भारत-न्यूजीलैंड एफटीए लागू: 100% भारतीय निर्यात होगा ड्यूटी फ्री, एमएसएमई-किसानों को बड़ा फायदा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) के लागू होने से 100 प्रतिशत भारतीय निर्यात ड्यूटी फ्री हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक समझौता एमएसएमई, किसानों, युवाओं और श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।
एफटीए की मुख्य विशेषताएँ
गोयल के अनुसार, इस व्यापार समझौते के तहत भारतीय कृषि उत्पादों — विशेषकर फल, सब्जियाँ, मसाले और अन्य उत्पादों — के लिए न्यूजीलैंड में व्यापक बाज़ार तक पहुँच सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही भारतीय पेशेवरों के लिए भी नए रास्ते खुलेंगे।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों के कल्याण को नीति के केंद्र में रखते हुए डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को एफटीए के दायरे से बाहर रखा गया है। यह कदम घरेलू उत्पादकों की सुरक्षा के प्रति सरकार की सतर्कता को दर्शाता है।
निवेश और रोज़गार की संभावनाएँ
गोयल ने बताया कि न्यूजीलैंड ने भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश को सुविधाजनक बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। यह निवेश विनिर्माण, बुनियादी ढाँचे, सेवाओं और नवाचार क्षेत्रों में होने की संभावना है, जिससे उद्यमों और रोज़गार को प्रोत्साहन मिलेगा।
गौरतलब है कि यह समझौता विजयादशमी 2026 अर्थात 20 अक्टूबर 2026 के शुभ अवसर पर औपचारिक रूप से लागू होना तय है। गोयल ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा: 'कल, विजयादशमी के शुभ अवसर पर, भारत और न्यूजीलैंड अपनी आर्थिक साझेदारी में एक नए अध्याय की शुरुआत करेंगे, क्योंकि भारत-न्यूजीलैंड एफटीए लागू हो जाएगा। यह वास्तव में दोनों देशों के लिए एक विजय है!'
नेतृत्व को श्रेय और वार्ता टीमों का आभार
केंद्रीय मंत्री ने इस समझौते का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस लक्सन के साझा विज़न को दिया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं की दूरदृष्टि से ही यह ऐतिहासिक समझौता संभव हो सका।
गोयल ने न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले और दोनों देशों की वार्ता टीमों को उनके निरंतर प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने रेखांकित किया कि मार्च 2025 में बातचीत शुरू होने से लेकर इसके लागू होने तक का सफर आपसी भरोसे और संतुलित समझौते के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
एमएसएमई और निर्यातकों के लिए संदेश
गोयल ने देश के निर्यातकों, व्यवसायों, एमएसएमई और उद्यमियों को शुभकामनाएँ देते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया कि वे इस समझौते का पूरा लाभ उठाएँ और दीर्घकालिक साझेदारियाँ बनाएँ। यह समझौता ऐसे समय में आया है जब भारत अपने व्यापारिक गठबंधनों का विस्तार करने और निर्यात लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में सक्रिय है। एफटीए के पूर्ण क्रियान्वयन के बाद इसके वास्तविक असर का आकलन आने वाले महीनों में होगा।