भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन हिमराहत' के तहत पूर्वी सिक्किम में 46 पर्यटकों को बचाया

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भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन हिमराहत' के तहत पूर्वी सिक्किम में 46 पर्यटकों को बचाया

सारांश

भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन हिमराहत' के तहत पूर्वी सिक्किम के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फंसे 46 पर्यटकों को सफलतापूर्वक बचाया। इस अभियान ने सेना की आपदा प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका को फिर से उजागर किया है।

Key Takeaways

  • ऑपरेशन हिमराहत के तहत भारतीय सेना ने 46 पर्यटकों को बचाया।
  • अचानक आए हिमपात ने स्थिति को गंभीर बना दिया।
  • सेना ने त्वरित कार्रवाई कर राहत और बचाव अभियान चलाया।
  • सभी पर्यटकों को चिकित्सीय सहायता प्रदान की गई।
  • यह अभियान आपदा प्रबंधन में सेना की भूमिका को दर्शाता है।

गंगटोक, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन हिमराहत' के अंतर्गत पूर्वी सिक्किम के ऊंचे क्षेत्रों में फंसे 46 पर्यटकों को सफलतापूर्वक बचाया है। यह जानकारी सोमवार को अधिकारियों द्वारा दी गई।

रक्षा अधिकारियों के अनुसार, 22 फरवरी को अचानक से आए भारी हिमपात और शून्य से नीचे तापमान के कारण पूर्वी सिक्किम के कई संवेदनशील क्षेत्रों में यातायात बाधित हो गया, जिससे कई पर्यटन वाहन फंस गए और नागरिक भीषण जलवायु परिस्थितियों का सामना करने को मजबूर हो गए।

अधिकारियों ने बताया कि त्वरित प्रतिक्रिया करते हुए, भारतीय सेना के जवानों ने प्रभावित लोगों की सहायता के लिए एक समन्वित राहत और बचाव अभियान की शुरुआत की। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि बचाए गए पर्यटकों को निकटतम सेना शिविर में ले जाया गया, जहां उनकी चिकित्सीय जांच की गई और आवश्यक देखभाल प्रदान की गई।

भारतीय सेना ने भीषण ठंड और ऊंचाई से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं को कम करने के लिए गर्म आश्रय, भोजन, हीटिंग सुविधाएं और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध करवाई। चिकित्सा टीमें बचाए गए सभी व्यक्तियों की स्वास्थ्य स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रही हैं, और उनकी तबीयत ठीक होने के बाद ही उन्हें आगे भेजा जाएगा। फंसे हुए लोगों को निकालने के साथ ही सेना ने प्रभावित मार्गों से 150 से अधिक पर्यटक वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में भी सहायता की।

सैनिकों ने कठिनाई वाले क्षेत्रों में यातायात को नियंत्रित कर, नागरिकों को दहशत और खराब मौसम की स्थिति से बचाने का प्रयास किया। रक्षा अधिकारियों ने बताया कि समय पर की गई त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में आवागमन बहाल करने में मदद मिली और खराब मौसम की स्थिति को बिगड़ने से रोकने में भी सहायता मिली।

काफी ऊंचाई पर और ठंड के बावजूद, सेना के जवान पूरे अभियान में सक्रिय रहे। यह बचाव अभियान मानवता की सेवा और आपदा प्रबंधन (एचएडीआर) के प्रति भारतीय सेना की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है, विशेषकर दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में जो प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित होते हैं।

अधिकारियों ने आगे कहा कि 'ऑपरेशन हिमराहत' का सफल संचालन एक बार फिर इस क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं के समय में सेना की विश्वसनीय प्राथमिक प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में भूमिका को रेखांकित करता है।

Point of View

NationPress
23/02/2026

Frequently Asked Questions

ऑपरेशन हिमराहत क्या है?
ऑपरेशन हिमराहत एक बचाव अभियान है जो भारतीय सेना ने पूर्वी सिक्किम में फंसे पर्यटकों की सहायता के लिए चलाया।
46 पर्यटक किस कारण से फंसे थे?
46 पर्यटक भारी हिमपात और शून्य से नीचे तापमान के कारण फंसे थे।
भारतीय सेना ने पर्यटकों की मदद कैसे की?
भारतीय सेना ने समन्वित राहत और बचाव अभियान चलाकर पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान की।
क्या सभी फंसे हुए पर्यटक सुरक्षित हैं?
हां, सभी फंसे हुए पर्यटक सुरक्षित हैं और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर ध्यान दिया जा रहा है।
कितने पर्यटक वाहनों को सुरक्षित निकाला गया?
150 से अधिक पर्यटक वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
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