मणिपुर के गृह मंत्री कोंथौजम गोविंददास सिंह ने भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ कार्य की समीक्षा की, सुरक्षा तेज करने के निर्देश
सारांश
Key Takeaways
- मणिपुर के गृह मंत्री कोंथौजम गोविंददास सिंह ने 28 अप्रैल 2026 को भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ कार्य और सुरक्षा की समीक्षा की।
- मणिपुर के 5 जिले म्यांमार के साथ 398 किलोमीटर की बिना बाड़ वाली सीमा साझा करते हैं।
- बाड़ परियोजना सीमा सड़क कार्य बल के 'प्रोजेक्ट सेवक' द्वारा चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वित की जा रही है।
- राज्यपाल अजय कुमार भल्ला और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन पहले ही इस विषय पर उच्च-स्तरीय बैठक कर चुके हैं।
- मुख्यमंत्री युमनम खेमचंद सिंह ने सीमा पर 143 गाँवों को वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-II के तहत विकसित करने की घोषणा की है।
मणिपुर के गृह मंत्री कोंथौजम गोविंददास सिंह ने मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को भारत-म्यांमार सीमा पर चल रहे बाड़ लगाने के कार्य और समग्र सीमा सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, बैठक में सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने और सीमावर्ती बुनियादी ढाँचे में तेज़ी लाने पर विशेष ज़ोर दिया गया।
बैठक का मुख्य एजेंडा
अधिकारियों ने बताया कि इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर चर्चा हुई — सीमा सुरक्षा को मज़बूत करना, विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाना, और सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास एवं बुनियादी ढाँचे के कार्यों में गति लाना। गृह मंत्री ने कहा कि वे एकजुट प्रयासों के माध्यम से मणिपुर में शांति, सुरक्षा और समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
बैठक में उखरुल, तेंगनौपाल, चंदेल और चुराचांदपुर जिलों के उपायुक्तों के साथ-साथ मणिपुर गृह विभाग, सीमा सड़क संगठन (BRO), सीमा सड़क कार्य बल और असम राइफल्स के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
398 किलोमीटर की खुली सीमा — चुनौती और संदर्भ
मणिपुर के पाँच जिले — चुराचांदपुर, तेंगनौपाल, चंदेल, कामजोंग और उखरुल — म्यांमार के साथ 398 किलोमीटर की बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं। यह खुला और पहाड़ी सीमा क्षेत्र मादक पदार्थों की तस्करी, उग्रवादियों और अन्य शत्रुतापूर्ण तत्वों की सीमा पार आवाजाही के लिए संवेदनशील माना जाता है।
गौरतलब है कि यह समीक्षा बैठक ऐसे समय में हुई है जब मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन पहले ही बाड़ लगाने की प्रगति और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर उच्च-स्तरीय बैठक कर चुके हैं।
बाड़ लगाने का कार्य — वर्तमान स्थिति
सीमा पर बाड़ लगाने की इस परियोजना का क्रियान्वयन सीमा सड़क कार्य बल के 'प्रोजेक्ट सेवक' द्वारा किया जा रहा है, जो नागालैंड और मणिपुर में सड़क निर्माण के लिए भी उत्तरदायी है। सीमा सड़क संगठन ने पिछले वर्ष तेंगनौपाल जिले में मोरेह शहर के निकट बाड़ लगाने के कार्य में तेज़ी लाई थी। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्य विभिन्न चरणों में पूरा किया जा रहा है।
वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-II से सीमावर्ती गाँवों को जोड़ने की योजना
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनम खेमचंद सिंह ने इससे पहले घोषणा की थी कि म्यांमार से लगी राज्य की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित 143 गाँवों का विकास 'वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-II' के तहत किया जाएगा। इस कार्यक्रम में बुनियादी ढाँचे, आजीविका के अवसरों और आवश्यक सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
आगे की राह
गृह मंत्री ने अधिकारियों को भारत-म्यांमार सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने और बाड़ लगाने से संबंधित कार्यों में तेज़ी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। सुरक्षा, विकास और बुनियादी ढाँचे के इस त्रिस्तरीय दृष्टिकोण से संकेत मिलता है कि राज्य सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों को दीर्घकालिक स्थिरता की दिशा में ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।