क्या जम्मू-कश्मीर में शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे, भारी बारिश के कारण लिया गया फैसला?

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क्या जम्मू-कश्मीर में शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे, भारी बारिश के कारण लिया गया फैसला?

सारांश

जम्मू-कश्मीर में जारी भारी बारिश के कारण सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। शिक्षा मंत्री ने मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। जानें इस स्थिति का क्या असर पड़ेगा और राहत कार्यों की क्या योजना है।

Key Takeaways

  • जम्मू-कश्मीर में सभी शैक्षणिक संस्थान गुरुवार को बंद रहेंगे।
  • कश्मीर विश्वविद्यालय की सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं।
  • भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हुई है।
  • बचाव कार्यों के लिए उच्च स्तरीय बैठक हुई।
  • सरकार ने प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

जम्मू, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर में निरंतर हो रही भारी बारिश के चलते सभी शैक्षणिक संस्थान गुरुवार को बंद रहेंगे।

शिक्षा मंत्री सकीना इटू ने बुधवार को 'एक्स' पर जानकारी दी कि मौजूदा खराब मौसम के कारण जम्मू और कश्मीर में सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे।

जम्मू क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश और कश्मीर घाटी में लगातार बारिश के कारण सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया गया है। जम्मू में स्कूल सोमवार से बंद हैं, जबकि कश्मीर के अनंतनाग, कुलगाम, पुलवामा, शोपियां, बडगाम और श्रीनगर जिलों में बुधवार को एहतियात के तौर पर शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए।

कश्मीर विश्वविद्यालय ने भी गुरुवार को होने वाली सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। विश्वविद्यालय ने कहा, "मौजूदा खराब मौसम को देखते हुए गुरुवार को होने वाली सभी परीक्षाएं स्थगित की गई हैं।"

जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। कश्मीर में झेलम और अन्य नदियों का जलस्तर बाढ़ की चेतावनी सीमा को पार कर गया है। वहीं, जम्मू क्षेत्र में नदियां और नाले खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं।

लगातार चार दिनों की मूसलाधार बारिश के कारण क्षेत्र के बड़े हिस्से जलमग्न हो गए हैं, जिससे निचले इलाकों से हजारों लोगों को निकाला गया है। इस बीच, जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में एक त्रासदी हुई, जहां वैष्णो देवी तीर्थयात्रा मार्ग भूस्खलन का शिकार हो गया।

बचावकर्मियों द्वारा बुधवार को मलबे से और शव बरामद किए जाने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है। बचाव दल अभी भी बचे हुए लोगों की तलाश कर रहे हैं।

मौसम विभाग ने बुधवार को जम्मू संभाग के कई हिस्सों और दक्षिणी व मध्य कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश की भविष्यवाणी की है।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें बचाव और राहत कार्यों की समीक्षा की गई और संकट से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया गया। उन्होंने अधिकारियों, केंद्रीय एजेंसियों, सेना, वायुसेना, एनडीआरएफ और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उपराज्यपाल ने अधिकारियों से बाढ़ प्रभावित इलाकों में बिजली, पीने का पानी, स्वास्थ्य सेवाएं, राशन और टेलीफोन कनेक्टिविटी जैसी जरूरी सेवाओं को बिना रुकावट जारी रखने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में बाधित सेवाओं को प्राथमिकता के साथ बहाल किया जाए और खाद्य सामग्री एवं दवाइयों का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित किया जाए।

Point of View

NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

जम्मू-कश्मीर में स्कूल कब तक बंद रहेंगे?
जम्मू-कश्मीर में मौसम की स्थिति के अनुसार सभी स्कूल गुरुवार को बंद रहेंगे।
क्या कश्मीर विश्वविद्यालय की परीक्षाएं स्थगित की गई हैं?
जी हां, कश्मीर विश्वविद्यालय ने सभी परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है।
भारी बारिश के कारण क्या स्थिति उत्पन्न हुई है?
भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है और कई क्षेत्रों में जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।
बचाव कार्यों के लिए क्या उपाय किए गए हैं?
उपराज्यपाल ने अधिकारियों को राहत कार्यों की समीक्षा करने और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
क्या इस बारिश का कोई दीर्घकालिक प्रभाव होगा?
इस बारिश का दीर्घकालिक प्रभाव तब हो सकता है जब बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाएं प्रभावित क्षेत्रों की संरचना को बदल दें।