क्या जम्मू-कश्मीर में एमबीबीएस दाखिलों को लेकर उपराज्यपाल से मिले विपक्षी नेता?

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क्या जम्मू-कश्मीर में एमबीबीएस दाखिलों को लेकर उपराज्यपाल से मिले विपक्षी नेता?

सारांश

जम्मू-कश्मीर में नेताओं की एक बैठक में, नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने उपराज्यपाल से एमबीबीएस दाखिलों में माता वैष्णो देवी के भक्तों की भावनाओं का सम्मान करने की अपील की। क्या इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे?

मुख्य बातें

सुनील शर्मा ने उपराज्यपाल से एमबीबीएस दाखिलों पर चिंता व्यक्त की।
हिंदू भक्तों की भावनाओं को ध्यान में रखने की आवश्यकता है।
दक्षिणपंथी समूहों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
50 एमबीबीएस सीटें इस वर्ष स्वीकृत की गईं।
संस्थान को 'अल्पसंख्यक संस्थान' का दर्जा देने की मांग की गई।

जम्मू, 22 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से एसएमवीडीआईएमई में एमबीबीएस दाखिलों को लेकर माता वैष्णो देवी के भक्तों की भावनाओं का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने शनिवार शाम को जम्मू के राजभवन में उपराज्यपाल से मुलाकात की और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के तहत कार्यरत श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (एसएमवीडीआईएमई) में हाल ही में हुए एमबीबीएस दाखिलों के संबंध में अपनी चिंताएं साझा कीं।

भाजपा नेता ने चयन प्रक्रिया पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि इस प्रवेश प्रक्रिया से माता वैष्णो देवी के भक्तों और हिंदू समुदाय के एक बड़े हिस्से में गहरी नाराजगी फैल गई है। उन्होंने उपराज्यपाल को बताया कि बड़ी संख्या में गैर-हिंदू छात्रों के चयन से कई भक्तों में दुःख उत्पन्न हुआ है। शर्मा ने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा न केवल शैक्षणिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि माता वैष्णो देवी से जुड़े संस्थानों की सांस्कृतिक संवेदनशीलता और आस्था संबंधी अपेक्षाओं से भी जुड़ा है।

यह जानकारी दी गई है कि एसएमवीडीआईएमई को इस वर्ष 50 एमबीबीएस सीटें स्वीकृत की गई हैं। इस बीच, 2025-26 शैक्षणिक वर्ष के पहले बैच में समुदाय विशेष के 42 छात्रों के प्रवेश ने विवाद खड़ा कर दिया है। दक्षिणपंथी हिंदू समूहों ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं और नव स्थापित संस्थान को “अल्पसंख्यक संस्थान” का दर्जा देने की मांग की है।

बैठक के दौरान, सुनील शर्मा ने प्रवेश मानदंडों की समीक्षा करने, पारदर्शिता बढ़ाने और हिंदू समुदाय की भावनाओं का उचित ध्यान रखने का अनुरोध किया। उन्होंने इस दृष्टिकोण का समर्थन किया जो श्रद्धालुओं की अपेक्षाओं को मान्यता देता है।

भाजपा विधायकों शाम लाल शर्मा, सुरजीत सिंह सलाथिया, डॉ. देविंदर मन्याल और आरएस पठानिया के प्रतिनिधिमंडल के साथ, विपक्ष के नेता ने लोगों, विशेषकर हिंदू भक्तों की सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं की रक्षा के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता को दोहराया। प्रतिनिधिमंडल ने उपराज्यपाल से हस्तक्षेप करने और जनता की शिकायतों के समाधान तथा प्रवेश प्रक्रिया में विश्वास बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की।

प्रतिनिधिमंडल ने उपराज्यपाल से माता वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं द्वारा उठाई गई चिंताओं के समाधान के लिए तात्कालिक कदम उठाने का आग्रह किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह सांस्कृतिक और धार्मिक संवेदनाओं का भी विषय है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सुनील शर्मा ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से क्या अनुरोध किया?
सुनील शर्मा ने उपराज्यपाल से एमबीबीएस दाखिलों में माता वैष्णो देवी के भक्तों की भावनाओं का ध्यान रखने की अपील की।
क्या विवाद का कारण बना?
विवाद का कारण गैर-हिंदू छात्रों की बड़ी संख्या में चयन है, जिसने हिंदू समुदाय में नाराजगी पैदा की।
एसएमवीडीआईएमई में कितनी सीटें स्वीकृत की गई हैं?
इस वर्ष एसएमवीडीआईएमई को 50 एमबीबीएस सीटें स्वीकृत की गई हैं।
क्या दक्षिणपंथी हिंदू समूहों ने क्या मांग की है?
दक्षिणपंथी हिंदू समूहों ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाया है और संस्थान को 'अल्पसंख्यक संस्थान' का दर्जा देने की मांग की है।
सुनील शर्मा ने बैठक में क्या सुझाव दिया?
उन्होंने प्रवेश मानदंडों की समीक्षा, पारदर्शिता बढ़ाने और हिंदू समुदाय की भावनाओं का ध्यान रखने का सुझाव दिया।
राष्ट्र प्रेस
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