क्या पश्चिम बंगाल में एक और बीएलओ की मौत एसआईआर के दबाव के कारण हुई?

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क्या पश्चिम बंगाल में एक और बीएलओ की मौत एसआईआर के दबाव के कारण हुई?

सारांश

पश्चिम बंगाल में एक और बूथ लेवल ऑफिसर की मौत ने सवाल उठाए हैं कि क्या विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य के दबाव ने उनकी जान ली। परिवार का आरोप है कि यह काम अवसाद और तनाव का कारण बना। क्या जिम्मेदारियों का बोझ बीएलओ के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है?

Key Takeaways

  • पश्चिम बंगाल में एक और बीएलओ की मौत हुई।
  • परिवार ने एसआईआर कार्य के दबाव का आरोप लगाया।
  • मृतक की पहचान आशीष धर के रूप में हुई।
  • बीएलओ का तनाव और अवसाद परिलक्षित हुआ।
  • राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

कोलकाता, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में शनिवार को एक और बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की मौत हो गई। उनके परिवार का कहना है कि राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य से जुड़े दबाव के कारण उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया था। यह घटना उत्तरी बंगाल के कूच बिहार जिले में घटित हुई।

बीएलओ को शुक्रवार रात सीने में दर्द होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। परिवार का आरोप है कि वे एसआईआर संबंधित कर्तव्यों के दबाव के कारण बीमार पड़े थे और अवसाद से भी पीड़ित थे।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मृतक बीएलओ का नाम आशीष धर था, जो कूच बिहार-दो ब्लॉक के बनेश्वर क्षेत्र के इछामारी गांव के निवासी थे। वे क्षेत्र के बूथ संख्या 103 के प्रभारी थे।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि आशीष कई दिनों से एसआईआर कार्य के कारण तनाव में थे। शुक्रवार को जब उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की, तो परिवार के सदस्य उन्हें अस्पताल ले गए।

अस्पताल में इलाज चल रहा था, लेकिन भर्ती रहते हुए उनका निधन हो गया।

आशीष पुरबा गोपालपुर फोर्थ प्लान प्राइमरी स्कूल में सहायक शिक्षक थे। एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने के बाद से वे शिक्षण और बीएलओ दोनों जिम्मेदारियों को एक साथ निभा रहे थे, जिसके कारण उन्हें गंभीर तनाव और अवसाद हो गया था।

शनिवार को आशीष को अपने बूथ पर 39 लोगों की सुनवाई करनी थी। परिवार के सदस्यों ने बताया कि वे कार्यभार को लेकर चिंतित थे और उन्होंने बार-बार इस बात पर चिंता व्यक्त की थी कि वे सौंपे गए कार्यों को कैसे पूरा करेंगे।

आशीष के भाई दिलीप धर ने स्थानीय पत्रकारों को बताया, “कल रात वे काम से घर लौटे और खाना खा रहे थे। तभी उन्हें एक फोन आया। हमें समझ आया कि बातचीत सुनवाई प्रक्रिया के बारे में थी। फोन रखने के बाद उन्होंने बताया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। उन्हें सीने में दर्द हो रहा था और पसीना आ रहा था। हम तुरंत उन्हें अस्पताल ले गए। हालांकि, इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।”

आशीष की मृत्यु की खबर के बाद तृणमूल कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अभिजीत डे भौमिक ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और आरोप लगाया कि आशीष एसआईआर के काम के दबाव को सहन नहीं कर पा रहे थे।

अभिजीत ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देशों पर चुनाव आयोग बंगालियों को दंडित करने के लिए इन लोगों पर अमानवीय दबाव डाल रहा है।

हालांकि, जिला भाजपा अध्यक्ष अभिजीत बर्मन ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि एसआईआर कार्य का पहला चरण पूरा हो चुका है। अब सुनवाई चल रही है। बीएलओ सुनवाई नहीं कर रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि इस स्तर पर उन पर कोई दबाव होना चाहिए।

Point of View

बल्कि पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

बीएलओ की मौत का कारण क्या है?
बीएलओ की मौत का कारण विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य से संबंधित दबाव बताया जा रहा है।
कौन थे deceased बीएलओ?
मृतक बीएलओ का नाम आशीष धर था, जो कूच बिहार जिले के निवासी थे।
क्या परिवार के आरोप सही हैं?
परिवार का आरोप है कि आशीष अवसाद और तनाव से पीड़ित थे, जो एसआईआर कार्य के दबाव के कारण था।
क्या कोई राजनीतिक प्रतिक्रिया आई है?
जिला अध्यक्ष अभिजीत डे भौमिक ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत अमानवीय दबाव डाला जा रहा है।
क्या बीजेपी ने आरोप का खंडन किया है?
भाजपा अध्यक्ष अभिजीत बर्मन ने आरोप को खारिज करते हुए कहा कि एसआईआर कार्य का पहला चरण पूरा हो चुका है।
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