जयशंकर ने बांग्लादेश के निवर्तमान उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह से की विदाई भेंट, द्विपक्षीय संबंधों में योगदान सराहा
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 4 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में भारत में बांग्लादेश के निवर्तमान उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह से औपचारिक विदाई भेंट की और भारत-बांग्लादेश संबंधों को मजबूत बनाने में उनके योगदान की सराहना की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब दोनों देशों के बीच राजनयिक संवाद कई स्तरों पर सक्रिय बना हुआ है।
जयशंकर का संदेश और विदाई भेंट
मुलाकात के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह से उनकी विदाई मुलाकात के दौरान मिलकर खुशी हुई। उनके योगदान की सराहना करता हूं और भविष्य के लिए उन्हें शुभकामनाएं देता हूं।' यह संक्षिप्त किंतु महत्वपूर्ण संदेश भारत की कूटनीतिक सौजन्यता और पड़ोसी देश के साथ संवाद बनाए रखने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
रियाज हमीदुल्लाह का कार्यकाल
रियाज हमीदुल्लाह ने पिछले साल अप्रैल में नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग में उच्चायुक्त का पदभार संभाला था। इस पद से पहले वह बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) के रूप में कार्यरत थे। उनका कार्यकाल भारत-बांग्लादेश संबंधों में कई उतार-चढ़ाव के दौर में रहा।
ढाका में समानांतर राजनयिक सक्रियता
इससे पहले 30 सितंबर 2026 को ढाका में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम मामलों के मंत्री अहमद आजम खान से मुलाकात की, जिसमें आपसी हित के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि दोनों पक्षों ने 'भारत-बांग्लादेश के बीच लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों और सहयोग को दोहराया।'
उसी दिन त्रिवेदी ने बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर से भी भेंट की। भारतीय उच्चायोग के अनुसार, इस बातचीत में 'दोनों पड़ोसी देशों के बीच सहयोग जारी रखने पर जोर दिया गया, ताकि भारत और बांग्लादेश के लोगों को इसका फायदा मिल सके।'
भारत की स्थिति: सकारात्मक और भविष्योन्मुखी रिश्ते
गौरतलब है कि 22 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय की नियमित मीडिया ब्रीफिंग में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया था कि 'भारत बांग्लादेश के साथ सकारात्मक, रचनात्मक और भविष्य की ओर देखने वाला रिश्ता चाहता है।' उन्होंने आगे कहा, 'हम दोनों देशों के बीच सभी मुद्दों पर मौजूदा तय व्यवस्थाओं के तहत बातचीत के लिए तैयार हैं। यही हमारा इरादा है।'
यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक परिदृश्य नए सिरे से आकार ले रहा है और उच्च-स्तरीय संपर्कों की श्रृंखला दोनों पक्षों की सक्रियता को दर्शाती है। आने वाले हफ्तों में नए उच्चायुक्त की नियुक्ति और द्विपक्षीय एजेंडे की दिशा पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।