क्या संसद का सदस्य बनना मेरे लिए गर्व की बात है? : हर्षवर्धन श्रृंगला

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क्या संसद का सदस्य बनना मेरे लिए गर्व की बात है? : हर्षवर्धन श्रृंगला

सारांश

हर्षवर्धन श्रृंगला ने संसद सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद गर्व व्यक्त किया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और सांसदों के एकजुटता की चर्चा की। आइए जानते हैं उनके विचार और अनुभव।

मुख्य बातें

हर्षवर्धन श्रृंगला ने संसद सदस्य बनने पर गर्व महसूस किया।
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को साझा किया।
संसद में बड़े मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
राजनीतिक एकजुटता राष्ट्रीय हितों के लिए महत्वपूर्ण है।
भारत किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।

नई दिल्ली, 21 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने के उपरांत हर्षवर्धन श्रृंगला ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संसद का सदस्य बनना मेरे लिए अत्यंत गर्व की बात है।

उन्होंने कहा, "संसद का सदस्य बनना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। मैं राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने मुझ पर विश्वास जताया और इस जिम्मेदारी के लिए मुझे सक्षम माना। शपथ ग्रहण करने के बाद हमने अन्य सांसदों से मुलाकात की और संसदीय प्रक्रिया व प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की। यह अनुभव बेहद प्रेरणादायक रहा और हम अपने अनुभव के आधार पर देश व जनता के हित में संसदीय प्रक्रिया में योगदान देने के लिए तत्पर हैं।"

श्रृंगला ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर पूरी तरह सफल रहा। हमने जो लक्ष्य निर्धारित किए थे, उन्हें हासिल किया। इजरायल और ईरान के बीच कभी कोई स्पष्ट परिणाम नहीं निकला था। हमारी सेना ने शुरू से ही आतंकवादियों को प्रभावी ढंग से निशाना बनाया। पहले दिन हमने अपने उद्देश्यों को अच्छी तरह हासिल किया। जब पाकिस्तान ने हमले बढ़ाए, तो हमने दृढ़ता और निर्णायक रूप से जवाब दिया। मुंहतोड़ जवाब के बाद पाकिस्तान को संघर्ष विराम का प्रस्ताव देना पड़ा।"

श्रृंगला ने ऑल पार्टी डेलिगेशन के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों ने राष्ट्रीय हितों के लिए एकजुटता दिखाई। हमारा संदेश स्पष्ट था और पूरे देश ने इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाई है। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने भारत की ताकत और दृढ़ता को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि संसद में छोटे मुद्दों को उठाने के बजाय बड़े परिप्रेक्ष्य को देखना चाहिए। भारत भविष्य में किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

हर्षवर्धन श्रृंगला का संसद में शामिल होना एक महत्वपूर्ण घटना है, जो न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए, बल्कि देश के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह दर्शाता है कि कैसे विभिन्न दलों के सांसद एकजुट होकर राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार कर सकते हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हर्षवर्धन श्रृंगला ने किस दिन शपथ ली?
हर्षवर्धन श्रृंगला ने 21 जुलाई को शपथ ली।
उन्होंने किस ऑपरेशन की सफलता की बात की?
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की बात की।
क्या उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया?
जी हाँ, उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया।
राष्ट्र प्रेस
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