अनुसार शिविर भत्ता मिलता था। इसके विपरीत, निजी संस्थानों के कैडेट्स को राज्य या केंद्र से कोई वित्तीय सहायता नहीं मिलती थी और समस्त खर्च कैडेट या उनके संस्थान को स्वयं उठाना पड़ता था।
सरकार ने स्वीकार किया कि वित्तीय बाधाओं के कारण प्रतिभाशाली कैडेट राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने से हतोत्साहित हो सकते थे, भले ही उनमें क्षमता हो।
किन खर्चों पर मिलेगी सहायता
प्रस्ताव के अनुसार, सहायता में भोजन, यात्रा, उत्पादन, आकस्मिक खर्च और पेट्रोल, तेल एवं स्नेहक (POL) शुल्क से संबंधित व्यय शामिल हैं। यह सुनिश्चित किया गया है कि संस्थान की प्रकृति — सरकारी या निजी — राष्ट्रीय अवसरों तक पहुँच में बाधा न बने।
आगे क्या होगा
सरकार को उम्मीद है कि इस वित्तीय समानता से निजी स्कूलों और कॉलेजों के अधिक योग्य कैडेट राष्ट्रीय गतिविधियों में भाग लेंगे और सरकारी संस्थानों के अपने समकक्षों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रतिस्पर्धा करेंगे। यह कदम NCC के मूल उद्देश्य — युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व, जिम्मेदारी और राष्ट्रीय सेवा की भावना विकसित करना — को और मज़बूत करेगा।