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जुलाई 2026 में भारत के सेवा क्षेत्र के 19 में से 10 उप-क्षेत्रों में दोहरे अंक की वृद्धि, ISP डेटा से मिली व्यापक आर्थिक मजबूती की तस्वीर

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जुलाई 2026 में भारत के सेवा क्षेत्र के 19 में से 10 उप-क्षेत्रों में दोहरे अंक की वृद्धि, ISP डेटा से मिली व्यापक आर्थिक मजबूती की तस्वीर

सारांश

NSO के ताज़ा ISP आँकड़े बताते हैं कि जुलाई 2026 में भारत का सेवा क्षेत्र व्यापक मोर्चे पर आगे बढ़ा — 19 में से 10 उप-क्षेत्रों में दोहरे अंक की वृद्धि। प्रशासनिक सेवाओं में 20.9% की उछाल सबसे ऊपर, जबकि हवाई परिवहन लगातार चौथे महीने दबाव में।

मुख्य बातें

NSO के ISP आँकड़ों के अनुसार जुलाई 2026 में सेवा क्षेत्र के 19 में से 10 उप-क्षेत्रों ने दो अंकों की वृद्धि दर्ज की।
प्रशासनिक एवं सहायक सेवाएँ 20.9% वृद्धि के साथ सबसे तेज़ रहीं; जून में यह 14.4% थी।
खुदरा व्यापार में 18.5% , बैंकिंग में 12.3% , IT सेवाओं में 10.7% की वृद्धि।
हवाई परिवहन क्षेत्र लगातार चौथे महीने दबाव में, जुलाई में 8.4% की गिरावट — मध्य पूर्व तनाव और पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र बंद रहने का असर।
आवास एवं खाद्य सेवाएँ 144 के सूचकांक के साथ ISP में शीर्ष पर।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन (ISP) के आँकड़ों के अनुसार, भारत के सेवा क्षेत्र ने जुलाई 2026 में व्यापक आर्थिक मजबूती का प्रदर्शन किया — 19 उप-क्षेत्रों में से 10 ने दो अंकों की वृद्धि दर्ज की। यह आँकड़ा इस बात का संकेत है कि देश में आर्थिक विस्तार किसी एक या दो क्षेत्रों तक सीमित नहीं, बल्कि व्यापक आधार पर फैला हुआ है।

सबसे तेज़ बढ़ने वाले उप-क्षेत्र

प्रशासनिक एवं सहायक सेवाएँ जुलाई में सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाला उप-क्षेत्र रहा, जिसमें 20.9% की वृद्धि दर्ज हुई — जून के 14.4% की तुलना में उल्लेखनीय उछाल। खुदरा व्यापार में 18.5%, आवास एवं खाद्य सेवाओं में 12.6% और बैंकिंग क्षेत्र में 12.3% की वृद्धि दर्ज की गई।

रियल एस्टेट क्षेत्र, जो जून में शीर्ष पर था, जुलाई में भी मजबूत बना रहा — हालाँकि इसकी वृद्धि दर 24.7% से घटकर 14.4% रह गई। यह सामान्यीकरण चिंता की नहीं, बल्कि आधार प्रभाव की स्वाभाविक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

नए उप-क्षेत्र दोहरे अंक के क्लब में शामिल

जुलाई में तीन और उप-क्षेत्र दो अंकों की वृद्धि के दायरे में आ गए। सूचना एवं प्रसारण क्षेत्र की वृद्धि दर जून के 4.6% से बढ़कर 10% हो गई। दूरसंचार क्षेत्र 9.5% से 11% पर पहुँचा, जबकि IT एवं कंप्यूटर सेवाओं में 10.7% की वृद्धि रही।

पेशेवर, वैज्ञानिक एवं तकनीकी सेवाओं — जिनमें अनुसंधान एवं विकास (R&D) शामिल है — ने 10.4% की वृद्धि दर्ज की, जो जून के 9.1% से अधिक है। यह संकेत देता है कि ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था के इंजन में भी गति बढ़ रही है।

लॉजिस्टिक्स और परिवहन क्षेत्र का प्रदर्शन

वेयरहाउसिंग और परिवहन सहायता सेवाओं में 9.8% की वृद्धि रही। रेल परिवहन की वृद्धि दर दोगुने से अधिक बढ़कर 7.5% हो गई। डाक और कूरियर सेवाओं में 8.7% और जल परिवहन में 7.7% की बढ़त दर्ज की गई।

