क्या विदेश मंत्री जयशंकर और ईरानी समकक्ष के बीच हुई बातचीत?
सारांश
Key Takeaways
- भारत और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच महत्वपूर्ण वार्ता हुई।
- भारत ने ईरान के लिए यात्रा परामर्श जारी किया है।
- ईरान में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं।
- अमेरिका ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी है।
- स्थानीय हालात पर नजर रखना जरूरी है।
नई दिल्ली, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच बुधवार की रात फोन पर बातचीत का आयोजन हुआ। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने ईरान में विकसित हो रही स्थिति पर चर्चा की।
इस वार्ता की जानकारी देते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया। हमने ईरान और उसके आसपास के हालात पर चर्चा की।”
यह बातचीत उस समय हुई है, जब भारत सरकार ने हाल ही में ईरान में घटनाक्रम को देखते हुए भारतीय नागरिकों के लिए एक और यात्रा परामर्श जारी किया है।
सरकारी एडवाइजरी में कहा गया है, “ईरान में चल रहे हालात को देखते हुए भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।”
5 जनवरी को भारत ने पहले ही अपने नागरिकों को ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी थी।
विदेश मंत्रालय ने ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों से सतर्क रहने को कहा है। एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि वे प्रदर्शन और विरोध स्थलों से दूर रहें, स्थानीय हालात पर नज़र रखें और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल्स को नियमित रूप से फॉलो करें।
ईरान में रेजिडेंट वीजा पर रह रहे भारतीयों से यह भी अनुरोध किया गया है कि यदि उन्होंने अब तक ऐसा नहीं किया है, तो वे दूतावास में पंजीकरण कराएं।
ज्ञात हो कि ईरान के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनमें कई लोगों की जान जाने की खबर है। इससे न केवल देश में बल्कि पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
इस बीच, अमेरिका ने अपने नागरिकों को “तुरंत ईरान छोड़ने” की सलाह दी है। अमेरिकी प्रशासन ने नागरिकों को आर्मेनिया या तुर्की के रास्ते ईरान छोड़ने पर विचार करने के लिए कहा है।
ईरान में स्थित अमेरिकी वर्चुअल एंबेसी द्वारा जारी सुरक्षा अलर्ट में कहा गया है कि देशभर में प्रदर्शन तीव्र हो रहे हैं और ये हिंसक रूप ले सकते हैं। इसके चलते गिरफ्तारी, चोट, सुरक्षा सख्ती, सड़कों के बंद होने, सार्वजनिक परिवहन में रुकावट और इंटरनेट सेवाओं पर रोक जैसी स्थितियां बनी हुई हैं।
अलर्ट में यह भी बताया गया है कि कई एयरलाइंस ने ईरान आने-जाने वाली उड़ानों को सीमित या रद्द कर दिया है और कुछ ने 16 जनवरी तक सेवाएं निलंबित कर रखी हैं।
कुल मिलाकर, ईरान में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत समेत कई देशों ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है।