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क्या इंदौर में सीएम मोहन यादव ने पेयजल के लिए 800 करोड़ रुपये की योजना का भूमिपूजन किया?

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क्या इंदौर में सीएम मोहन यादव ने पेयजल के लिए 800 करोड़ रुपये की योजना का भूमिपूजन किया?

सारांश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर में 800 करोड़ रुपये की जल प्रदाय योजना का भूमिपूजन किया। यह योजना शुद्ध पेयजल की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए है। जानें इस महत्त्वपूर्ण परियोजना की खास बातें और इंदौर के विकास की दिशा में इसकी भूमिका।

मुख्य बातें

इंदौर में जल प्रदाय योजना का भूमिपूजन किया गया।
इसकी लागत 800 करोड़ रुपये है।
शुद्ध पेयजल उपलब्धता का मुख्य उद्देश्य है।
यह योजना इंदौर के विकास में सहायक होगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसका भूमिपूजन किया।

इंदौर, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश की प्रमुख व्यापारिक नगर इंदौर के निवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अमृत 2.0 इंदौर जलप्रदाय योजना (पैकेज-एक) के अंतर्गत 800 करोड़ रुपये से अधिक लागत की बहुप्रतीक्षित जल प्रदाय परियोजना का विधिवत भूमि-पूजन किया।

भूमि-पूजन के दौरान उन्होंने कहा कि इंदौर निरंतर प्रगति, विकास और नवाचार की दिशा में अग्रसर है। आज इंदौर देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में से एक बन चुका है। विकास, स्वच्छता, उद्योग, व्यापार और सुशासन के क्षेत्रों में इंदौर ने अपनी खास पहचान बनाई है, जिस पर पूरे मध्य प्रदेश को गर्व है। इंदौर की पहचान उसकी मेहनती जनता और विकासशील सोच से है। आज प्रदेश का हर जिला इंदौर जैसा बनना चाहता है।

उन्होंने कहा कि कठिन समय में सरकार, नगर निगम और प्रशासन ने पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ नागरिकों के साथ खड़े रहकर हरसंभव प्रयास किए। मुख्यमंत्री यादव ने मकर संक्रांति पर आयोजित कार्यक्रम में सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई जल जनित घटना ने सभी को दुखी किया है। आपदा के समय राजनीति करना इंदौर स्वीकार नहीं करेगा। सकारात्मक और रचनात्मक विपक्ष लोकतंत्र की शक्ति है, लेकिन पीड़ा पर राजनीति करना अनुचित है।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मालवा और निमाड़ क्षेत्र को नर्मदा जल से जोड़ने के लिए वर्षों संघर्ष करना पड़ा। सरदार सरोवर बांध को पूरा कर देश को जल सुरक्षा देने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। इसके माध्यम से सिंचाई क्षमता में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। मध्य प्रदेश में आज 56 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई संभव हो सकी है।

उन्होंने नदी जोड़ो परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्वती-दृकाली, सिंध, चंबल (पीकेसी) परियोजना राजस्थान और मध्य प्रदेश के लिए वरदान सिद्ध होगी। केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था, जिसे आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में साकार किया गया है।

उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के माध्यम से प्रत्येक गांव और शहर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना सरकार का संकल्प है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और राज्य सरकार के सहयोग से इंदौर आत्मनिर्भर बनकर आगे बढ़ रहा है। इंदौर प्रगति करेगा, सरकार पूरी मजबूती से इंदौर के साथ खड़ी है।

नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में नर्मदा जल आंदोलन और जल लाने की संघर्ष यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह इंदौर का ऐतिहासिक जन-आंदोलन था। नर्मदा जल परियोजना केवल एक योजना नहीं, बल्कि इंदौर की जनशक्ति और संकल्प का परिणाम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस योजना के माध्यम से इंदौर को एक नई पहचान मिलेगी।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस जल प्रदाय योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य इंदौर के नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है।
इस परियोजना की लागत कितनी है?
इस परियोजना की लागत 800 करोड़ रुपये से अधिक है।
कब और किसने इस योजना का भूमिपूजन किया?
इस योजना का भूमिपूजन 14 जनवरी को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया।
क्या यह योजना इंदौर के विकास में मदद करेगी?
हाँ, यह योजना इंदौर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
क्या इस योजना से अन्य क्षेत्रों पर भी प्रभाव पड़ेगा?
जी हाँ, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता से स्वास्थ्य और आर्थिक विकास में सुधार होगा।
राष्ट्र प्रेस
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