उत्तराखंड में दो बस दुर्घटनाएँ: हरिद्वार में महिला की मौत, 26 से अधिक घायल; टिहरी में भी बस पलटी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के हरिद्वार और टिहरी जिलों में सोमवार, 2 जून 2025 की सुबह हुई दो अलग-अलग बस दुर्घटनाओं में एक महिला की मौत हो गई और 26 से अधिक यात्री घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, दोनों घटनास्थलों पर राहत एवं बचाव दल तत्काल पहुँच गए और जाँच शुरू कर दी गई है।
हरिद्वार दुर्घटना: क्या हुआ
हरिद्वार के सप्तऋषि क्षेत्र में नगर कोतवाली पुलिस स्टेशन की सीमा के अंतर्गत एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। पुलिस के अनुसार, राजस्थान से आए तीर्थयात्रियों का एक दल डबल-डेकर बस में हरिद्वार पहुँचा था और गंगा में पवित्र स्नान के बाद वापसी की तैयारी कर रहा था। तभी सप्तऋषि के निकट कथित तौर पर चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और बस सड़क किनारे पलट गई।
उस समय बस में लगभग 45 यात्री सवार थे। पलटे वाहन के भीतर से मदद की चीखें सुनाई देने पर स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। आपातकालीन दल मौके पर पहुँचे और घायलों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने क्रेन की सहायता से पलटी बस को सड़क से हटाने का कार्य भी प्रारंभ किया।
इस दुर्घटना में मृतक की पहचान 50 वर्षीया पुष्पकुंवर के रूप में हुई है, जो राजस्थान के नागौर जिले के निवासी भंवर सिंह की पत्नी थीं। कुल 26 अन्य यात्री घायल हुए।
दूसरी टक्कर: डंपर ट्रक ढाबे से टकराया
पुलिस ने बताया कि शांतिकुंज के पास पलटी बस को सड़क किनारे पीछे किया जा रहा था, तब पास से आ रहे एक डंपर ट्रक के चालक ने टक्कर से बचने के प्रयास में नियंत्रण खो दिया और सड़क किनारे स्थित एक ढाबे से जा टकराया। इस घटना में सड़क पर खड़ी एक बोलेरो गाड़ी को भी क्षति पहुँची। हालाँकि, इस दूसरी टक्कर में किसी अतिरिक्त व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है।
टिहरी में भी बस पलटी
टिहरी जिले में जौलंगी गाँव के समीप एक अन्य बस दुर्घटना में कई यात्री घायल हो गए। यह बस गंगोत्री से केदारनाथ की ओर जा रही थी और कंडीखाल से चंबा की दिशा में लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर पलट गई। अधिकारियों के अनुसार, बस में चालक और परिचालक सहित लगभग 22 लोग सवार थे।
बचाव दल तत्काल घटनास्थल पर पहुँचा और सभी घायलों को नज़दीकी चिकित्सा केंद्र में पहुँचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि टिहरी दुर्घटना में अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, हालाँकि कुछ यात्रियों की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।
जाँच और आगे की कार्रवाई
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में तीर्थयात्रा सत्र अपने चरम पर है और पहाड़ी मार्गों पर वाहनों का दबाव अत्यधिक बढ़ा हुआ है। गौरतलब है कि राज्य में हर वर्ष मानसून-पूर्व और तीर्थयात्रा सीज़न के दौरान पहाड़ी सड़कों पर बस दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ जाती है। पुलिस ने दोनों दुर्घटनाओं के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए औपचारिक जाँच शुरू कर दी है। घायलों की स्थिति पर अस्पताल प्रशासन की नज़र बनी हुई है।