एमएएनयू ने सामुदायिक रेडियो स्टेशन की स्थापना की, समुदाय की आवाज़ बनेगा

Click to start listening
एमएएनयू ने सामुदायिक रेडियो स्टेशन की स्थापना की, समुदाय की आवाज़ बनेगा

सारांश

हैदराबाद में मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय ने रेडियो एमएएनयू 90.0 एफएम का उद्घाटन किया। यह सामुदायिक रेडियो स्टेशन स्थानीय मुद्दों को उजागर करने और ज्ञान के प्रसार का माध्यम बनेगा।

Key Takeaways

  • रेडियो एमएएनयू 90.0 एफएम का उद्घाटन हुआ है।
  • स्थानीय मुद्दों पर चर्चा के लिए प्लेटफार्म उपलब्ध होगा।
  • सामुदायिक रेडियो डिजिटल विभाजन को कम करने में सहायक है।
  • 560 सामुदायिक रेडियो स्टेशन भारत में कार्यरत हैं।
  • आकाशवाणी ने सामुदायिक रेडियो का समर्थन किया है।

हैदराबाद, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय (एमएएनयू) ने मंगलवार को हैदराबाद के गाचीबौली परिसर में अपने सामुदायिक रेडियो स्टेशन, रेडियो एमएएनयू 90.0 एफएम का उद्घाटन करके एक नया अध्याय शुरू किया।

इस रेडियो स्टेशन का उद्घाटन ऑल इंडिया रेडियो के महानिदेशक राजीव कुमार जैन ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सैयद ऐनुल हसन की उपस्थिति में किया।

इस स्टेशन को विश्वविद्यालय के इंस्ट्रक्शनल मीडिया सेंटर (आईएमसी) द्वारा विकसित किया गया है, जिसका लक्ष्य समुदाय और स्थानीय निवासियों को सेवाएं प्रदान करना है। यह स्थानीय आवाजों को बढ़ावा देने और समुदाय-विशिष्ट मुद्दों को उजागर करने के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा।

कार्यक्रम में बोलते हुए राजीव कुमार जैन ने सामुदायिक रेडियो के महत्व को रेखांकित किया, खासकर हाशिए पर पड़े वर्गों तक पहुंचने और डिजिटल विभाजन को खत्म करने में।

उन्होंने कहा कि सामुदायिक रेडियो शिक्षण संस्थानों के लिए एक प्रभावी संचार माध्यम है, क्योंकि यह किफायती, सुविधाजनक और लचीला है। इसकी पहुंच १६ किलोमीटर तक है, लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के जरिए इसकी पहुंच को और बढ़ाया जा सकता है।

भारत में कुल 560 सामुदायिक रेडियो स्टेशन कार्यरत हैं, जिनमें से लगभग 38 प्रतिशत शैक्षणिक संस्थानों द्वारा संचालित होते हैं। सामुदायिक रेडियो एक ऐसा साधन है जो लोगों को सशक्त बनाता है। उन्होंने बताया कि इसका विकास समावेशी संचार के प्रति सरकार के दृष्टिकोण का समर्थन करता है।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि एमएएनयू रेडियो ज्ञान के प्रसार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के विश्वविद्यालय के उद्देश्य को पूरा करने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि आकाशवाणी ने सामुदायिक रेडियो का समर्थन करके हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और आश्वासन दिया कि आकाशवाणी पर भी अच्छी सामग्री प्रसारित की जा सकती है।

राजीव जैन ने डिजिटल युग में रेडियो के विकास की चर्चा की और आकाशवाणी की सोशल मीडिया उपस्थिति के विस्तार और 2027 तक 33 स्थानों पर 'विजुअल रेडियो' प्रणाली शुरू करने की योजनाओं का उल्लेख किया।

कुलपति प्रो. सैयद ऐनुल हसन ने कहा कि यह पहल कक्षाओं से परे शिक्षा का विस्तार करने और समाज के लिए ज्ञान को सुलभ बनाने के प्रति एमएएनयू की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

Point of View

समाज में जागरूकता लाने का एक प्रभावी साधन बन सकता है। यह पहल न केवल स्थानीय समुदाय को सशक्त बनाएगी, बल्कि डिजिटल विभाजन को भी कम करने में सहायक होगी।
NationPress
25/03/2026

Frequently Asked Questions

रेडियो एमएएनयू 90.0 एफएम का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य समुदाय की आवाज़ को बुलंद करना और स्थानीय मुद्दों को उजागर करना है।
रेडियो एमएएनयू कौन संचालित करेगा?
यह विश्वविद्यालय के इंस्ट्रक्शनल मीडिया सेंटर द्वारा संचालित होगा।
सामुदायिक रेडियो की पहुंच कितनी होती है?
इसकी पहुंच 16 किलोमीटर तक होती है, लेकिन सोशल मीडिया के माध्यम से इसे बढ़ाया जा सकता है।
भारत में सामुदायिक रेडियो स्टेशनों की संख्या कितनी है?
भारत में कुल 560 सामुदायिक रेडियो स्टेशन कार्यरत हैं।
क्या सामुदायिक रेडियो शिक्षा में सहायक है?
जी हां, यह शिक्षण संस्थानों के लिए एक उपयोगी संचार माध्यम है।
Nation Press