क्या पश्चिम बंगाल नगरपालिका भर्ती मामले में सीबीआई ने अंतिम आरोपपत्र दाखिल किया?

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क्या पश्चिम बंगाल नगरपालिका भर्ती मामले में सीबीआई ने अंतिम आरोपपत्र दाखिल किया?

सारांश

पश्चिम बंगाल में नगरपालिका भर्ती घोटाले के मामले में सीबीआई ने अपना अंतिम आरोपपत्र दाखिल किया है, जिसमें प्रमुख आरोपी आईएएस अधिकारी ज्योतिष्मन चट्टोपाध्याय का नाम शामिल है। यह घोटाला राज्य के शहरी विकास विभाग में भ्रष्टाचार को उजागर करता है।

Key Takeaways

  • सीबीआई ने अंतिम आरोपपत्र दाखिल किया है।
  • आईएएस अधिकारी ज्योतिष्मन चट्टोपाध्याय आरोपी हैं।
  • नगरपालिकाओं में भर्ती के लिए करोड़ों का रिश्वत घोटाला।
  • प्रवर्तन निदेशालय भी इस मामले में जांच कर रहा है।
  • भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

कोलकाता, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में नगरपालिकाओं की भर्ती के लिए करोड़ों रुपए के रिश्वत घोटाले में कोलकाता की एक विशेष अदालत में अपना अंतिम आरोपपत्र प्रस्तुत किया।

इस आरोपपत्र में सीबीआई ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी ज्योतिष्मन चट्टोपाध्याय को आरोपी ठहराया है।

चट्टोपाध्याय पश्चिम बंगाल स्थानीय निकाय निदेशालय और राज्य के नगर निगम एवं शहरी विकास विभाग में प्रमुख पदों पर कार्यरत थे।

पश्चिम बंगाल स्थानीय निकाय निदेशालय शहरी नागरिक निकायों में भर्तियों के लिए प्राथमिक निर्णय लेने का प्राधिकृत निकाय है।

सूत्रों के अनुसार, सीबीआई ने चट्टोपाध्याय के निवास पर छापेमारी की थी, जहां उन्होंने नगरपालिकाओं में भर्ती घोटाले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए थे।

अंतिम आरोपपत्र में बिचौलिए अयान शिल के स्वामित्व वाली कंपनी एबीएस इंफोजोन प्राइवेट लिमिटेड को भी आरोपी बनाया गया है। शिल इस घोटाले का प्रमुख बिचौलिए माना जाता है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को इस घोटाले का पता सबसे पहले दो वर्ष पूर्व शिल के निवास पर छापेमारी के दौरान चला था। यह छापेमारी पश्चिम बंगाल में स्कूल में भर्ती के बदले नकद भुगतान के मामले में की गई थी।

इसके बाद, कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देशों पर सीबीआई ने नगरपालिकाओं में भर्ती अनियमितताओं की जांच आरंभ की। सीबीआई ने बाद में शिल को गिरफ्तार किया।

सीबीआई और ईडी दोनों संगठन नगर पालिकाओं और स्कूल में भर्ती से जुड़े मामलों की समानांतर जांच कर रहे हैं। उन्होंने शिल के नाम पर 100 करोड़ रुपए से अधिक की अनधिकृत संपत्ति का पता लगाया है।

पिछले साल अक्टूबर में ईडी ने जांचकर्ताओं को अपराध की आय को डायवर्ट करने के लिए फर्जी कंपनियों की संलिप्तता के बारे में जानकारी दी थी।

इन सूचनाओं के आधार पर, ईडी ने अक्टूबर में उत्तरी कोलकाता के बेलियाघाटा समेत कई स्थानों पर छापेमारी की।

Point of View

बल्कि यह पूरे देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी भेजता है। सीबीआई की कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता है।
NationPress
02/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या इस मामले में आईएएस अधिकारी पर कार्रवाई होगी?
हाँ, सीबीआई ने इस मामले में आईएएस अधिकारी ज्योतिष्मन चट्टोपाध्याय को आरोपी बनाया है और उनकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है।
यह घोटाला किस प्रकार के भ्रष्टाचार से संबंधित है?
यह घोटाला नगरपालिकाओं में भर्ती के लिए रिश्वतखोरी से संबंधित है, जिसमें करोड़ों रुपए का लेनदेन शामिल है।
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