सड़क परिवहन का सूचकांक 132.1 रहा, जो देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार का परिणाम माना जा रहा है। बेहतर सड़क संपर्क के चलते माल और यात्री परिवहन गतिविधियों को निरंतर बल मिल रहा है।

हवाई परिवहन क्षेत्र में लगातार दबाव

हवाई परिवहन क्षेत्र लगातार चौथे महीने दबाव में रहा। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और भारतीय एयरलाइंस के लिए पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के बंद रहने का असर अंतरराष्ट्रीय परिचालन पर पड़ा है। जुलाई में इस क्षेत्र में 8.4% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि जून में यह गिरावट 6% थी।

यह ऐसे समय में आया है जब अन्य परिवहन उप-क्षेत्र सकारात्मक रुझान दिखा रहे हैं, जो दर्शाता है कि यह दबाव क्षेत्रीय भू-राजनीतिक कारणों से उत्पन्न है, न कि घरेलू माँग में कमी से।

सूचकांक के शीर्ष पर कौन

ISP सूचकांक के आधार पर आवास एवं खाद्य सेवाएँ 144 के अंक के साथ शीर्ष पर रहीं। इसके बाद खुदरा व्यापार का सूचकांक 140 और प्रशासनिक एवं सहायक सेवाओं का सूचकांक 134.5 रहा।

गौरतलब है कि सेवा क्षेत्र भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में सबसे बड़ा योगदानकर्ता है। आँकड़ों के अनुसार, इतने व्यापक स्तर पर दोहरे अंक की वृद्धि आने वाले महीनों में समग्र GDP अनुमानों को मजबूती दे सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह वृद्धि टिकाऊ है या आधार प्रभाव का अस्थायी लाभ। हवाई परिवहन में लगातार चौथे महीने गिरावट यह याद दिलाती है कि भू-राजनीतिक कारक किसी भी क्षेत्र को एकतरफा प्रभावित कर सकते हैं। IT और दूरसंचार का दोहरे अंक में लौटना उत्साहजनक है, पर इन क्षेत्रों की वैश्विक माँग पर निर्भरता को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। समग्र तस्वीर मजबूत दिखती है, लेकिन नीति-निर्माताओं को हवाई क्षेत्र की बाधाओं को दूर करने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जुलाई 2026 में भारत के सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन कैसा रहा?
NSO के ISP आँकड़ों के अनुसार जुलाई 2026 में सेवा क्षेत्र के 19 उप-क्षेत्रों में से 10 ने दो अंकों की वृद्धि दर्ज की। प्रशासनिक एवं सहायक सेवाएँ 20.9% वृद्धि के साथ सबसे आगे रहीं।
इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन (ISP) क्या है?
ISP राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी एक सांख्यिकीय सूचकांक है जो भारत के सेवा क्षेत्र के विभिन्न उप-क्षेत्रों की उत्पादन गतिविधि को मापता है। यह आर्थिक नियोजन और नीति-निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ डेटा माना जाता है।
हवाई परिवहन क्षेत्र में गिरावट क्यों आई?
जुलाई 2026 में हवाई परिवहन क्षेत्र में 8.4% की गिरावट दर्ज की गई, जो जून की 6% गिरावट से अधिक है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और भारतीय एयरलाइंस के लिए पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के बंद रहने को इस दबाव का मुख्य कारण बताया जा रहा है।
जुलाई में कौन से नए उप-क्षेत्र दोहरे अंक की वृद्धि में शामिल हुए?
जुलाई में सूचना एवं प्रसारण (10%), दूरसंचार (11%) और IT एवं कंप्यूटर सेवाएँ (10.7%) — ये तीन उप-क्षेत्र नए रूप से दोहरे अंक की वृद्धि के दायरे में आए। जून में इनकी वृद्धि दर क्रमशः 4.6%, 9.5% और एकल अंक में थी।
ISP सूचकांक में शीर्ष पर कौन से क्षेत्र रहे?
जुलाई 2026 में आवास एवं खाद्य सेवाएँ 144 के सूचकांक के साथ शीर्ष पर रहीं। इसके बाद खुदरा व्यापार (140) और प्रशासनिक एवं सहायक सेवाएँ (134.5) का स्थान रहा।
राष्ट्र प्रेस
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