गुजरात में वंदे भारत ट्रेनों से 73 लाख यात्री, ₹722 करोड़ का राजस्व; अहमदाबाद-मुंबई रूट सबसे लोकप्रिय

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गुजरात में वंदे भारत ट्रेनों से 73 लाख यात्री, ₹722 करोड़ का राजस्व; अहमदाबाद-मुंबई रूट सबसे लोकप्रिय

सारांश

गुजरात से चलने वाली वंदे भारत ट्रेनों ने साढ़े तीन साल में 73 लाख यात्रियों का भरोसा जीता और ₹722 करोड़ का राजस्व दिया। 140%25 तक की ऑक्यूपेंसी यह साबित करती है कि प्रीमियम रेल सेवा की माँग आपूर्ति से कहीं आगे है — और विस्तार की गुंजाइश अभी बाकी है।

Key Takeaways

  • 1 अक्टूबर 2022 से 31 मार्च 2026 के बीच गुजरात की 6 जोड़ी वंदे भारत ट्रेनों में करीब 73 लाख यात्रियों ने सफर किया।
  • इन ट्रेनों से भारतीय रेलवे को लगभग ₹722 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ।
  • कुछ रूट्स पर ऑक्यूपेंसी 140 प्रतिशत तक दर्ज की गई, जो अत्यधिक माँग को दर्शाती है।
  • अहमदाबाद-मुंबई रूट यात्रियों में सबसे लोकप्रिय रहा, विशेषकर नौकरीपेशा और व्यवसायी वर्ग में।
  • वंदे भारत ट्रेनें 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत स्वदेशी तकनीक से निर्मित हैं और देशभर में 162 से अधिक ट्रेनें संचालित हो रही हैं।

गांधीनगर में भारतीय रेलवे के आँकड़ों के अनुसार, गुजरात से संचालित 6 जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों में 1 अक्टूबर 2022 से 31 मार्च 2026 के बीच करीब 73 लाख यात्रियों ने सफर किया और रेलवे को लगभग ₹722 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। यह आँकड़ा गुजरात में इस प्रीमियम सेमी-हाईस्पीड सेवा की बढ़ती लोकप्रियता को स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है।

गुजरात में वंदे भारत की यात्रा

फरवरी 2019 में महज एक ट्रेन से शुरू हुई वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा अब देशभर में 162 से अधिक ट्रेनों तक विस्तारित हो चुकी है। गुजरात से चलने वाली इन ट्रेनों ने प्रमुख शहरों को तेज़ और सुरक्षित तरीके से जोड़ते हुए आधुनिक रेल यात्रा की नई पहचान बनाई है। गौरतलब है कि यह विस्तार 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत स्वदेशी तकनीक से संभव हुआ है।

अहमदाबाद-मुंबई रूट पर जबरदस्त माँग

अहमदाबाद से मुंबई के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेनें यात्रियों की पहली पसंद बन गई हैं। नौकरीपेशा, व्यवसायी और नियमित यात्री इन ट्रेनों का सबसे अधिक उपयोग कर रहे हैं। कुछ रूट्स पर ऑक्यूपेंसी 140 प्रतिशत तक दर्ज की गई है, जो माँग और आपूर्ति के बीच की खाई को उजागर करती है।

आधुनिक सुविधाएँ और यात्री अनुभव

वंदे भारत ट्रेनों में ऑटोमैटिक दरवाजे, जीपीएस आधारित सूचना प्रणाली, आरामदायक सीटें, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, ऑनबोर्ड मनोरंजन, सीसीटीवी निगरानी और बायो-वैक्यूम शौचालय जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था के साथ-साथ फायर अलार्म और अग्निशामक यंत्र भी लगाए गए हैं। खान-पान में साफ-सुथरा और ताज़ा भोजन, क्षेत्रीय स्वाद वाला मेन्यू और प्रशिक्षित स्टाफ की सेवा दी जा रही है।

बेहतर समयपालन और सुरक्षा मानक

बेहतर समयपालन, उच्च सुरक्षा मानक और साफ-सफाई के कारण यात्रियों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। तेज़ रफ्तार और कम यात्रा समय की वजह से ये ट्रेनें कामकाजी और पर्यटन यात्रियों दोनों के लिए उपयोगी साबित हो रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय रेलवे प्रीमियम सेवाओं की संख्या और गुणवत्ता दोनों बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

आगे की राह

गुजरात में वंदे भारत एक्सप्रेस की यह सफलता भारतीय रेलवे के यात्री-केंद्रित दृष्टिकोण को और मज़बूत करती है। रेलवे आगे भी यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव देने के लिए प्रयासरत रहेगा — और बढ़ती माँग को देखते हुए नए रूट्स पर विस्तार की संभावना भी बनती है।

Point of View

लेकिन असली सवाल यह है कि 140%25 ऑक्यूपेंसी की स्थिति में रेलवे नई ट्रेनें जोड़ने में क्यों पिछड़ रहा है। माँग स्पष्ट है, फिर भी विस्तार की गति धीमी रही है। इसके अलावा, प्रीमियम किराये की वजह से वंदे भारत आम यात्री की पहुँच से दूर बनी हुई है — यह सेवा मुख्यतः मध्यम और उच्च-मध्यम वर्ग तक सीमित है। समावेशी रेल विकास के दावों की कसौटी यही होगी कि क्या रेलवे इस सफलता को किफायती विकल्पों तक भी विस्तारित कर पाता है।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

गुजरात में वंदे भारत ट्रेनों में कितने यात्रियों ने सफर किया?
आँकड़ों के अनुसार, 1 अक्टूबर 2022 से 31 मार्च 2026 के बीच गुजरात से चलने वाली 6 जोड़ी वंदे भारत ट्रेनों में करीब 73 लाख यात्रियों ने सफर किया। इस दौरान भारतीय रेलवे को लगभग ₹722 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ।
वंदे भारत ट्रेनों में ऑक्यूपेंसी इतनी अधिक क्यों है?
तेज़ रफ्तार, कम यात्रा समय, आधुनिक सुविधाएँ और बेहतर समयपालन के कारण यात्रियों में वंदे भारत की माँग तेज़ी से बढ़ी है। कुछ रूट्स पर ऑक्यूपेंसी 140 प्रतिशत तक दर्ज की गई है, विशेषकर अहमदाबाद-मुंबई जैसे व्यस्त रूट पर।
वंदे भारत ट्रेन में कौन-कौन सी सुविधाएँ मिलती हैं?
वंदे भारत ट्रेनों में ऑटोमैटिक दरवाजे, जीपीएस आधारित सूचना प्रणाली, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, ऑनबोर्ड मनोरंजन, सीसीटीवी निगरानी, बायो-वैक्यूम शौचालय और दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था शामिल है। साथ ही फायर अलार्म और अग्निशामक यंत्र भी लगाए गए हैं।
वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत कब हुई थी?
वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत फरवरी 2019 में एक ट्रेन से हुई थी। यह 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत स्वदेशी तकनीक से निर्मित भारत की पहली सेमी-हाईस्पीड ट्रेन है, जो अब देशभर में 162 से अधिक रूट्स पर संचालित हो रही है।
गुजरात में वंदे भारत का सबसे लोकप्रिय रूट कौन सा है?
अहमदाबाद से मुंबई के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन गुजरात में सबसे लोकप्रिय रूट रही है। नौकरीपेशा, व्यवसायी और नियमित यात्री इस रूट पर सबसे अधिक इन ट्रेनों का उपयोग कर रहे हैं।
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