हरिद्वार बस हादसा: डंपर की टक्कर से राजस्थान के श्रद्धालुओं की बस पलटी, 1 महिला की मौत, 38 घायल
सारांश
मुख्य बातें
हरिद्वार के कोतवाली नगर क्षेत्र में सोमवार, 1 जून 2026 की सुबह एक भीषण सड़क हादसे में राजस्थान के नागौर जिले से आए श्रद्धालुओं की बस पलट गई, जिसमें एक महिला की मौत हो गई और 38 लोग घायल हो गए। दुर्घटना सप्तऋषि चौकी के सामने स्थित श्रीराम पंजाबी ढाबे के पास हाईवे कट पर हुई, जब एक डंपर ने बस के पिछले हिस्से में जोरदार टक्कर मार दी।
हादसे का पूरा घटनाक्रम
नागौर जिले से आए करीब 45 श्रद्धालु पूर्णिमा स्नान के लिए हरिद्वार पहुँचे थे और भूपतवाला स्थित घांची धर्मशाला में ठहरे हुए थे। इनके समूह में तीन बसें शामिल थीं। स्नान पूरा होने के बाद सभी यात्री राजस्थान वापस लौट रहे थे।
जब एक बस धर्मशाला से निकलकर सर्विस लेन के रास्ते हाईवे पर हरिद्वार की ओर मुड़ रही थी, उसी वक्त देहरादून से हरिद्वार की ओर आ रहे एक डंपर ने बस के पिछले हिस्से में तेज रफ्तार में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस अनियंत्रित होकर पलट गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घायलों का विवरण और उपचार
घायलों में 30 महिलाएँ, 6 पुरुष और 2 बालिकाएँ शामिल हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम तत्काल मौके पर पहुँची और घायलों को जिला मेला अस्पताल तथा महिला अस्पताल, हरिद्वार पहुँचाया गया। प्रशासन के अनुसार सभी घायलों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है।
हादसे में जान गँवाने वाली महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल हरिद्वार की मोर्चरी में रखा गया है। मृतका की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
पुलिस जाँच और यातायात
पुलिस ने हादसे के सभी पहलुओं की जाँच शुरू कर दी है। डंपर चालक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है और उसकी तलाश की जा रही है। दुर्घटना के तुरंत बाद क्षेत्र में यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया।
गौरतलब है कि हरिद्वार में पूर्णिमा स्नान के अवसर पर श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि होती है, जिससे हाईवे पर यातायात का दबाव काफी बढ़ जाता है। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब तीर्थ मार्गों पर सड़क सुरक्षा को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।
आगे क्या
पुलिस डंपर चालक की गिरफ्तारी और दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने में जुटी है। घायल श्रद्धालुओं के परिजनों को सूचित किया जा रहा है। प्रशासन ने घायलों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।