क्या जम्मू-कश्मीर के रामबन में बादल फटने से तीन लोगों की मौत हुई?

सारांश
Key Takeaways
- बाढ़ और बादल फटने से क्षेत्र में व्यापक नुकसान हुआ।
- तीन लोग की जान गई और पांच लोग लापता हैं।
- प्रशासन ने राहत शिविर स्थापित किए हैं।
- बचाव अभियान जारी है।
- बदतर मौसम की स्थिति से नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
जम्मू, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। रामबन जिले की राजगढ़ तहसील में शनिवार तड़के एक भयंकर बादल फटने की घटना में कम से कम तीन व्यक्तियों की जान चली गई और पांच अन्य लापता हैं।
घटना के तुरंत बाद, बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचे और लापता व्यक्तियों की खोज में तलाशी अभियान आरंभ कर दिया है। अब तक, तीन शव बरामद किए जा चुके हैं।
इस प्राकृतिक आपदा के कारण कई गांवों में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे स्थानीय निवासियों के घरों को भारी नुकसान हुआ और उनके दैनिक जीवन में बाधा उत्पन्न हुई।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रभावित परिवारों को तात्कालिक राहत पहुंचाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है। प्रशासन ने रिपोर्ट किया कि इस घटना में कई घर बिगड़ गए हैं और कुछ तो पूरी तरह से बह गए हैं।
बचाव दल लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं ताकि लापता लोगों का पता लगाया जा सके। इसके साथ ही, विस्थापित परिवारों के लिए अस्थायी राहत शिविर भी स्थापित किए गए हैं, जहां उन्हें भोजन, पानी और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
बचाव अधिकारियों के अनुसार, स्थिति पर गहरी नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त टीमें भी तैनात की जाएंगी।
लगातार बारिश के चलते नदियों और नालों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, इसलिए प्रशासन ने निवासियों से सतर्क रहने की अपील की है।
यह त्रासदी इस महीने जम्मू-कश्मीर में हुई विनाशकारी घटनाओं की श्रृंखला में शामिल है, जहां भारी बारिश, अचानक बाढ़ और भूस्खलन ने पहले ही व्यापक तबाही मचाई है।
जम्मू क्षेत्र के विभिन्न जिलों में भारी बारिश ने व्यापक नुकसान किया है। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में बारिश से संबंधित घटनाओं में 36 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
रियासी और डोडा जिलों में 9 व्यक्तियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। पिछले सप्ताह में जम्मू, सांबा और कठुआ जैसे जिलों में भी संपत्ति और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है।