क्या हरियाणा सरकार ने धोखाधड़ी के चलते आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक को डि-एम्पैनल किया?

Click to start listening
क्या हरियाणा सरकार ने धोखाधड़ी के चलते आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक को डि-एम्पैनल किया?

सारांश

हरियाणा सरकार ने 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक को डि-एम्पैनल किया है। यह निर्णय सभी सरकारी लेन-देन पर प्रभाव डालेगा। जानिए इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे की वजह।

Key Takeaways

  • 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है।
  • आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक को डि-एम्पैनल किया गया है।
  • सरकार ने सभी विभागों को इन बैंकों से लेन-देन बंद करने का निर्देश दिया है।
  • चार बैंक अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
  • फॉरेंसिक ऑडिट किया जाएगा।

नई दिल्ली, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा सरकार ने लगभग 590 करोड़ रुपये की संदिग्ध वित्तीय अनियमितता के सामने आने के बाद आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक को तुरंत प्रभाव से सरकारी कार्यों से डि-एम्पैनल कर दिया है।

सरकार द्वारा जारी आधिकारिक परिपत्र में उल्लेख किया गया है कि अगले आदेश तक ये दोनों बैंक हरियाणा में किसी भी सरकारी लेन-देन में भाग नहीं ले सकेंगे। सभी विभागों, बोर्डों, निगमों और सार्वजनिक उपक्रमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन बैंकों में जमा, निवेश या अन्य वित्तीय लेन-देन को तुरंत रोक दें।

इसके अलावा, संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे इन बैंकों में मौजूद शेष राशि को तुरंत अन्य अधिकृत बैंकों में स्थानांतरित करें और उनके खाते बंद करें।

वित्त विभाग ने सावधि जमा (एफडी) से संबंधित निर्देशों के पालन में गंभीर चूक की ओर संकेत किया है। विभाग के अनुसार, कुछ मामलों में जिन धनराशियों को फ्लेक्सी डिपॉजिट या उच्च ब्याज वाली एफडी योजनाओं में रखा जाना था, उन्हें कथित तौर पर बचत खातों में रखा गया, जिससे राज्य को कम ब्याज मिला और वित्तीय नुकसान हुआ।

सरकार ने सभी विभागों को स्वीकृत जमा शर्तों का सख्ती से पालन करने, बैंकों द्वारा अनुपालन की नियमित जांच करने, मासिक मिलान (रीकंसिलिएशन) करने और किसी भी गड़बड़ी की तत्काल रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है।

सभी खातों का मिलान 31 मार्च 2026 तक पूरा करने और 4 अप्रैल 2026 तक प्रमाणित अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

यह कार्रवाई तब की गई जब आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने नियामकीय फाइलिंग में खुलासा किया कि उसके चंडीगढ़ शाखा के माध्यम से संचालित हरियाणा सरकार से जुड़े कुछ खातों में लगभग 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का पता चला है।

बैंक के अनुसार, प्रारंभिक जांच में शाखा के कुछ कर्मचारियों द्वारा अनधिकृत और धोखाधड़ीपूर्ण गतिविधियों के संकेत मिले हैं, जिनमें अन्य व्यक्तियों या संस्थाओं की संलिप्तता भी संभव है।

मामला तब सामने आया जब हरियाणा सरकार के एक विभाग ने अपना खाता बंद कर शेष राशि को दूसरे बैंक में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया। इस प्रक्रिया के दौरान खाते में दर्ज राशि और वास्तविक शेष में अंतर पाया गया। 18 फरवरी से अन्य सरकारी खातों में भी इसी प्रकार की विसंगतियां सामने आईं।

बैंक ने स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक आंतरिक जांच के अनुसार यह मामला केवल चंडीगढ़ शाखा द्वारा संचालित हरियाणा सरकार से जुड़े कुछ खातों तक सीमित है और अन्य ग्राहकों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।

पहचाने गए खातों में कुल मिलानाधीन राशि लगभग 590 करोड़ रुपये आंकी गई है। अंतिम राशि आगे की जांच और संभावित वसूली के बाद तय होगी।

मामले की जांच लंबित रहने तक चार बैंक अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। बैंक ने कहा है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक, दीवानी और आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।

साथ ही, संदिग्ध खातों में शेष राशि पर रोक (लियन मार्क) लगाने के लिए संबंधित लाभार्थी बैंकों को रिकॉल अनुरोध भेजे गए हैं। वैधानिक ऑडिटरों को सूचित कर दिया गया है और एक स्वतंत्र बाहरी एजेंसी से फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाएगा।

Point of View

बल्कि वित्तीय संस्थानों के प्रति जनता के विश्वास को भी बनाए रखने का प्रयास है।
NationPress
24/02/2026

Frequently Asked Questions

हरियाणा सरकार ने क्यों बैंक को डि-एम्पैनल किया?
हरियाणा सरकार ने 590 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता के कारण आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक को डि-एम्पैनल किया है।
इस कार्रवाई का प्रभाव क्या होगा?
इस कार्रवाई के चलते इन बैंकों से सभी सरकारी लेन-देन बंद हो जाएंगे, जिससे उनके वित्तीय संचालन पर असर पड़ेगा।
क्या बैंक पर कोई और कार्रवाई की जाएगी?
हाँ, यदि बैंक के अधिकारियों को दोषी पाया गया, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक और आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।
Nation Press