20 अगस्त 2026
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हिसार कोर्ट के बाहर दिनदहाड़े गैंगस्टर विनोद पन्नू की गोली मारकर हत्या, 14 राउंड फायरिंग

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हिसार कोर्ट के बाहर दिनदहाड़े गैंगस्टर विनोद पन्नू की गोली मारकर हत्या, 14 राउंड फायरिंग

सारांश

हिसार जिला न्यायालय के बाहर दिनदहाड़े गैंगस्टर विनोद पन्नू की हत्या — 14 राउंड फायरिंग, तीन घायल और दो गिरफ्तार। यह घटना न केवल गैंगवार की बेखौफी दर्शाती है, बल्कि अदालत परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

मुख्य बातें

गैंगस्टर विनोद पन्नू की 20 अगस्त को हिसार कोर्ट परिसर के बाहर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई।
बाइक सवार हमलावरों ने घटनास्थल पर कुल 14 राउंड फायरिंग की; मुख्य गेट के पास 15 से 20 राउंड फायर होने की भी सूचना।
फायरिंग में करीब तीन लोग घायल , सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
एएसपी मयंक मुद्गिल ने मामले की पुष्टि की और जाँच शुरू होने की जानकारी दी।
वकीलों ने कोर्ट परिसर में विशेष निगरानी तंत्र स्थापित करने की माँग की।

हिसार जिला न्यायालय परिसर के बाहर 20 अगस्त को उस समय दहशत फैल गई जब पेशी के लिए आए गैंगस्टर विनोद पन्नू को बाइक सवार हमलावरों ने गोलियों से भून दिया। पुलिस के अनुसार घटनास्थल पर कुल 14 राउंड फायरिंग हुई, जबकि मौके पर मौजूद एक वकील ने मुख्य गेट के पास 15 से 20 राउंड फायर होने की बात कही। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

मुख्य घटनाक्रम

घटना उस समय हुई जब विनोद पन्नू कोर्ट में एक मामले की पेशी के लिए पहुँचे थे। जानकारी के अनुसार, दो पक्षों के बीच उसी मामले को लेकर विवाद था जिसमें कोई महत्वपूर्ण फैसला आने की संभावना थी। देखते ही देखते हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। वकीलों की पार्किंग के अंदर भी दो राउंड फायर होने की सूचना है। फायरिंग में करीब तीन लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस की प्रतिक्रिया

हिसार के एएसपी मयंक मुद्गिल ने बताया कि घटनास्थल पर लगभग 14 राउंड फायरिंग हुई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों को दबोच लिया। घायलों को नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका उपचार जारी है। पूरे मामले की जाँच शुरू कर दी गई है।

कोर्ट परिसर की सुरक्षा पर सवाल

घटना से कोर्ट परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद एक वकील ने कहा कि यह वकीलों की सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील मामला है। उन्होंने जिला प्रशासन से माँग की कि अदालत परिसर और उसके आसपास विशेष निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए। वकील के अनुसार, 'कोर्ट के अंदर इस तरह गोलीबारी होना प्रशासन पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है।'

आगे क्या होगा

पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और गैंगवार के पीछे की साजिश का पर्दाफाश करने की कोशिश में जुटी है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हरियाणा में अदालत परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। आने वाले दिनों में जाँच की दिशा और गैंग कनेक्शन की परतें खुलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह स्पष्ट है कि खुफिया तंत्र और सुरक्षा प्रोटोकॉल दोनों विफल रहे। हरियाणा में पिछले कुछ वर्षों में संगठित अपराध का दायरा अदालतों तक पहुँचना एक बढ़ती हुई प्रवृत्ति है जिस पर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया अब तक पर्याप्त नहीं रही। सवाल यह है कि क्या दो गिरफ्तारियों से आगे जाकर गैंग के पूरे नेटवर्क तक पहुँचा जाएगा, या यह मामला भी महज प्रत्यक्ष हमलावरों तक सिमट कर रह जाएगा।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गैंगस्टर विनोद पन्नू की हत्या कहाँ और कैसे हुई?
विनोद पन्नू की हत्या 20 अगस्त को हिसार जिला न्यायालय परिसर के बाहर हुई, जब वे एक मामले की पेशी के लिए कोर्ट पहुँचे थे। बाइक सवार हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें कुल 14 से 20 राउंड गोलियाँ चली।
हिसार कोर्ट फायरिंग में कितने लोग घायल हुए?
फायरिंग की घटना में करीब तीन लोगों के घायल होने की सूचना है। सभी घायलों को नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका उपचार जारी है।
क्या हिसार कोर्ट फायरिंग में कोई गिरफ्तारी हुई?
हाँ, पुलिस ने घटना के तुरंत बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एएसपी मयंक मुद्गिल ने इसकी पुष्टि की और बताया कि पूरे मामले की जाँच शुरू कर दी गई है।
हिसार कोर्ट में गैंगवार क्यों हुई?
वकीलों के अनुसार, दोनों पक्ष उसी मामले की पेशी पर कोर्ट में आए थे जिसमें कोई महत्वपूर्ण फैसला आने की संभावना थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी विवाद ने गैंगवार का रूप लिया, हालाँकि पुलिस जाँच अभी जारी है।
हिसार कोर्ट फायरिंग के बाद सुरक्षा को लेकर क्या माँगें उठी हैं?
मौके पर मौजूद वकीलों ने जिला प्रशासन से माँग की है कि अदालत परिसर और उसके आसपास विशेष निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि कोर्ट के भीतर इस तरह की गोलीबारी प्रशासन की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
राष्ट्र प्रेस
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