दिल्ली में 'जगमग दिवाली': CM रेखा गुप्ता ने जवानों-पुलिसकर्मियों के लिए दीया जलाने की अपील की
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 7 नवंबर 2026 को कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में आयोजित भव्य 'जगमग दिवाली' उत्सव की सराहना करते हुए दिल्लीवासियों से अपील की कि इस बार दीये जलाते समय सीमाओं पर तैनात भारतीय सेना के जवानों और पुलिसकर्मियों के सम्मान में एक दीया अवश्य जलाएँ। उन्होंने यह अपील एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के साथ-साथ एक वीडियो संदेश के ज़रिये की।
उत्सव का आयोजन और मुख्य आकर्षण
आयोजकों के अनुसार, 'जगमग दिवाली' उत्सव 6 और 7 नवंबर को सेंट्रल पार्क, कनॉट प्लेस में आयोजित हुआ। इस उत्सव में मेगा ड्रोन-शो, दिव्य महा आरती, भजन संध्या और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल रहे। रेखा गुप्ता ने इस आयोजन को 'किसी जादू से कम नहीं' बताया, जहाँ भजनों पर युवाओं का उत्साह विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।
मुख्यमंत्री की अपील: जवानों और पुलिस के लिए एक दीया
मुख्यमंत्री ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि हम सब अपने परिवार के साथ सुकून से दीपावली मनाते हैं, क्योंकि देश के लाखों जवान सरहद पर तैनात रहते हैं और दिल्ली पुलिस शहर की सुरक्षा करती है। उन्होंने आग्रह किया, 'इस बार दीया जलाते समय एक दीया हमारे जवानों और पुलिसकर्मियों के लिए ज़रूर जलाएँ।'
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि दिल्ली की दीपावली बहु-सांस्कृतिक है — यहाँ देश के हर राज्य के लोग रहते हैं जो मिलकर इस त्योहार को मनाते हैं। उन्होंने पर्यावरण के अनुकूल तरीके से दिवाली मनाने की भी अपील की।
युवाओं के लिए विशेष प्रतियोगिताएँ
उत्सव में युवाओं और रचनात्मक प्रतिभाओं के लिए तीन प्रमुख प्रतियोगिताएँ रखी गईं:
'रील इट' — वीडियो शूट करें और शेयर करें, जीतें ₹1 लाख तक का पुरस्कार। 'शूट एंड शाइन' — दिल्ली की दिवाली के जादुई पलों को कैमरे में कैद करें, जीतें ₹1.51 लाख तक। 'आरडब्ल्यूए रंगोली' — रंगोली कला के ज़रिये रचनात्मकता दिखाएँ और जीतें ₹71,000 तक।
प्रतिभागियों से अपील की गई कि वे अपने वीडियो 'दिल्ली की दिवाली' हैशटैग के साथ अपलोड करें।
आम जनता पर असर
यह आयोजन न केवल उत्सव का मंच था, बल्कि सामाजिक एकता और सुरक्षाबलों के प्रति कृतज्ञता का भी संदेश था। रेखा गुप्ता ने कहा कि दिवाली केवल रोशनी का पर्व नहीं, बल्कि समाज में एकता, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देने वाला त्योहार है।
आने वाले वर्षों में इस तरह के आयोजनों को दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।