30 सितंबर 2026
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हरियाणा CM नायब सिंह सैनी का लक्ष्य: 2030 तक टैक्स रेवेन्यू GDP का 10%, बिना अतिरिक्त कर बोझ के

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हरियाणा CM नायब सिंह सैनी का लक्ष्य: 2030 तक टैक्स रेवेन्यू GDP का 10%, बिना अतिरिक्त कर बोझ के

सारांश

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में राष्ट्रीय सम्मेलन में राज्य की राजस्व व्यवस्था को नागरिकों पर बोझ डाले बिना सुदृढ़ करने का संकल्प दोहराया — 2030 तक GSDP का 10% और 2047 तक 15% कर राजस्व का लक्ष्य, विकसित भारत के राष्ट्रीय संकल्प के साथ तालमेल में।

मुख्य बातें

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 30 सितंबर को चंडीगढ़ में 'कर एवं राजस्व सुदृढ़ीकरण' विषयक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया।
लक्ष्य: 2030 तक राज्य का कर राजस्व GSDP का 10% और 2047 तक 15% करना।
नागरिकों पर कोई अतिरिक्त कर बोझ नहीं — दक्षता और तकनीक से राजस्व बढ़ाने की रणनीति।
भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ.
अनंत नागेश्वरन वर्चुअल माध्यम से सम्मेलन में शामिल हुए।
हरियाणा विजन 2047 को 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप बताया गया।
सीएम ने PMDA अधिकारियों के साथ पंचकूला को मॉडल शहर बनाने पर भी चर्चा की।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 30 सितंबर को चंडीगढ़ में आयोजित 'कर एवं राजस्व सुदृढ़ीकरण' विषयक राष्ट्रीय सम्मेलन में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य नागरिकों पर कोई अतिरिक्त कर का बोझ डाले बिना हरियाणा की वित्तीय क्षमता और राजस्व व्यवस्था को मज़बूत करना है। उन्होंने 2030 तक राज्य के अपने कर राजस्व को सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के 10 प्रतिशत और 2047 तक 15 प्रतिशत तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया।

राष्ट्रीय सम्मेलन में क्या हुआ

चंडीगढ़ में आयोजित इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से नीति-निर्माता, कर प्रशासक, अर्थशास्त्री, शिक्षाविद और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ एकत्रित हुए। भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन वर्चुअल माध्यम से सम्मेलन में शामिल हुए और अपना मार्गदर्शन प्रदान किया। मुख्यमंत्री सैनी ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह विचार-मंथन हरियाणा को नई आर्थिक ऊँचाइयों तक ले जाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

हरियाणा विजन 2047 से जुड़ाव

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य का 'हरियाणा विजन डॉक्यूमेंट 2047' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तैयार किए गए 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि इस विज़न दस्तावेज़ में एक सुदृढ़ और टिकाऊ राजस्व व्यवस्था का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पारदर्शिता, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देना राज्य की प्राथमिकता बताई गई।

राजस्व लक्ष्य और रणनीति

सैनी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की रणनीति करों में वृद्धि के बजाय राजस्व प्रणाली की दक्षता और विस्तार पर केंद्रित है। 2030 तक GSDP के 10% और 2047 तक 15% कर राजस्व का लक्ष्य इस दिशा में एक ठोस रोडमैप प्रस्तुत करता है। गौरतलब है कि यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हुआ है जब राज्य सरकारें केंद्रीय करों पर निर्भरता कम कर अपने स्वयं के राजस्व स्रोतों को विकसित करने की दिशा में काम कर रही हैं।

पंचकूला विकास पर बैठक

सम्मेलन के अतिरिक्त, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण (PMDA) के अधिकारियों के साथ बैठक कर पंचकूला के समग्र एवं सुनियोजित विकास पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को शहर की स्वच्छता, बुनियादी ढाँचे और आधुनिक शहरी सुविधाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। सैनी ने कहा कि पंचकूला को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक स्वच्छ, सुंदर और मॉडल शहर के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

आगे की राह

इस सम्मेलन में हुए विचार-विमर्श के आधार पर राज्य की कर नीति में सुधार के सुझाव तैयार किए जाने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक-आधारित कर प्रशासन और डेटा विश्लेषण के माध्यम से राजस्व रिसाव को रोकना इस लक्ष्य की प्राप्ति में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि मौजूदा कर आधार और अनुपालन ढाँचे में सुधार के बिना यह लक्ष्य कैसे हासिल होगा। हरियाणा जैसे औद्योगिक रूप से विकसित राज्य में भी GSDP के सापेक्ष कर राजस्व की दर में सुधार की गुंजाइश है, लेकिन इसके लिए केवल सम्मेलन नहीं, बल्कि ठोस प्रशासनिक सुधार चाहिए। 2047 का लक्ष्य दूरदर्शी है, पर इसकी विश्वसनीयता 2030 के मध्यवर्ती लक्ष्य की प्राप्ति पर निर्भर करेगी — जिसकी जवाबदेही का कोई स्वतंत्र सत्यापन तंत्र अभी तक सामने नहीं आया है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा के राजस्व सुदृढ़ीकरण सम्मेलन में क्या घोषणा हुई?
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 30 सितंबर को चंडीगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में 2030 तक हरियाणा के कर राजस्व को GSDP के 10% और 2047 तक 15% तक पहुँचाने का लक्ष्य घोषित किया। यह लक्ष्य नागरिकों पर कोई अतिरिक्त कर बोझ डाले बिना हासिल करने की बात कही गई।
हरियाणा विजन 2047 क्या है?
हरियाणा विजन 2047 राज्य सरकार का दीर्घकालिक विकास दस्तावेज़ है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें एक मज़बूत और टिकाऊ राजस्व व्यवस्था का लक्ष्य शामिल है।
सम्मेलन में डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन की क्या भूमिका रही?
भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन वर्चुअल माध्यम से इस राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हुए और प्रतिभागियों को मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने सम्मेलन को संबोधित भी किया।
पंचकूला के विकास को लेकर सीएम सैनी ने क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री सैनी ने PMDA अधिकारियों के साथ बैठक में पंचकूला को स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक सुविधाओं वाले मॉडल शहर के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। शहर की स्वच्छता, बुनियादी ढाँचे और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।
हरियाणा सरकार बिना कर बढ़ाए राजस्व कैसे बढ़ाएगी?
सरकार की रणनीति पारदर्शिता, तकनीक और नवाचार के माध्यम से कर प्रशासन को अधिक दक्ष बनाने पर केंद्रित है। राजस्व रिसाव रोकना और कर आधार का विस्तार करना इस लक्ष्य के प्रमुख साधन बताए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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