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जगद्गुरु बालक देवाचार्य की शंकराचार्य पर आरोपों पर गंभीर चिंता

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जगद्गुरु बालक देवाचार्य की शंकराचार्य पर आरोपों पर गंभीर चिंता

सारांश

जगद्गुरु बालक देवाचार्य ने शंकराचार्य पर लगे आरोपों पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो इससे संतों पर लोगों का विश्वास डगमगाएगा। क्या यह आरोप सही हैं या गलत? जानें इस विशेष रिपोर्ट में।

मुख्य बातें

जगद्गुरु बालक देवाचार्य ने शंकराचार्य पर आरोपों की गंभीरता को बताया।
आरोप लगाना आसान है, लेकिन इसे सहन करना मुश्किल है।
यह मामला कोर्ट में है, इसलिए कुछ नहीं कहा जा सकता।
प्रयागराज में लाठीचार्ज के अधिकारियों को सस्पेंड किया जाना चाहिए।
भारत में संतों का एक विशेष स्थान है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

वाराणसी, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। पातालपुरी मठ के जगद्गुरु बालक देवाचार्य जी महाराज ने शंकराचार्य पर लगे आरोपों को लेकर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह स्थिति गलत प्रतीत हो रही है। यदि यह आरोप सत्य साबित होते हैं, तो इससे लोगों का संतों पर विश्वास डगमगाएगा।

उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "मुझे लगता है कि उन पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं। यदि यह आरोप सही साबित हुआ, तो सभी संतों से लोगों का विश्वास उठ जाएगा। आसाराम बापू के मामले में हमें उबरने में कई वर्ष लग गए थे। हमने लोगों को बताया था कि वे अपना अलग संप्रदाय चला रहे हैं। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि शंकराचार्य पर लगाए गए आरोप झूठे साबित हों।

जगद्गुरु बालक देवाचार्य जी महाराज ने आगे कहा कि इस तरह के आरोप किसी भी संत पर नहीं लगाए जाने चाहिए, क्योंकि आरोप लगाना आसान है, लेकिन इसे सहना मुश्किल है।

उन्होंने गोस्वामी कृष्णदेवराय के एक कथन का उदाहरण देते हुए कहा, "गोस्वामी कृष्णदेवराय ने कहा है कि वासना एक बहुत शक्तिशाली चीज है, ऐसे में संत अपना जीवन कैसे जीते हैं और खुद को कैसे बचाते हैं? वे अपना जीवन भजन-पूजा में बिताते हैं और भगवान से प्रार्थना करते हैं कि वे उन्हें काम, क्रोध, मोह से दूर रखें।"

उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि यह एक कोर्ट का मामला है, इसलिए इस पर वे कुछ नहीं कह सकते।

प्रयागराज में हुए लाठीचार्ज पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों ने सड़कों पर लाठियां उठाई हैं, उन्हें सस्पेंड किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "प्रयागराज में जो कुछ भी हुआ है, उसके बावजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमारे पूज्य हैं क्योंकि उन्होंने उत्तर प्रदेश के लिए बहुत काम किया है। वे कई मठों और मंदिरों पर भी कार्य कर रहे हैं, इसलिए उन्हें ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा कि यह भारत है और यह सनातनियों, ब्राह्मणों, संतों और गौ माता की भूमि है। कोई भी सनातनी इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज में संतों के प्रति लोगों की धारणा को भी बदल सकता है। जगद्गुरु बालक देवाचार्य की चिंता इस बात का संकेत है कि ऐसे आरोपों के परिणामों का गहराई से विश्लेषण किया जाना चाहिए।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगद्गुरु बालक देवाचार्य ने शंकराचार्य पर लगे आरोपों पर क्या कहा?
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि ये आरोप गलत लगते हैं और अगर सही साबित हुए तो संतों पर विश्वास उठ जाएगा।
क्या जगद्गुरु बालक देवाचार्य ने आरोपों को गंभीरता से लिया?
हाँ, उन्होंने कहा कि ऐसे आरोप संतों पर नहीं लगाए जाने चाहिए और यह सहना बहुत कठिन है।
राष्ट्र प्रेस
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