6 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ट्रंप की तारीफ पर दलवई का तीखा सवाल: 'टैरिफ बढ़ाते हो, तारीफ का क्या मतलब?'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ट्रंप की तारीफ पर दलवई का तीखा सवाल: 'टैरिफ बढ़ाते हो, तारीफ का क्या मतलब?'

सारांश

ट्रंप की मोदी-प्रशंसा पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने पूछा — जब अमेरिका भारी टैरिफ लगा रहा है और नाविक प्रभावित हैं, तो तारीफ का अर्थ क्या? साथ ही शिवसेना (यूबीटी) में टूट को 'धोखा' बताया और MVA की 2029 तक एकता का भरोसा दिलाया।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने 18 जून को मुंबई में ट्रंप द्वारा PM मोदी की तारीफ को 'निरर्थक' बताया।
दलवई का तर्क — अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर भारी टैरिफ लगाता है और भारतीय नाविक प्रभावित हैं, फिर भी सवाल नहीं उठाए जाते।
शिवसेना (यूबीटी) से 5 सांसद जा चुके हैं; दलवई ने इसे मतदाताओं के साथ 'धोखा' करार दिया।
दलवई ने MVA की एकता की पुष्टि की — 2029 के चुनाव गठबंधन के तहत लड़े जाएँगे।
केशव प्रसाद मौर्य के बयान को 'एक-पार्टी शासन की अलोकतांत्रिक सोच' बताया।

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने 18 जून को मुंबई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। दलवई ने सवाल उठाया कि जब अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर भारी टैरिफ लगा रहा है और भारतीय नाविक प्रभावित हो रहे हैं, तो ऐसी तारीफ का कोई व्यावहारिक मूल्य नहीं है।

ट्रंप की तारीफ पर दलवई का रुख

दलवई ने कहा, 'ऐसी तारीफ का क्या फायदा? आप सिर्फ प्रधानमंत्री की तारीफ करते हैं, लेकिन यहाँ ज़्यादा टैक्स लगाते हैं। अगर यहाँ सामान लाया जाता है, तो ज़्यादा टैक्स लगता है। आप यहाँ से चीज़ें मुफ़्त में ले जाते हैं।' उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री को इन मुद्दों पर सवाल उठाने चाहिए। उनके अनुसार, 'तारीफ क्यों हो रही है? क्योंकि कोई सवाल नहीं पूछा जा रहा है।'

दलवई ने भारतीय नाविकों के प्रभावित होने का मुद्दा भी उठाया और कहा कि यदि ऐसे कठिन सवाल पूछे जाएँ, तो शायद तारीफ न मिले — लेकिन देश के हित में यही ज़रूरी है।

शिवसेना (यूबीटी) में टूट पर प्रतिक्रिया

शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों के पार्टी छोड़ने की खबरों पर दलवई ने कहा कि पाँच सांसद पहले ही जा चुके हैं और छठे की स्थिति भी अनिश्चित है। उन्होंने इसे सीधे 'धोखा' करार दिया और कहा, 'अगर आपको जाना ही है, तो इस्तीफा दें और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर चुनाव लड़ें। लोगों ने आपको यह सोचकर वोट दिया था कि आप शिवसेना के साथ रहेंगे — उस भरोसे को तोड़ना धोखा है।'

उद्धव ठाकरे की कार्यशैली पर उठ रहे सवालों के बारे में दलवई ने कहा, 'मेरा मानना है कि उद्धव ठाकरे संविधान के अनुसार और लोकतांत्रिक तरीके से काम कर रहे हैं।' उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ लोग बालासाहेब और उद्धव की कार्यशैली में अंतर देख रहे हैं, लेकिन उन्होंने इसे व्यक्तिगत राय बताया।

विपक्ष को तोड़ने की कोशिशों पर आरोप

दलवई ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ सरकार विपक्षी पार्टियों के सांसदों को तोड़कर अपनी मनमर्जी चलाना चाहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) में कोई फूट नहीं है और पार्टी मज़बूत स्थिति में है। उन्होंने कहा, 'महा विकास अघाड़ी (MVA) एकजुट रहेगी और 2029 के चुनाव इसी गठबंधन के तहत लड़े जाएँगे।'

दलवई ने दावा किया कि BJP को पता है कि वह 2029 में सत्ता में नहीं आ सकती, इसीलिए विपक्ष को अस्थिर करने की ये कोशिशें हो रही हैं।

केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर पलटवार

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के हालिया बयान पर दलवई ने कहा कि यह 'घबराहट और डर पैदा करने की आदत' है। उन्होंने इसे समाजवादी पार्टी को कमज़ोर करने की चुनावी रणनीति बताया। दलवई ने आरोप लगाया कि मौर्य की सोच में एक-पार्टी शासन का विचार है, जो संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा में 1925 से ऐसी सोच रही है, लेकिन देश की जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस बड़े विमर्श को छूता है जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है — क्या कूटनीतिक प्रशंसा और व्यापारिक दबाव एक साथ चल सकते हैं? भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में टैरिफ असंतुलन एक वास्तविक मुद्दा है, लेकिन विपक्ष इसे चुनावी बयानबाज़ी से आगे ले जाने में अब तक विफल रहा है। शिवसेना (यूबीटी) में टूट का मुद्दा MVA के लिए 2029 से पहले सबसे बड़ी परीक्षा है — और दलवई का 'धोखा' वाला बयान गठबंधन की बेचैनी को उजागर करता है, भले ही वे एकता का दावा करें।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हुसैन दलवई ने ट्रंप की मोदी-तारीफ पर क्या कहा?
दलवई ने कहा कि ऐसी तारीफ का कोई फायदा नहीं जब अमेरिका भारतीय सामान पर भारी टैरिफ लगाता है और भारतीय नाविक प्रभावित होते हैं। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री को इन मुद्दों पर सवाल उठाने चाहिए।
शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों की पार्टी छोड़ने पर दलवई का क्या कहना है?
दलवई ने कहा कि पाँच सांसद पहले ही जा चुके हैं और इसे उन्होंने मतदाताओं के साथ 'धोखा' बताया। उनका कहना था कि जाना ही है तो इस्तीफा देकर BJP के टिकट पर चुनाव लड़ें।
क्या महा विकास अघाड़ी 2029 के चुनाव एकजुट होकर लड़ेगी?
हुसैन दलवई ने स्पष्ट किया कि MVA एकजुट रहेगी और 2029 के विधानसभा चुनाव इसी गठबंधन के तहत लड़े जाएँगे। उन्होंने कांग्रेस में किसी भी फूट से इनकार किया।
दलवई ने केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर क्या कहा?
दलवई ने मौर्य के बयान को 'घबराहट और डर पैदा करने की आदत' बताया और इसे समाजवादी पार्टी को कमज़ोर करने की चुनावी रणनीति कहा। उन्होंने कहा कि एक-पार्टी शासन की सोच संविधान और लोकतंत्र के विरुद्ध है।
उद्धव ठाकरे की कार्यशैली पर दलवई का क्या मत है?
दलवई ने कहा कि उद्धव ठाकरे संविधान के अनुसार और लोकतांत्रिक तरीके से काम कर रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ लोग बालासाहेब और उद्धव की शैली में अंतर देखते हैं, लेकिन यह उनकी व्यक्तिगत राय है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 12 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले