13 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

इंडिया ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट मार्च पर बोले इमरान मसूद: '35 साल में ऐसा जनसैलाब नहीं देखा'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
इंडिया ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट मार्च पर बोले इमरान मसूद: '35 साल में ऐसा जनसैलाब नहीं देखा'

सारांश

दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट मार्च ने विपक्षी राजनीति में नई ऊर्जा भर दी है। कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने इसे 35 साल के राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा जनसैलाब बताया। SIR को रद्द करने और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग के साथ यह आंदोलन चुनावी राजनीति को नई दिशा दे सकता है।

मुख्य बातें

इंडिया ब्लॉक ने सोमवार, 13 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट मार्च निकाला, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने कहा कि 30-35 साल के राजनीतिक जीवन में दिल्ली में ऐसा जनसैलाब कभी नहीं देखा।
विपक्ष की माँग — SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) रद्द हो और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।
मसूद ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके पास केवल 'पाकिस्तान और मुसलमान' के नारे हैं।
JMM नेता मनोज पांडे ने रांची से प्रदर्शन का समर्थन किया और प्रदर्शन से पहले सीजेपी सदस्यों पर कथित हमले का आरोप लगाया।

कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने 13 अक्टूबर 2026 को सहारनपुर में कहा कि सोमवार को दिल्ली में निकाले गए इंडिया ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट मार्च में उन्होंने अपने 30-35 साल के राजनीतिक जीवन में इतनी बड़ी भीड़ पहले कभी नहीं देखी। यह प्रदर्शन चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर आयोजित किया गया था।

इमरान मसूद की प्रतिक्रिया

मसूद ने कहा, 'कल दिल्ली के अंदर हाल देखिए, मैंने तो अपने जीवन में कभी नहीं देखा। 30-35 साल के अपने राजनीतिक जीवन में मैंने कभी दिल्ली में इतना जनसैलाब नहीं देखा।' उन्होंने जोड़ा कि यह माहौल इस बात का संकेत है कि 'लोगों को अब सच्चाई पता चल गई है।'

गौरतलब है कि विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक लगातार सड़कों पर उतरकर SIR प्रक्रिया का विरोध कर रहा है, जिसे आलोचकों का कहना है कि इसका इस्तेमाल मतदाता सूचियों में मनमाने ढंग से काट-छाँट के लिए किया जा सकता है।

भाजपा पर पलटवार

भाजपा नेता किरीट सोमैया द्वारा अभिनेता आमिर खान के भांजे की नागरिकता पर सवाल उठाने और पाकिस्तान फंडिंग के आरोपों के जवाब में मसूद ने कहा, 'हिंदुस्तान के अंदर पाकिस्तान और मुसलमान, दो ही इनके पास नारे हैं, इसके अलावा कुछ मिलता नहीं इन्हें।' उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास विकास के मुद्दों पर कोई जवाब नहीं है।

मसूद ने आगे कहा, 'पाकिस्तान एक बर्बाद मुल्क है, उसका क्या करना है? पाकिस्तान के साथ दोस्तियाँ तुम्हारी हैं, हमारी तो है नहीं।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज़ है।

जंतर-मंतर विवाद पर सफाई

प्रदर्शन स्थल की सूची से जंतर-मंतर को हटाए जाने पर मसूद ने कहा कि धरने के लिए हमेशा एक केंद्रीय स्थान ही उपयुक्त होता है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहज़े में कहा, 'कल को ये कहेंगे कि हिमालय की चोटी पर जाकर प्रदर्शन कर दो — ये कोई बात नहीं है।'

जेएमएम नेता की प्रतिक्रिया

रांची में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) नेता मनोज पांडे ने भी प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध के अधिकार के तहत भारी भीड़ जमा हुई थी और लोग उस सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे जो एक 'भ्रष्ट व्यक्ति' को बचा रही थी।

पांडे ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन से एक दिन पहले कथित तौर पर भाजपा समर्थकों ने पुलिस की मौजूदगी में सीजेपी सदस्यों और छात्रों पर हमला किया था। उन्होंने कहा कि सोमवार के मार्च के दौरान पुलिस अपनी सीमाओं में रही।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब SIR को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। विपक्ष का तर्क है कि यह प्रक्रिया मतदाता सूचियों से अल्पसंख्यकों और प्रवासी मजदूरों के नाम हटाने का एक औजार बन सकती है, जबकि चुनाव आयोग इसे नियमित सफाई प्रक्रिया बताता है। इंडिया ब्लॉक का यह सड़क आंदोलन आने वाले महीनों में चुनावी राजनीति को प्रभावित कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए उतना ही है जितना कि तथ्यात्मक दावा। असली सवाल यह है कि क्या सड़क की यह ऊर्जा संस्थागत माँगों — यानी SIR की न्यायिक समीक्षा और पारदर्शी मतदाता सूची प्रक्रिया — में तब्दील होगी, या यह महज एक और प्रदर्शनकारी राजनीति बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया ब्लॉक का सुप्रीम कोर्ट मार्च किस बात के विरोध में था?
यह मार्च चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर निकाला गया। विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया से मतदाता सूचियों में मनमानी काट-छाँट हो सकती है।
इमरान मसूद ने दिल्ली मार्च के बारे में क्या कहा?
इमरान मसूद ने कहा कि 30-35 साल के राजनीतिक जीवन में उन्होंने दिल्ली में इतनी बड़ी भीड़ कभी नहीं देखी। उन्होंने इसे जनता का जागरण बताया और कहा कि लोगों को अब 'सच्चाई पता चल गई है।'
SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है और विपक्ष इसका विरोध क्यों कर रहा है?
SIR चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों की सफाई की एक प्रक्रिया है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल अल्पसंख्यकों और प्रवासी मजदूरों के नाम हटाने के लिए किया जा सकता है, जबकि चुनाव आयोग इसे नियमित प्रशासनिक कदम बताता है।
JMM नेता मनोज पांडे ने क्या आरोप लगाए?
रांची में JMM नेता मनोज पांडे ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन से एक दिन पहले कथित तौर पर भाजपा समर्थकों ने पुलिस की मौजूदगी में CJP सदस्यों और छात्रों पर हमला किया। उन्होंने कहा कि सोमवार के मार्च के दौरान पुलिस अपनी सीमाओं में रही।
किरीट सोमैया के आरोपों पर इमरान मसूद ने क्या जवाब दिया?
भाजपा नेता किरीट सोमैया द्वारा आमिर खान के भांजे की नागरिकता पर सवाल उठाने और पाकिस्तान फंडिंग के आरोपों पर मसूद ने कहा कि भाजपा के पास 'पाकिस्तान और मुसलमान' के अलावा कोई मुद्दा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान से 'दोस्तियाँ' विपक्ष की नहीं, बल्कि भाजपा की हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 21 घंटे पहले
  2. 22 घंटे पहले
  3. कल
  4. कल
  5. कल
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 10 महीने पहले