12 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या ईरान-इजरायल युद्ध का भारतीय बाजार पर असर पड़ रहा है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या ईरान-इजरायल युद्ध का भारतीय बाजार पर असर पड़ रहा है?

सारांश

सावन के महीने में सेंधा नमक और ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। जानें इसके पीछे का कारण और क्या हैं व्यापारी और ग्राहक की प्रतिक्रियाएँ।

मुख्य बातें

सेंद नमक और ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में 20-25% की वृद्धि।
ईरान और खाड़ी देशों से आपूर्ति बाधित।
व्यापारियों की सरकार से हस्तक्षेप की उम्मीद।

प्रयागराज, 28 जून (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इजरायल युद्ध का प्रभाव अब भारत के थोक बाजारों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। सावन मास की शुरुआत से पहले, प्रयागराज के बाजारों में व्रत के लिए आवश्यक सेंधा नमक और ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हुई है। पिछले 15 दिनों में इन उत्पादों के दाम में 20 से 25 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है।

सावन का महीना हिन्दू धर्म में व्रत और पूजा-पाठ के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दौरान श्रद्धालु सेंधा नमक और सूखे मेवों का विशेष रूप से सेवन करते हैं, लेकिन अब इनकी कीमतों में वृद्धि ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है।

प्रयागराज के थोक व्यापारियों के अनुसार, सेंधा नमक और ड्राई फ्रूट्स मुख्य रूप से ईरान, इराक और खाड़ी देशों से आयात होते हैं। ईरान-इजरायल युद्ध और क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण इन देशों से माल की आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे बाजार में सामान की उपलब्धता कम हो गई है और कीमतें बढ़ गई हैं।

व्यापारियों के अनुसार, काजू, बादाम, पिस्ता, खजूर, केसर जैसे उत्पादों की कीमतों में भी काफी वृद्धि हुई है। सेंधा नमक, जो व्रत के दौरान नमक का मुख्य विकल्प होता है, वह भी महंगा हो गया है।

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान से आने वाले उत्पादों के विरोध ने भी स्थिति को और खराब कर दिया है। प्रयागराज के व्यापारियों ने बताया कि पाकिस्तान से माल लेना बंद होने के बाद अधिकतर सामान ईरान और खाड़ी देशों से मंगवाया जाता है, लेकिन युद्ध के कारण वहां से भी आपूर्ति प्रभावित हुई है।

प्रयागराज के एक थोक व्यापारी ने कहा, "ड्राई फ्रूट्स और सेंधा नमक की कीमतें रोज बदल रही हैं। सप्लाई कम है, लेकिन सावन में मांग कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में कीमतें बढ़ना स्वाभाविक है।"

वहीं, एक ग्राहक ने कहा, "हर साल सावन में सेंधा नमक और बादाम आदि खरीदते थे, लेकिन इस बार दाम सुनकर खरीदने से हिचकिचा रहे हैं। एक किलो सेंधा नमक जो पहले 50 रुपए में मिलता था, अब 70-80 रुपए में मिल रहा है। ड्राई फ्रूट्स की स्थिति तो और भी खराब है।"

कुछ व्यापारियों ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की उम्मीद जताई है। एक व्यापारी ने कहा, "हमें विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हालात को संभाल लेंगे। उनका नेतृत्व मजबूत है, और वे बाजार को स्थिर कर सकते हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि ईरान-इजरायल युद्ध के परिणाम स्वरूप भारतीय बाजारों में अस्थिरता आई है। हमें समाधान के लिए केंद्र सरकार की पहल की आवश्यकता है, ताकि आम जनता को इस संकट से राहत मिल सके।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेंधा नमक और ड्राई फ्रूट्स की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
ईरान-इजरायल युद्ध और क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण इनकी आपूर्ति बाधित हुई है।
क्या सरकार इस समस्या का समाधान कर रही है?
कुछ व्यापारी सरकार से हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहे हैं।
सावन में सेंधा नमक का महत्व क्या है?
सावन का महीना व्रत और पूजा-पाठ के लिए महत्वपूर्ण होता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले