इंडिगो एयरलाइन में बड़ा बदलाव: सीईओ पीटर एल्बर्स का इस्तीफा
सारांश
Key Takeaways
- पीटर एल्बर्स का इस्तीफा एयरलाइन के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
- राहुल भाटिया अंतरिम सीईओ के रूप में कार्यभार संभालेंगे।
- इंडिगो ने 500 नए विमानों का ऑर्डर दिया।
- पिछले साल दिसंबर में आए फ्लाइट संकट ने स्थिति को प्रभावित किया।
- कंपनी की आमदनी 10 अरब डॉलर से अधिक हो गई।
नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हालिया जानकारी के अनुसार, भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह निर्णय पिछले साल दिसंबर में आए एयरलाइन के सबसे गंभीर फ्लाइट संकट के कुछ महीनों बाद लिया गया है, जैसा कि इंडिगो को चलाने वाली कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड ने बताया।
स्टॉक एक्सचेंज को भेजे गए एक बयान में कंपनी ने कहा कि राहुल भाटिया, जो कि कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, फिलहाल अंतरिम रूप से एयरलाइन के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि पीटर एल्बर्स अब तत्काल प्रभाव से इंडिगो के सीईओ पद से हट चुके हैं। उनके योगदान के लिए कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने उन्हें धन्यवाद दिया और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
राहुल भाटिया तब तक एयरलाइन के प्रबंधन का कार्यभार संभालेंगे जब तक कि नए नेतृत्व की घोषणा नहीं की जाती। उम्मीद है कि बहुत ही जल्द नए सीईओ का ऐलान किया जाएगा।
बोर्ड के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने कहा कि राहुल भाटिया का प्रबंधन संभालना कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो कार्य संस्कृति को मजबूत करने और ग्राहकों को बेहतर सेवा देने में सहायक होगा।
राहुल भाटिया ने कहा कि उन्होंने 22 साल पहले इंडिगो की स्थापना की थी और इसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उनके ऊपर है, जो देश, ग्राहकों, कर्मचारियों और निवेशकों के प्रति उनकी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
करीब तीन साल पहले इंडिगो के सीईओ बने पीटर एल्बर्स के कार्यकाल के दौरान एयरलाइन ने तेज़ी से विस्तार किया। उनके नेतृत्व में कंपनी की आमदनी 10 अरब डॉलर से अधिक हो गई और एयरलाइन का फ्लीट 440 विमानों से अधिक हो गया।
इसी दौरान, इंडिगो ने एयरबस के साथ ए320 फैमिली के 500 विमानों का एक ऐतिहासिक ऑर्डर भी दिया, जिसे विमानन के इतिहास में सबसे बड़े ऑर्डरों में से एक माना जाता है।
हालांकि, इन सफलताओं के बावजूद, दिसंबर 2025 में आए बड़े परिचालन संकट ने उनके कार्यकाल को प्रभावित किया। यह संकट तब उत्पन्न हुआ जब एयरलाइन को पायलटों की थकान रोकने के लिए बनाए गए नए नियमों को लागू करने में कठिनाई आई।
3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो ने 2,500 से अधिक उड़ानें रद्द कर दीं, और लगभग 1,900 उड़ानों में देरी हुई, जिससे देश भर में 3 लाख से अधिक यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।