क्या हरियाणा की रेवाड़ी पुलिस ने मोहन हत्याकांड के मुख्य आरोपी को मुठभेड़ में पकड़ा?
सारांश
Key Takeaways
- रेवाड़ी पुलिस ने मोहन हत्याकांड के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया।
- यह कार्रवाई 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत की गई।
- मुठभेड़ में पुलिस के दो अधिकारी बाल-बाल बचे।
- सोनू पर 22 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
- जयप्रकाश ने हत्या की साजिश रची थी।
रेवाड़ी, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा के रेवाड़ी जिले की पुलिस ने मोहन हत्याकांड के मुख्य आरोपी को एक मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया है। रेवाड़ी पुलिस ने धारूहेड़ा सीआईए और हरियाणा एसटीएफ के साथ मिलकर इस कुख्यात हिस्ट्रीशीटर सोनू को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है। अपराधियों के खिलाफ अपनी 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत, रेवाड़ी पुलिस ने दो दिनों में यह दूसरा बड़ा एनकाउंटर किया है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस टीम बदमाश जयभगवान उर्फ सोनू का पीछा कर रही थी। जब वह दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित गांव खरखड़ा में घिरा, तो उसने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें सोनू को दो गोलियां लगीं। इस मुठभेड़ में धारूहेड़ा सीआईए इंचार्ज योगेश और एसटीएफ सब-इंस्पेक्टर विवेक भी बाल-बाल बचे, क्योंकि उन्होंने बुलेट प्रूफ जैकेट पहनी हुई थी।
घायल बदमाश को तुरंत रेवाड़ी के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी सोनू मूल रूप से सोनीपत का निवासी है और एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ 22 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें आधा दर्जन हत्या के मामले भी शामिल हैं। 23 दिसंबर को कोसली के गांव बहाला में खाद-बीज विक्रेता मोहन की हत्या में भी सोनू शामिल था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मोहन की हत्या की साजिश जयप्रकाश ने रची थी, जिसने सोनू को सुपारी देकर मोहन की हत्या करवाई। पुलिस ने जयप्रकाश को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है।
रेवाड़ी के एसपी हेमेंद्र मीणा ने स्पष्ट किया है कि रेवाड़ी पुलिस सरकार की अपराध पर 'जीरो टॉलरेंस' नीति का पालन कर रही है। अपराधी चाहे कितना भी शातिर हो, वह पुलिस की गिरफ्त से नहीं बच सकेगा और जल्द ही सलाखों के पीछे होगा।