क्या दिसंबर में ऑटो सेल्स ने रिकॉर्ड बढ़त देखी? कारों की बिक्री ऑल-टाइम हाई पर पहुंची

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क्या दिसंबर में ऑटो सेल्स ने रिकॉर्ड बढ़त देखी? कारों की बिक्री ऑल-टाइम हाई पर पहुंची

सारांश

दिसंबर में ऑटो सेल्स ने नए रिकॉर्ड स्थापित किए हैं, जिसमें पैसेंजर और दोपहिया वाहनों की बिक्री में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई। यह वृद्धि आर्थिक नीतियों का सकारात्मक प्रभाव दर्शाती है, जिसका लाभ उपभोक्ताओं को मिल रहा है।

Key Takeaways

  • दिसंबर में ऑटो सेल्स में रिकॉर्ड बढ़त।
  • पैसेंजर और दोपहिया वाहनों की बिक्री में मजबूती।
  • सालाना आधार पर 27 प्रतिशत की वृद्धि।
  • आर्थिक नीतियों का सकारात्मक प्रभाव।
  • वाहनों का निर्यात भी सबसे ऊंचे स्तर पर।

नई दिल्ली, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिसंबर में ऑटो सेल्स में रिकॉर्ड बढ़त देखने को मिली है और पैसेंजर वाहनों के साथ-साथ दोपहिया वाहनों की बिक्री में भी मजबूती आई है।

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर में थोक पैसेंजर वाहनों (मैन्युफैक्चरर्स से डीलर्स तक) की बिक्री में सालाना आधार पर करीब 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

दिसंबर 2025 में 3,99,216 यूनिट्स पैसेंजर वाहनों की बिक्री हुई है, जो पिछले साल की समान अवधि में 3,14,934 यूनिट्स से 26.8 प्रतिशत अधिक है।

दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री सालाना आधार पर 39 प्रतिशत बढ़कर 15,41,036 यूनिट्स तक पहुंच गई है, जो पिछले साल समान अवधि में 11,05,565 यूनिट्स थी। तिपहिया वाहनों की थोक बिक्री भी सालाना आधार पर 17 प्रतिशत बढ़कर 61,924 यूनिट्स रही है, जो दिसंबर 2024 में 52,733 यूनिट्स थी।

सियाम के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर-दिसंबर की अवधि (वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही) में पैसेंजर वाहनों की थोक बिक्री 12.76 लाख यूनिट्स रही है, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसमें पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 20.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

2025 (जनवरी-दिसंबर) में कुल पैसेंजर वाहनों की थोक बिक्री 44.90 लाख यूनिट्स रही है, जो अब तक की वार्षिक बिक्री का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसमें सालाना आधार पर 5 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।

जनवरी-दिसंबर में इस अवधि में देश से 8.63 लाख पैसेंजर वाहनों का निर्यात किया गया है, जो अब तक का सबसे बड़ा निर्यात आंकड़ा है। इसमें सालाना आधार पर 16 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।

सियाम के अनुसार, इस मजबूत वृद्धि का कारण आयकर में कटौती, जीएसटी 2.0 और आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कटौती हैं, इन सभी का ग्राहकों की धारणा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि ऑटो उद्योग की यह वृद्धि केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह उपभोक्ता विश्वास और आर्थिक नीतियों का प्रभाव भी दर्शाती है। यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
NationPress
13/01/2026

Frequently Asked Questions

दिसंबर में ऑटो सेल्स में वृद्धि का मुख्य कारण क्या है?
इस वृद्धि का मुख्य कारण आयकर में कटौती, जीएसटी 2.0 और आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कमी है।
पैसेंजर वाहनों की बिक्री में कितनी प्रतिशत वृद्धि हुई?
पैसेंजर वाहनों की बिक्री में सालाना आधार पर करीब 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
दोपहिया वाहनों की बिक्री में कितनी वृद्धि हुई है?
दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री में सालाना आधार पर 39 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
2025 में कुल पैसेंजर वाहनों की बिक्री कितनी रही?
2025 में कुल पैसेंजर वाहनों की थोक बिक्री 44.90 लाख यूनिट्स रही है।
इस वृद्धि का उपभोक्ताओं पर क्या प्रभाव पड़ा है?
इस वृद्धि ने उपभोक्ताओं के विश्वास को बढ़ाया है और उन्हें नए वाहन खरीदने के लिए प्रेरित किया है।
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