क्या आईआईटी दिल्ली ने क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में भारत का नंबर-1 संस्थान बनने का गौरव हासिल किया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या आईआईटी दिल्ली ने क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में भारत का नंबर-1 संस्थान बनने का गौरव हासिल किया?

सारांश

आईआईटी दिल्ली ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 में भारत का नंबर-1 शैक्षणिक संस्थान बनकर एक नई उपलब्धि हासिल की है। इस रैंकिंग में उसका स्थान 150 से बढ़कर 123 हुआ है। जानें इस अद्भुत सफलता के पीछे का कारण और क्या कहते हैं संस्थान के प्रमुख।

मुख्य बातें

आईआईटी दिल्ली ने क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में 123वीं रैंक प्राप्त की।
यह भारत का नंबर-1 शैक्षणिक संस्थान है।
संस्थान ने विभिन्न मापदंडों में लगातार सुधार किया है।
क्यूएस रैंकिंग में 8,400 से अधिक संस्थानों का मूल्यांकन हुआ।
यह सफलता भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र की वैश्विक मान्यता को दर्शाती है।

नई दिल्ली, 19 जून (राष्ट्र प्रेस)। आईआईटी दिल्ली ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व के शीर्ष 125 उच्च शिक्षण संस्थाओं में स्थान प्राप्त किया है। इस रैंकिंग के अनुसार, आईआईटी दिल्ली भारत का नंबर-1 शैक्षणिक संस्थान बनकर उभरा है।

आईआईटी दिल्ली ने इस उपलब्धि की घोषणा करते हुए बताया कि यह रैंकिंग गुरुवार को जारी की गई है। इस बार आईआईटी दिल्ली की वैश्विक रैंकिंग में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो पिछले वर्ष की 150वीं रैंक से बढ़कर 123वीं रैंक पर पहुंच गई है। यह आईआईटी दिल्ली द्वारा अब तक प्राप्त की गई सबसे ऊंची क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग है।

आईआईटी दिल्ली की रैंकिंग में इस सफलता पर संस्थान के रैंकिंग सेल के प्रमुख और योजना संकायाध्यक्ष प्रोफेसर विवेक बुवा ने कहा, “यह आईआईटी दिल्ली के लिए गर्व का क्षण है। मैं 64,000 से ज्यादा वर्तमान और पूर्व छात्रों, संकाय सदस्यों, शिक्षा मंत्रालय (भारत सरकार) और सभी हितधारकों को बधाई देना चाहता हूं जिन्होंने इस सफलता में योगदान दिया है। यह रैंकिंग आत्ममंथन का अवसर प्रदान करती है और उन क्षेत्रों की पहचान करने में मदद करती है जहां सुधार की आवश्यकता है। सभी हितधारकों के प्रयासों से आईआईटी दिल्ली ने विभिन्न मापदंडों पर लगातार सुधार किया है और शीर्ष 100 विश्वस्तरीय विश्वविद्यालयों में जगह बनाने की प्रबल संभावना रखता है।”

क्यूएस रैंकिंग्स 2026 के विभिन्न संकेतकों में भी आईआईटी दिल्ली का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है। नियोक्ता प्रतिष्ठा के मामले में संस्थान को विश्व की शीर्ष 50 संस्थाओं में स्थान मिला है। साइटेशन्स प्रति फैकल्टी संकेतक में आईआईटी दिल्ली शीर्ष 90 संस्थानों में शामिल है, जो वैज्ञानिक अनुसंधान की गुणवत्ता को दर्शाता है। शैक्षणिक प्रतिष्ठा में संस्थान को वैश्विक स्तर पर शीर्ष 150 में स्थान मिला है।

वहीं सतत विकास संकेतक में आईआईटी दिल्ली शीर्ष 175 संस्थानों की सूची में है। भारत में समग्र रूप से नंबर-1 स्थान प्राप्त करने के साथ-साथ, आईआईटी दिल्ली को कई रैंकिंग संकेतकों जैसे शैक्षणिक प्रतिष्ठा, नियोक्ता प्रतिष्ठा और सततता के तहत देश के शीर्ष दो संस्थानों में गिना गया है।

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 में वैश्विक स्तर पर 8,400 से अधिक संस्थानों का मूल्यांकन किया गया था। आईआईटी का कहना है कि यह सफलता न केवल आईआईटी दिल्ली की उत्कृष्टता को दर्शाती है, बल्कि भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र की वैश्विक मान्यता को भी सुदृढ़ करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह उपलब्धि न केवल आईआईटी दिल्ली के लिए बल्कि समग्र रूप से भारतीय उच्च शिक्षा के लिए गर्व का क्षण है। यह रैंकिंग हमारे देश के शिक्षा क्षेत्र की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को दर्शाती है। हमें आशा है कि अन्य संस्थान भी इस प्रेरणा से आगे बढ़ेंगे।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईआईटी दिल्ली की रैंकिंग में सुधार का मुख्य कारण क्या है?
आईआईटी दिल्ली ने विभिन्न मापदंडों पर लगातार सुधार किया है, जैसे कि शैक्षणिक प्रतिष्ठा और नियोक्ता प्रतिष्ठा।
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स में कितने संस्थानों का मूल्यांकन किया गया?
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 में वैश्विक स्तर पर 8,400 से अधिक संस्थानों का मूल्यांकन किया गया।
आईआईटी दिल्ली की रैंकिंग में क्या विशेषताएँ शामिल हैं?
आईआईटी दिल्ली को नियोक्ता प्रतिष्ठा, शैक्षणिक प्रतिष्ठा और सतत विकास जैसे विभिन्न संकेतकों में उच्च स्थान मिला है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 10 मिनट पहले
  2. 10 मिनट पहले
  3. 23 मिनट पहले
  4. 28 मिनट पहले
  5. 28 मिनट पहले
  6. 32 मिनट पहले
  7. 35 मिनट पहले
  8. 40 मिनट पहले