विजयधारणी का तीसरा सियासी पड़ाव: कांग्रेस, भाजपा के बाद अब टीवीके में शामिल
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु की वरिष्ठ नेता विजयधारणी, जो विलावनकोड विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुकी हैं, ने 13 जून 2026 को एक बार फिर राजनीतिक पाला बदलते हुए तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) की सदस्यता ग्रहण कर ली। चेन्नई के पनैयूर स्थित पार्टी मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में यह औपचारिक प्रवेश हुआ। यह उनका कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बाद तीसरा प्रमुख राजनीतिक ठिकाना है।
राजनीतिक सफर: कांग्रेस से भाजपा तक
विजयधारणी लंबे समय तक दक्षिण तमिलनाडु में कांग्रेस का प्रमुख चेहरा रहीं। वे राज्य विधानसभा में पार्टी की मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) और अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की महासचिव भी रह चुकी हैं। फरवरी 2024 में उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दिया, जिसे कन्याकुमारी जिले में पार्टी के लिए बड़ा झटका माना गया था।
कांग्रेस छोड़ने के बाद उन्होंने अपनी विधानसभा सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया और नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ली। यह कदम उस समय राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना था।
भाजपा में निराशा और हार
पार्टी सूत्रों के अनुसार, लगभग दो वर्षों तक भाजपा में रहने के बावजूद विजयधारणी को कोई महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं मिली। पूर्व कांग्रेस सांसद एच. वसंतकुमार के निधन के बाद कन्याकुमारी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का अवसर न मिलने से भी वे निराश बताई जाती हैं।
हालिया विधानसभा चुनाव में उन्हें अपने पारंपरिक गढ़ विलावनकोड से भाजपा उम्मीदवार के रूप में हार का सामना करना पड़ा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस समर्थक मतदाताओं की पार्टी के प्रति निष्ठा और क्षेत्र में टीवीके के उभरते प्रभाव ने उनकी पराजय में अहम भूमिका निभाई।
टीवीके में प्रवेश और साथी नेता
सूत्रों के मुताबिक, टीवीके में शामिल होने से पहले विजयधारणी को किसी विशेष पद का आश्वासन नहीं दिया गया। उनके साथ पूर्व एआईएडीएमके मंत्री पचामल, पूर्व सांसद बाला गंगा, वनरोजा, इलावरासन तथा एआईएडीएमके और एएमएमके के कई अन्य नेता भी टीवीके में शामिल हुए।
गौरतलब है कि चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा संगठन के कुछ वर्गों से अपेक्षित सहयोग न मिलने की नाराजगी के बाद उन्होंने पिछले कुछ महीनों में अन्य राजनीतिक विकल्प तलाशने शुरू कर दिए थे।
टीवीके को क्या मिलेगा फायदा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजयधारणी के शामिल होने से कन्याकुमारी जिले में टीवीके का संगठनात्मक आधार मजबूत होगा। दक्षिण तमिलनाडु में पार्टी को भविष्य के चुनावों में इससे लाभ मिल सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब टीवीके राज्य में अपनी उपस्थिति तेजी से विस्तारित कर रही है।