नकवी का विपक्ष पर हमला: जामिया और जंतर मंतर को अराजकता का मंच बना रहे हैं कांग्रेस नेता
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने 24 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि विपक्ष जामिया और जंतर मंतर को अराजकता का मंच बनाने पर आमादा है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की प्रस्तावित रैली और जामिया में हुए विरोध प्रदर्शन, दोनों को निशाने पर लिया। नकवी के अनुसार, इस तरह की गतिविधियाँ लोकतांत्रिक आग्रह नहीं, बल्कि विध्वंसकारी प्रवृत्ति का प्रदर्शन हैं।
नकवी का मुख्य आरोप
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि चाहे जंतर मंतर हो या जामिया, कुछ लोग इन जगहों को 'अराजकता का अम्यूज़मेंट पार्क' और 'उद्दंडता का मनोरंजन मैदान' बनाना चाहते हैं। उनके शब्दों में, "यह इनका प्रोटेस्ट डेमोक्रेटिक पैशन नहीं बल्कि डिस्ट्रक्टिव फैशन है।"
नकवी ने आरोप लगाया कि ऐसे लोग देश में अव्यवस्था और अस्थिरता पैदा करने के लिए काम करते हैं और पूरी दुनिया में भारत के बारे में भय व भ्रम का माहौल बनाना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि यह काम कांग्रेस और उसके 'प्रॉक्सी पार्टनर' मिलकर कर रहे हैं।
जामिया प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया
जामिया में हुए 'आवाज दो हम एक हैं' कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए नकवी ने कहा कि वहाँ कांग्रेस के नेता पहुँचे हुए थे, जो यह साफ करता है कि विपक्ष इन प्रदर्शनों को राजनीतिक रंग देने में लगा है। उन्होंने कहा कि इस 'डिस्ट्रक्टिव फैशन' के ज़रिए सार्थक कुछ हासिल नहीं होगा, और इसी के चलते विपक्ष का स्वयं नुकसान होगा।
राहुल गांधी की रैली पर आपत्ति
नकवी ने राहुल गांधी की रैली को लेकर कहा कि इससे व्यापारियों को परेशानी होगी। उन्होंने त्योहारी सीज़न का हवाला देते हुए कहा कि देश में अभी दीपावली का माहौल है और ऐसे में लोगों के उत्सव में बाधा डालने का काम किया जा रहा है। उनके अनुसार, लोगों को ऐसे प्रदर्शनों से दूर रहना चाहिए।
केरलम राज्यपाल के 'शाकाहारी रसोई' आदेश पर बयान
कांग्रेस नेता के. सी. वेणुगोपाल द्वारा केरलम के राज्यपाल के 'शाकाहारी रसोई' संबंधी आदेश की आलोचना किए जाने पर नकवी ने स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध केवल राजभवन तक सीमित है, पूरे राज्य में नहीं। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति ए. पी. जे. अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में राष्ट्रपति भवन में भी मांसाहारी भोजन बनना बंद हो गया था। नकवी ने कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं।
राजनीतिक संदर्भ
यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ लामबंदी की कोशिश कर रहा है। गौरतलब है कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय परिसर पहले भी कई बड़े विरोध प्रदर्शनों का केंद्र रहा है। नकवी का यह हमला BJP की उस रणनीति का हिस्सा है जो विपक्षी प्रदर्शनों को 'अव्यवस्था की राजनीति' के रूप में चित्रित करती है। आने वाले दिनों में यह आरोप प्रत्यारोप और तेज़ होने की संभावना है।