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क्या जम्मू-कश्मीर के एलजी ने 'नशा मुक्ति' पर आधारित फिल्म 'द लास्ट डोज' का पोस्टर जारी किया?

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क्या जम्मू-कश्मीर के एलजी ने 'नशा मुक्ति' पर आधारित फिल्म 'द लास्ट डोज' का पोस्टर जारी किया?

सारांश

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने नशा मुक्ति पर आधारित फिल्म 'द लास्ट डोज' का पोस्टर जारी किया है। यह फिल्म नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से बनाई गई है। जानिए इस फिल्म के निर्माण और इसकी सामाजिक महत्वता के बारे में।

मुख्य बातें

नशा मुक्ति पर आधारित जागरूकता फिल्म 'द लास्ट डोज' का पोस्टर जारी किया गया है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पूरी टीम को शुभकामनाएं दी।
जम्मू-कश्मीर में मादक पदार्थों की लत तीव्रता से बढ़ रही है।
सरकार जागरूकता अभियान का विस्तार कर रही है।
आईएमएचएएनएस द्वारा हेल्पलाइन नंबर का प्रचार किया जा रहा है।

जम्मू, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को लोक भवन में नशा मुक्ति पर आधारित जागरूकता फिल्म 'द लास्ट डोज' का पोस्टर जारी किया।

यह फिल्म ख्वाहिश गुप्ता प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित की गई है। लोक भवन से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में उपराज्यपाल ने पूरी टीम को बधाई दी और उन्हें शुभकामनाएं दीं।

'ख्वाहिश गुप्ता प्रोडक्शंस' के संस्थापक ख्वाहिश गुप्ता, फिल्म के निर्माता शिवदीप गुप्ता और प्रिया गुप्ता, और अन्य टीम सदस्य पोस्टर जारी करने के समारोह में उपस्थित थे।

शनिवार की सुबह को कश्मीर डिविजनल कमिश्नर ने श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए मादक पदार्थों की लत को जम्मू-कश्मीर में एक गंभीर सामाजिक समस्या बताया।

उन्होंने कहा कि यह समस्या तेजी से बढ़ी है और पिछले साढ़े तीन वर्षों में तीन गुना हो गई है, जो चिंताजनक है।

डिविजनल कमिश्नर ने कहा कि सरकार धार्मिक नेताओं सहित सभी हितधारकों को शामिल करते हुए अपने मादक पदार्थों के खिलाफ जागरूकता अभियान का विस्तार कर रही है।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में एक बड़ा जागरूकता अभियान चल रहा है और मुख्य सचिव व्यक्तिगत रूप से इसकी निगरानी कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंस (आईएमएचएएनएस) द्वारा व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जहां स्वास्थ्य और शैक्षणिक संस्थानों में परामर्शदाताओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

शीघ्र हस्तक्षेप और रोकथाम के लिए एक मजबूत नेटवर्क बनाने के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

सहायता चाहने वालों की मदद के लिए आईएमएचएएनएस के हेल्पलाइन नंबरों का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

श्रीनगर स्थित सरकारी मनोरोग अस्पताल के दो भाग हैं: रैनावारी में 100 बिस्तरों वाला इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंस (आईएमएचएएनएस) और एसएमएचएस परिसर के भीतर 30 बिस्तरों वाली सामुदायिक सामान्य अस्पताल इकाई।

अस्पताल में नियमित हेमेटोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, सीरम इलेक्ट्रोलाइट्स, सीरोलॉजी, ईईजी और ईसीटी सहित नैदानिक सेवाएं उपलब्ध हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फिल्म 'द लास्ट डोज' का उद्देश्य क्या है?
इस फिल्म का उद्देश्य नशे की समस्या के प्रति जागरूकता फैलाना है।
इस फिल्म का निर्माण किसने किया है?
यह फिल्म ख्वाहिश गुप्ता प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित की गई है।
जम्मू-कश्मीर में मादक पदार्थों की स्थिति क्या है?
यहां मादक पदार्थों की लत तेजी से बढ़ रही है और यह एक गंभीर सामाजिक समस्या बन गई है।
राष्ट्र प्रेस
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