क्या झारखंड के गुमला में पुआल के ढेर में आग लगने से दो बच्चों की मौत हो गई?

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क्या झारखंड के गुमला में पुआल के ढेर में आग लगने से दो बच्चों की मौत हो गई?

सारांश

झारखंड के गुमला में दो बच्चों की आग में जलने से हुई मौत ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। यह घटनाएं बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता की आवश्यकता को उजागर करती हैं। जानिए कैसे एक छोटी सी लापरवाही ने दो परिवारों को तबाह कर दिया।

मुख्य बातें

बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता जरूरी है।
पुआल में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं।
ग्राम समुदाय को मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने की आवश्यकता है।

गुमला, 26 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के गुमला जिले के कामडारा और पालकोट थाना क्षेत्र में बुधवार को दो अलग-अलग दुखद घटनाओं में पुआल के ढेर में लगी आग के कारण दो बच्चों की मौत हो गई।

पहली घटना कामडारा थाना क्षेत्र के सरिता गांव में हुई, जहां डेढ़ वर्षीय नमन लुगून पुआल के ढेर में खेलते समय लगी आग में गंभीर रूप से झुलस गया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पास में खेल रहे बच्चों ने माचिस जलाई और अनजाने में पुआल में आग लगा दी। आग लगते ही तेज लपटें उठने लगीं। अन्य बच्चे वहां से भाग गए, लेकिन नमन बाहर नहीं निकल सका।

परिजनों और ग्रामीणों ने आग बुझाकर उसे गुमला सदर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसे गंभीर स्थिति में रिम्स रांची रेफर किया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

दूसरी घटना पालकोट थाना क्षेत्र के बिलिंगबीरा गांव में हुई। यहां एक वर्ष नौ माह की शोभा कुमारी पुआल के ढेर के पास खेल रही थी। उसकी मां शारदा देवी खेत में फसल काटने गई थीं। इसी दौरान घर के पास खेल रहे बच्चों ने पुआल में आग लगा दी, जो तेजी से फैल गई। ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन शोभा तब तक गंभीर रूप से झुलस चुकी थी। उसे गुमला सदर अस्पताल ले जाया गया और वहां से रिम्स रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।

इन दोनों घटनाओं के बाद सरिता और बिलिंगबीरा गांव में शोक का माहौल है। परिजन सदमे में हैं और ग्रामीणों ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई है। पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। प्रशासन ने ग्रामीणों से धनकटनी के मौसम में पुआल में आग लगने की घटनाओं के प्रति सतर्कता बरतने की अपील की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए जागरूकता कितनी महत्वपूर्ण है। हमें इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुमला में बच्चों की मौत कैसे हुई?
गुमला में दो बच्चों की मौत पुआल के ढेर में आग लगने से हुई।
क्या आग लगने की घटनाएं रोकने के लिए कोई कदम उठाए जा रहे हैं?
हां, प्रशासन ने ग्रामीणों को आग लगने की घटनाओं के प्रति सतर्क रहने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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