क्या जम्मू पुलिस ने गणतंत्र दिवस के मद्देनजर मकान मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की?

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क्या जम्मू पुलिस ने गणतंत्र दिवस के मद्देनजर मकान मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की?

सारांश

जम्मू पुलिस ने गणतंत्र दिवस समारोह की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, 5 मकान मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की है। बिना पुलिस वेरिफिकेशन के किराएदार रखने पर एफआईआर दर्ज की गई है। यह अभियान सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने का एक हिस्सा है।

Key Takeaways

  • गणतंत्र दिवस की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की गई है।
  • 5 मकान मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
  • पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य है।
  • 'किराएदार' पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन वेरिफिकेशन संभव है।
  • सुरक्षा को बढ़ाने के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण है।

जम्मू, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, जम्मू पुलिस (दक्षिण क्षेत्र) ने बाहू फोर्ट पुलिस स्टेशन के माध्यम से डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (डीएम), जम्मू के आदेश का उल्लंघन करने वाले मकान मालिकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं।

पुलिस ने बिना अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन के किराएदार रखने के आरोप में पांच मामलों में एफआईआर दर्ज की है। ये मामले बीएनएस की धारा 223 के तहत दर्ज किए गए हैं।

ये एफआईआर निम्नलिखित मकान मालिकों के खिलाफ दर्ज की गई है, जिनमें बहार अहमद नाइक, पुत्र गुलाम नबी नाइक, निवासी खाड़ी, रामबन (वर्तमान पता: पाली हिल, बठिंडी); कैसर निज़ामी, पुत्र मोहम्मद अमीन निज़ामी, निवासी फिरदौस कॉलोनी, चांद पुरा, श्रीनगर (वर्तमान पता: पाली हिल, बठिंडी); उमर जान, पुत्र गुलाम नबी भट, निवासी बेमिना हाउसिंग कॉलोनी, श्रीनगर; सज्जाद अहमद, पुत्र मोहम्मद अयूब, निवासी डोडा (वर्तमान पता: बठिंडी नाला, बरमिनी रोड, बठिंडी); और सद्दाम हुसैन, पुत्र अब्दुल मजीद शेख, निवासी चचावाह, रामबन शामिल हैं।

यह अभियान एसएचओ बाहू फोर्ट द्वारा एसडीपीओ सिटी ईस्ट, एसपी सिटी साउथ की कड़ी निगरानी और एसएसपी जम्मू की समग्र देखरेख में चलाया जा रहा है। जम्मू में किराएदार वेरिफिकेशन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए यह एक नियमित प्रवर्तन अभियान है, खासकर गणतंत्र दिवस के दौरान संभावित सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए।

पुलिस ने बताया कि पिछले वर्षों में भी इसी तरह के अभियान चलाए गए थे, जिनमें हजारों किराएदारों की जांच की गई और दर्जनों एसआईआर दर्ज हुईं। हाल ही में 'किराएदार' पोर्टल लॉन्च किया गया है, जो मकान मालिकों के लिए ऑनलाइन वेरिफिकेशन को आसान बनाता है। यह पोर्टल उपयोगकर्ता-अनुकूल है, और कहीं से भी किराएदारों की जानकारी सबमिट की जा सकती है, जिससे शारीरिक रूप से पुलिस स्टेशन जाने की आवश्यकता कम हो गई है।

जम्मू पुलिस ने एक बार फिर सभी मकान मालिकों से अपील की है कि वे किराएदार वेरिफिकेशन दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें। किसी भी संदिग्ध या बिना वेरिफिकेशन के किराएदार को रखने से सुरक्षा खतरे बढ़ सकते हैं, इसलिए नागरिकों से सहयोग करने और सतर्क रहने की मांग की गई है।

Point of View

तो यह आवश्यक है कि सभी नागरिक नियमों का पालन करें। इस तरह के अभियानों से न केवल कानून-व्यवस्था में सुधार होता है, बल्कि समाज में एक जिम्मेदार नागरिकता की भावना भी विकसित होती है।
NationPress
26/02/2026

Frequently Asked Questions

क्या मकान मालिकों को किराएदार रखने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य है?
जी हां, बिना पुलिस वेरिफिकेशन के किराएदार रखना अवैध है और इसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
जम्मू पुलिस किस प्रकार की कार्रवाई कर रही है?
जम्मू पुलिस ने बिना वेरिफिकेशन के किराएदार रखने वाले मकान मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
क्या किराएदार वेरिफिकेशन का कोई ऑनलाइन तरीका है?
हां, हाल ही में 'किराएदार' पोर्टल लॉन्च किया गया है, जिससे ऑनलाइन वेरिफिकेशन करना आसान हो गया है।
यह अभियान किसके द्वारा निगरानी में चलाया जा रहा है?
यह अभियान एसएचओ बाहू फोर्ट द्वारा एसडीपीओ सिटी ईस्ट, एसपी सिटी साउथ की निगरानी में चलाया जा रहा है।
क्या यह अभियान केवल गणतंत्र दिवस पर ही है?
नहीं, यह एक नियमित प्रवर्तन अभियान है, जो सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है।
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