क्या जम्मू-कश्मीर के आईआईआईएम परिसर में जलभराव ने स्थिति को गंभीर बना दिया?

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क्या जम्मू-कश्मीर के आईआईआईएम परिसर में जलभराव ने स्थिति को गंभीर बना दिया?

सारांश

जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के चलते आईआईआईएम परिसर में जलभराव ने बच्चों की जान को संकट में डाल दिया। एसडीआरएफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 90 बच्चों को सुरक्षित निकाला। जानिए कैसे हुई यह रेस्क्यू ऑपरेशन और क्या हैं हालात।

Key Takeaways

  • आईआईआईएम परिसर में जलभराव से बच्चों की जान खतरे में थी।
  • एसडीआरएफ ने त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन किया।
  • स्थानीय प्रशासन ने अद्भुत कार्य किया।

जम्मू-कश्मीर, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में निरंतर हो रही बारिश और खराब मौसम के कारण बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। आईआईआईएम परिसर में रविवार रात को भारी जलभराव के चलते चिंताजनक हालात उत्पन्न हुए। क्वार्टर में रह रहे करीब 90 बच्चों को एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला।

बच्चों ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि लगभग ३:३० बजे बारिश शुरू हुई, जिसके बाद उन्होंने तुरंत अपने एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक को सूचना दी। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस और स्थानीय सुरक्षा गार्ड सक्रिय हो गए और नाव के माध्यम से सभी बच्चों को सुरक्षित निकाला गया।

एसडीआरएफ अधिकारी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही तीन टीमें मौके पर भेजी गईं और सभी बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। वहीं, जम्मू-कश्मीर पुलिस के एसओ विक्रम सिंह ने कहा कि पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। सभी बच्चे सुरक्षित हैं।

एसएचओ विक्रम सिंह ने कहा कि रविवार सुबह से, जब हमें पता चला कि यहां भारी बारिश हुई है, और बाद में नहर का पानी भी ओवरफ्लो हो गया, तो इस क्षेत्र में जलस्तर काफी बढ़ गया। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम और जम्मू-कश्मीर पुलिस मौके पर पहुंच गई। सिविल डिफेंस के जवान भी वहां पहुंचे।

एसडीआरएफ अधिकारी पुरुषोत्तम सिंह ने कहा कि यहां तीन टीमें तैनात थीं। बच्चों सहित लगभग ४० से ४२ लोगों को बचाया गया है। एक और नाव अभी अन्य लोगों को लाने के लिए गई है। मैं सुबह से लगातार काम कर रहा हूं। यह बादल फटने की घटना नहीं है, बल्कि सिर्फ भारी बारिश है। पानी का निकास न होने के कारण जलभराव हुआ।

छात्रा प्राची ने बताया कि सुबह करीब छह बजे मेरे कमरे में घुटनों तक पानी भर गया। रात दो बजे तक बारिश नहीं हो रही थी। कमरे के सारे सामान पानी के ऊपर तैर रहे थे। पानी का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा था।

छात्र कौशिक ने बताया कि रात में ३:३० बजे बारिश शुरू हुई थी। इस बारिश से कमरे में घुटने तक पानी भर गया और लगातार बढ़ता जा रहा था।

एक स्थानीय निवासी ने बताया कि सुबह के करीब ६ बजे थे। हम अंदर सो रहे थे। मैंने अपने बेटे से कहा कि बहुत तेज बारिश हो रही है, बाहर जाकर पानी का स्तर देख लो। उसने कहा कि नहीं मां, कुछ नहीं, तुम वापस सो जाओ। लेकिन मैं खुद उठकर बाहर गई। मैंने देखा कि हमारी बाहर खड़ी कार आधी पानी में डूब चुकी थी।

Point of View

जो प्रशंसा के योग्य है।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

जम्मू-कश्मीर में जलभराव के कारण क्या हैं?
लगातार हो रही बारिश और नहरों का ओवरफ्लो होना जलभराव का मुख्य कारण है।
कितने बच्चों को सुरक्षित निकाला गया?
लगभग 90 बच्चों को एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित निकाला।
क्या स्थिति अब सुरक्षित है?
हालांकि सभी बच्चे सुरक्षित हैं, लेकिन क्षेत्र में अभी भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।