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क्या गुरुवार को बन रहे हैं खास योग? जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त और ग्रहों की चाल

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क्या गुरुवार को बन रहे हैं खास योग? जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त और ग्रहों की चाल

सारांश

गुरुवार, 8 जनवरी को माघ मास की षष्ठी तिथि पर विशेष योग बन रहे हैं। जानें इस दिन के शुभ और अशुभ मुहूर्त के बारे में। सूर्य और चंद्रमा की स्थिति भी महत्वपूर्ण है। इस लेख में जानें कि इस दिन कौन से उपाय किए जा सकते हैं।

मुख्य बातें

गुरुवार का दिन विशेष योग और शुभ मुहूर्त लेकर आता है।
अभिजीत मुहूर्त का महत्व समझें।
अशुभ समय से बचने के उपाय करें।

नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हिंदू धर्म में पंचांग का एक महत्वपूर्ण स्थान है। कोई भी कार्य करने से पहले लोग तिथि, वार, नक्षत्र, योग और ग्रहों की स्थिति का ज्ञान लेना चाहते हैं ताकि आवश्यक कार्य समय पर संपन्न हो सकें। विशेषकर विवाह, व्यापार और यात्रा जैसे कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त देखना अनिवार्य होता है। यदि हम 8 जनवरी की बात करें, तो यह माघ मास का छठा दिन है।

यह दिन गुरुवार है, जिसे भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति का दिन माना जाता है। इस दिन सूर्य देव धनु राशि में स्थित रहेंगे, जबकि चंद्रमा सिंह राशि से कन्या राशि में गोचर करेंगे।

पंचांग के अनुसार, 8 जनवरी को माघ मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। यह तिथि सुबह 7 बजकर 5 मिनट से शुरू होकर 9 जनवरी की सुबह तक रहेगी, जिसके बाद सप्तमी तिथि प्रारंभ होगी। नक्षत्र की स्थिति के अनुसार, पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र दोपहर 12 बजकर 24 मिनट तक रहेगा, इसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का आगमन होगा। योग की स्थिति भी महत्वपूर्ण है। दिन में शाम 5 बजकर 26 मिनट तक सौभाग्य योग रहेगा और उसके बाद शोभन योग का निर्माण होगा।

शुभ मुहूर्त की दृष्टि से यह दिन कई अच्छे समय लेकर आएगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 7 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा, जिसे किसी भी शुभ कार्य के लिए उत्तम माना जाता है। इसके अतिरिक्त, रवि योग भी दोपहर 12 बजकर 24 मिनट से अगले दिन सुबह तक रहेगा, जो कई कार्यों में सफलता दिलाने वाला माना जाता है।

हालांकि, अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 1 बजकर 46 मिनट से 3 बजकर 4 मिनट तक रहेगा। इस दौरान नए या महत्वपूर्ण कार्यों को आरंभ करने से बचना चाहिए। इसके अलावा, यमगण्ड, गुलिक काल, दुर्मुहूर्त और भद्रा जैसे अशुभ मुहूर्त भी सुबह में पड़ रहे हैं, जिनका ध्यान रखना आवश्यक है।

यमगण्ड 7 बजकर 15 मिनट से 8 बजकर 33 मिनट तक है। वहीं गुलिक काल 9 बजकर 52 मिनट से 11 बजकर 10 मिनट तक है। इसके अलावा, दुर्मुहूर्त 10 बजकर 44 मिनट से 11 बजकर 25 मिनट तक और भद्रा 7 बजकर 05 मिनट से लेकर 7 बजकर 15 मिनट तक है।

दिशा शूल दक्षिण दिशा में रहेगा, इसलिए इस दिशा में यात्रा करने से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

सूर्य और चंद्रमा के समय पर नजर डालें तो इस दिन सूर्योदय सुबह 7 बजकर 15 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 41 मिनट पर होगा। चंद्रोदय रात 10 बजकर 53 मिनट पर और चंद्रास्त सुबह 10 बजकर 39 मिनट पर होगा। ग्रहों की यह स्थिति दिन और रात के प्रभाव को दर्शाती है।

गुरुवार के दिन कुछ विशेष उपाय भी किए जा सकते हैं। दूध में हल्दी या केसर मिलाकर पीने से गुरु की स्थिति मजबूत मानी जाती है। भगवान विष्णु की पूजा, शिवजी का अभिषेक और बृहस्पति मंत्र का जाप करने से जीवन में सकारात्मकता और सुख-समृद्धि बढ़ती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

8 जनवरी का दिन महत्वपूर्ण है। यह दिन न केवल शुभ मुहूर्त के लिए जाना जाता है, बल्कि यह गुरु की पूजा के लिए भी एक विशेष दिन है। इस दिन का अध्ययन करना, हमारे धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को समझने में मदद करेगा।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरुवार को कौन से योग बन रहे हैं?
8 जनवरी को सौभाग्य योग और शोभन योग का निर्माण होगा।
अभिजीत मुहूर्त क्या है?
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 7 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा।
अशुभ मुहूर्त कब हैं?
अशुभ मुहूर्त में राहुकाल, यमगण्ड, और दुर्मुहूर्त शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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