आईआईटी खड़गपुर प्रोफेसर दीपक रेड्डी का शव कमरे में मिला, पुलिस जांच में जुटी
सारांश
मुख्य बातें
आईआईटी खड़गपुर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर दीपक रेड्डी पुल्लागुरम (36) का शव बुधवार, 29 जुलाई 2026 को उनके कैंपस क्वार्टर में फंदे से लटका हुआ मिला। पश्चिम मेदिनीपुर जिले की पुलिस ने पुष्टि की है कि मामले की जांच जारी है और मौत का कारण अभी तक निर्धारित नहीं हुआ है।
घटनाक्रम: कैसे सामने आई मौत
कैंपस सूत्रों के अनुसार, दीपक रेड्डी बुधवार सुबह से किसी भी संपर्क का जवाब नहीं दे रहे थे, जिसके बाद कैंपस अधिकारियों ने पुलिस को सूचित किया। दोपहर करीब 12:30 बजे खड़गपुर टाउन पुलिस स्टेशन के अंतर्गत हिजली आउटपोस्ट की पुलिस मौके पर पहुँची और सिक्योरिटी गार्ड्स की सहायता से कमरे का दरवाज़ा खोला।
अंदर प्रोफेसर का शव फंदे से लटका मिला। उन्हें तत्काल कैंपस के भीतर स्थित बीसी रॉय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
जांच की स्थिति
पश्चिम मिदनापुर जिले की पुलिस अधीक्षक पापिया सुल्ताना ने कहा, 'एक प्रोफेसर का फंदे से लटका हुआ शव मिला है। इसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। मौत के तरीके या कारण की जांच की जा रही है।' जांचकर्ता सिक्योरिटी गार्ड्स, क्वार्टर में रहने वाले अन्य निवासियों और प्रोफेसर के सहयोगियों से पूछताछ कर रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कमरे में कोई सुसाइड नोट मिला है या नहीं। कमरे को सील कर दिया गया है और तलाशी जारी है। यह भी जांचा जा रहा है कि क्या उन्हें किसी पारिवारिक समस्या या कार्यस्थल पर किसी दबाव का सामना था।
पीड़ित का परिचय
दीपक रेड्डी पुल्लागुरम मूल रूप से हैदराबाद के निवासी थे और कार्यकारण वश आईआईटी खड़गपुर के कैंपस क्वार्टर में रह रहे थे। उनके हैदराबाद स्थित परिवार को घटना की सूचना दे दी गई है। आईआईटी खड़गपुर के अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
संस्थान में पहले की घटनाएँ
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में आईआईटी खड़गपुर में छात्रों की संदिग्ध मौत के कई मामले सामने आ चुके हैं। हालाँकि, संस्थान के सूत्रों के अनुसार, कैंपस में किसी संकाय सदस्य की इस तरह की मौत का यह पहला मामला है, जो इसे असाधारण बनाता है। यह घटना ऐसे समय में आई है जब देश भर के उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बहस तेज़ हो रही है।
आगे की कार्रवाई
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण पर स्पष्टता आने की उम्मीद है। पुलिस के अनुसार जांच के सभी पहलुओं — आत्महत्या और अन्य संभावनाओं — को खुला रखा गया है। आईआईटी खड़गपुर प्रशासन से आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।