10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या आईयूएमएल ने स्थानीय निकाय चुनावों के बीच एसआईआर पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या आईयूएमएल ने स्थानीय निकाय चुनावों के बीच एसआईआर पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की?

सारांश

आईयूएमएल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें केरल के स्थानीय निकाय चुनावों के बीच एसआईआर पर रोक लगाने की मांग की गई है। क्या यह प्रक्रिया चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करेगी? जानिए पूरी कहानी।

मुख्य बातें

आईयूएमएल ने एसआईआर पर रोक लगाने की याचिका दायर की है।
स्थानीय निकाय चुनावों के बीच एसआईआर प्रक्रिया चलाना संभव नहीं है।
बूथ लेवल अधिकारियों पर अत्यधिक कार्यभार बढ़ने की संभावना है।
कन्नूर के अधिकारी की आत्महत्या ने चिंता बढ़ाई है।
राज्य सरकार ने एसआईआर को स्थगित करने की मांग की थी।

मलप्पुरम, 17 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने केरल में चल रहे मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) पर तुरंत रोक लगाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका प्रस्तुत की है। पार्टी का कहना है कि जब राज्य चुनाव आयोग ने स्थानीय निकाय चुनावों की अधिसूचना जारी कर दी है, ऐसे समय में एसआईआर प्रक्रिया को समानांतर रूप से संचालित करना कानूनी और व्यावहारिक दृष्टि से संभव नहीं है।

आईयूएमएल के अनुसार, 9 और 11 दिसंबर को होने वाले स्थानीय चुनावों के दौरान एसआईआर जारी रहने से प्रशासनिक टकराव की स्थिति उत्पन्न होगी, मतदाताओं में भ्रम फैलने की संभावना है और फील्ड-लेवल अधिकारियों पर अत्यधिक कार्यभार बढ़ जाएगा।

याचिका में कहा गया है कि चुनाव प्रक्रिया के बीच राज्यव्यापी मतदाता सूची में संशोधन चुनाव परंपराओं के खिलाफ है और इससे मतदान प्रक्रिया की स्थिरता में बाधा आ सकती है। पार्टी ने तर्क किया कि चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर और राज्य चुनाव आयोग द्वारा स्थानीय निकाय चुनाव दो समानांतर प्रक्रियाएं हैं, जो जमीनी स्तर पर टकराव की स्थिति पैदा करेंगी, खासकर उन बूथ लेवल अधिकारियों के बीच जिन्हें दोनों कार्यों की जिम्मेदारी निभानी होती है।

याचिका में उस दुखद घटना का भी उल्लेख किया गया है जिसमें कन्नूर में एक बूथ लेवल अधिकारी की मौत हो गई। आरोप लगाया गया है कि अत्यधिक कार्यभार और एसआईआर से जुड़ी दबाव के कारण अधिकारी ने आत्महत्या की, जिसने कर्मचारी संगठनों और राजनीतिक दलों में गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

पिछले सप्ताह, राज्य सरकार ने एसआईआर को स्थानीय निकाय चुनावों के बाद तक स्थगित करने की मांग केरल हाई कोर्ट में की थी। हालांकि, हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप से इनकार करते हुए राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट जाने की सलाह दी थी क्योंकि इसी तरह के मामलों पर पहले से ही वहाँ सुनवाई चल रही है।

इस बीच, माकपा और कांग्रेस ने भी सुप्रीम कोर्ट जाने की घोषणा की है, जिससे यह स्पष्ट है कि राज्य में सक्रिय चुनाव प्रक्रिया के दौरान एसआईआर चलाए जाने के खिलाफ एक व्यापक राजनीतिक सहमति बन रही है। वहीं, भाजपा की राज्य इकाई ने इस मुद्दे से दूरी बनाए रखने का निर्णय लिया है।

अब मामला सुप्रीम कोर्ट में तात्कालिक सुनवाई के लिए उठाए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि चुनावी प्रक्रियाओं के बीच प्रशासनिक टकराव उत्पन्न करना न केवल कानून की दृष्टि से गलत है, बल्कि यह लोकतांत्रिक आधार को भी कमजोर करता है। सभी राजनीतिक दलों को इस मुद्दे पर एकजुट होना चाहिए।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईयूएमएल ने सुप्रीम कोर्ट में किस मुद्दे पर याचिका दायर की?
आईयूएमएल ने केरल में चल रहे मतदाता सूची के एसआईआर पर रोक लगाने की मांग करते हुए याचिका दायर की है।
एसआईआर प्रक्रिया के दौरान चुनावों का क्या प्रभाव पड़ेगा?
एसआईआर प्रक्रिया के चलते प्रशासनिक टकराव और मतदाताओं में भ्रम उत्पन्न हो सकता है।
क्या माकपा और कांग्रेस भी इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट जा रही हैं?
हाँ, माकपा और कांग्रेस ने भी सुप्रीम कोर्ट जाने की घोषणा की है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 8 महीने पहले
  2. 8 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले