11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

विजयधारणी का तीसरा सियासी पड़ाव: कांग्रेस, भाजपा के बाद अब टीवीके में शामिल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
विजयधारणी का तीसरा सियासी पड़ाव: कांग्रेस, भाजपा के बाद अब टीवीके में शामिल

सारांश

कांग्रेस की पूर्व चीफ व्हिप और तीन बार की विधायक विजयधारणी ने भाजपा में दो साल बिताने और विलावनकोड से हार के बाद टीवीके का दामन थामा। यह दलबदल कन्याकुमारी में टीवीके को नई ताकत देता है और दक्षिण तमिलनाडु की बदलती सियासी जमीन को दर्शाता है।

मुख्य बातें

विजयधारणी ने 13 जून 2026 को चेन्नई के पनैयूर स्थित मुख्यालय में तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) की सदस्यता ग्रहण की।
वे विलावनकोड विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक और कांग्रेस की मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) रह चुकी हैं।
फरवरी 2024 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुई थीं; लगभग दो वर्षों में कोई महत्वपूर्ण पद नहीं मिला।
हालिया विधानसभा चुनाव में विलावनकोड से भाजपा उम्मीदवार के रूप में हार का सामना करना पड़ा।
उनके साथ पूर्व एआईएडीएमके मंत्री पचामल , पूर्व सांसद बाला गंगा सहित कई अन्य नेता भी टीवीके में शामिल हुए।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस प्रवेश से कन्याकुमारी जिले में टीवीके का संगठनात्मक आधार मजबूत होगा।

तमिलनाडु की वरिष्ठ नेता विजयधारणी, जो विलावनकोड विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुकी हैं, ने 13 जून 2026 को एक बार फिर राजनीतिक पाला बदलते हुए तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) की सदस्यता ग्रहण कर ली। चेन्नई के पनैयूर स्थित पार्टी मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में यह औपचारिक प्रवेश हुआ। यह उनका कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बाद तीसरा प्रमुख राजनीतिक ठिकाना है।

राजनीतिक सफर: कांग्रेस से भाजपा तक

विजयधारणी लंबे समय तक दक्षिण तमिलनाडु में कांग्रेस का प्रमुख चेहरा रहीं। वे राज्य विधानसभा में पार्टी की मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) और अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की महासचिव भी रह चुकी हैं। फरवरी 2024 में उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दिया, जिसे कन्याकुमारी जिले में पार्टी के लिए बड़ा झटका माना गया था।

कांग्रेस छोड़ने के बाद उन्होंने अपनी विधानसभा सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया और नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ली। यह कदम उस समय राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना था।

भाजपा में निराशा और हार

पार्टी सूत्रों के अनुसार, लगभग दो वर्षों तक भाजपा में रहने के बावजूद विजयधारणी को कोई महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं मिली। पूर्व कांग्रेस सांसद एच. वसंतकुमार के निधन के बाद कन्याकुमारी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का अवसर न मिलने से भी वे निराश बताई जाती हैं।

हालिया विधानसभा चुनाव में उन्हें अपने पारंपरिक गढ़ विलावनकोड से भाजपा उम्मीदवार के रूप में हार का सामना करना पड़ा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस समर्थक मतदाताओं की पार्टी के प्रति निष्ठा और क्षेत्र में टीवीके के उभरते प्रभाव ने उनकी पराजय में अहम भूमिका निभाई।

टीवीके में प्रवेश और साथी नेता

सूत्रों के मुताबिक, टीवीके में शामिल होने से पहले विजयधारणी को किसी विशेष पद का आश्वासन नहीं दिया गया। उनके साथ पूर्व एआईएडीएमके मंत्री पचामल, पूर्व सांसद बाला गंगा, वनरोजा, इलावरासन तथा एआईएडीएमके और एएमएमके के कई अन्य नेता भी टीवीके में शामिल हुए।

गौरतलब है कि चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा संगठन के कुछ वर्गों से अपेक्षित सहयोग न मिलने की नाराजगी के बाद उन्होंने पिछले कुछ महीनों में अन्य राजनीतिक विकल्प तलाशने शुरू कर दिए थे।

टीवीके को क्या मिलेगा फायदा

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजयधारणी के शामिल होने से कन्याकुमारी जिले में टीवीके का संगठनात्मक आधार मजबूत होगा। दक्षिण तमिलनाडु में पार्टी को भविष्य के चुनावों में इससे लाभ मिल सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब टीवीके राज्य में अपनी उपस्थिति तेजी से विस्तारित कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

टीवीके के लिए यह प्रवेश संख्याबल से अधिक कन्याकुमारी के सामाजिक नेटवर्क तक पहुँच का अवसर है — हालाँकि बिना पद-आश्वासन के किए गए इस प्रवेश की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजयधारणी कौन हैं और उनका राजनीतिक इतिहास क्या है?
विजयधारणी तमिलनाडु की वरिष्ठ नेता हैं जो विलावनकोड विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुकी हैं। वे कांग्रेस की राज्य विधानसभा में मुख्य सचेतक और अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की महासचिव भी रही हैं।
विजयधारणी ने टीवीके क्यों ज्वाइन की?
पार्टी सूत्रों के अनुसार, भाजपा में लगभग दो वर्षों तक कोई महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारी न मिलने और हालिया विधानसभा चुनाव में विलावनकोड से हार के बाद वे असंतुष्ट थीं। इन परिस्थितियों में उन्होंने टीवीके में राजनीतिक विकल्प तलाशा।
विजयधारणी ने भाजपा कब और क्यों छोड़ी?
विजयधारणी ने फरवरी 2024 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ली थी। लेकिन भाजपा में कोई उल्लेखनीय पद न मिलने और कन्याकुमारी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का मौका न मिलने के कारण वे निराश बताई जाती हैं।
टीवीके में विजयधारणी के साथ और कौन शामिल हुए?
उनके साथ पूर्व एआईएडीएमके मंत्री पचामल, पूर्व सांसद बाला गंगा, वनरोजा, इलावरासन तथा एआईएडीएमके और एएमएमके के कई अन्य नेता भी टीवीके में शामिल हुए।
विजयधारणी के टीवीके में शामिल होने से पार्टी को क्या फायदा होगा?
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इससे कन्याकुमारी जिले में टीवीके का संगठनात्मक आधार मजबूत होगा और दक्षिण तमिलनाडु में भविष्य के चुनावों में पार्टी को लाभ मिल सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले