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दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बस-ट्रक टक्कर: आग में 8 तीर्थयात्रियों की मौत, 22 घायल

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दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बस-ट्रक टक्कर: आग में 8 तीर्थयात्रियों की मौत, 22 घायल

सारांश

हरिद्वार से इंदौर जा रही 37 तीर्थयात्रियों से भरी स्लीपर बस दौसा के कोलवा क्षेत्र में एक खाली ट्रक से टकरा गई — दोनों वाहनों में आग भड़क उठी। 8 की मौत, 22 घायल। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा फिर सवालों के घेरे में।

मुख्य बातें

1 जुलाई को दौसा जिले के कोलवा थाना क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बस-ट्रक टक्कर में 8 लोगों की मौत हुई।
हंस ट्रैवल्स इंदौर की स्लीपर बस हरिद्वार से इंदौर जा रही थी, जिसमें करीब 37 तीर्थयात्री सवार थे।
6 लोगों की मौत जलने से और 2 की मौत सिर में चोट लगने से हुई — एसपी पीयूष दीक्षित के अनुसार।
22 यात्री घायल , दौसा जिला अस्पताल में उपचाराधीन; 4 यात्री सुरक्षित ।
कांग्रेस सांसद मुरारीलाल मीणा ने घटनास्थल पहुँचकर दुर्घटनाओं की जाँच हेतु सरकारी समिति गठन की माँग की।

राजस्थान के दौसा जिले में 1 जुलाई को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क दुर्घटना में 8 लोगों की मौत हो गई और 22 यात्री घायल हो गए, जब हरिद्वार से इंदौर जा रही एक स्लीपर बस और एक खाली ट्रक के बीच जबरदस्त भिड़ंत के बाद दोनों वाहनों में आग भड़क उठी। बस में सवार करीब 37 तीर्थयात्रियों में से अधिकांश बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन वाहन के बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण कुछ यात्री अंदर फंसे रह गए।

मुख्य घटनाक्रम

यह हादसा दौसा जिले के कोलवा थाना क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के सीधे हिस्से पर हुआ। एसपी पीयूष दीक्षित के अनुसार, बस हंस ट्रैवल्स इंदौर की स्लीपर बस थी, जबकि ट्रक पूरी तरह खाली था। अधिकारियों को आशंका है कि किसी अन्य वाहन के ओवरटेक करने की कोशिश में दोनों वाहन आमने-सामने टकरा गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि हादसे के तुरंत बाद दोनों वाहनों में आग लग गई।

मृतकों और घायलों का विवरण

एसपी दीक्षित ने बताया कि 6 लोगों की मौत जलने से हुई, जबकि 2 अन्य की मौत सिर में गंभीर चोट लगने के कारण हुई। 22 यात्री घायल हुए हैं, जिन्हें दौसा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। बस में सवार 4 यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।

राहत एवं बचाव कार्य

घटना की सूचना मिलते ही दौसा और बांदीकुई से दमकल की गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं और आग पर काबू पाया गया। पुलिस प्रशासन के अधिकारी और बचाव दल भी तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे और राहत कार्य शुरू किया। घायलों को जिला अस्पताल पहुँचाने का काम युद्धस्तर पर किया गया।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

हादसे के बाद कांग्रेस सांसद मुरारीलाल मीणा घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने कहा, 'मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि वे उन लोगों की आत्माओं को शांति दें, जिन्होंने अपनी जान गँवाई है और उनके परिवारों को हिम्मत दें।' मीणा ने यह भी माँग की कि सरकार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बार-बार होने वाली दुर्घटनाओं के कारणों की जाँच के लिए एक विशेष समिति गठित करनी चाहिए।

क्या होगा आगे

पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया गया है। यह दुर्घटना ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सड़क सुरक्षा को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। मृतकों के परिजनों को सूचित किया जा रहा है और घायलों का उपचार जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी यह हादसा बताता है कि उच्च गति के बुनियादी ढाँचे और चालक व्यवहार के बीच की खाई अभी पाटी नहीं गई है। ओवरटेकिंग की आशंका — एक सीधे और चौड़े मार्ग पर — यह संकेत देती है कि समस्या सड़क की नहीं, प्रवर्तन और निगरानी की है। कांग्रेस सांसद की समिति माँग राजनीतिक रूप से स्वाभाविक है, लेकिन असली जवाबदेही तब होगी जब एक्सप्रेसवे पर स्पीड गवर्नर अनुपालन, ओवरनाइट बस परिचालन नियम और रियल-टाइम निगरानी की समीक्षा हो।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दौसा एक्सप्रेसवे हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
1 जुलाई को दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बस-ट्रक टक्कर के बाद लगी आग में कम से कम 8 लोगों की मौत हुई। इनमें 6 की मौत जलने से और 2 की मौत सिर में चोट लगने से हुई।
यह बस कहाँ से कहाँ जा रही थी और इसमें कितने यात्री थे?
हंस ट्रैवल्स इंदौर की यह स्लीपर बस हरिद्वार से इंदौर जा रही थी और इसमें करीब 37 तीर्थयात्री सवार थे। दुर्घटना दौसा जिले के कोलवा थाना क्षेत्र में हुई।
दुर्घटना का कारण क्या बताया जा रहा है?
एसपी पीयूष दीक्षित के अनुसार, दोनों वाहन सड़क के सीधे हिस्से पर चल रहे थे। अधिकारियों को आशंका है कि किसी अन्य वाहन के ओवरटेक करने की कोशिश में बस और ट्रक आपस में टकरा गए। जाँच जारी है।
घायल यात्रियों का इलाज कहाँ हो रहा है?
22 घायल यात्रियों को दौसा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। 4 यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।
इस हादसे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया क्या रही?
कांग्रेस सांसद मुरारीलाल मीणा घटनास्थल पर पहुँचे और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सरकार से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं के कारणों की जाँच के लिए एक समिति गठित करने की माँग की।
राष्ट्र प्रेस
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