जमशेदपुर में जदयू युवा मोर्चा का विचार क्रांति सम्मेलन, ड्रग्स-सट्टेबाजी पर विधायक सरयू राय का बड़ा आरोप
सारांश
मुख्य बातें
जमशेदपुर के साकची स्थित धालभूम क्लब में 2 अक्टूबर 2026 को जनता दल (यूनाइटेड) युवा मोर्चा ने 'विचार क्रांति सम्मेलन' का आयोजन किया, जिसका मकसद ड्रग्स और सट्टेबाजी के बढ़ते दुष्प्रभावों के विरुद्ध समाज में जागरूकता फैलाना और प्रशासनिक कार्रवाई को धार देना था। सम्मेलन में युवाओं, परिवारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया, जहाँ वक्ताओं ने एकमत होकर कहा कि इन सामाजिक बुराइयों से लड़ाई केवल पुलिस के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती।
मुख्य अतिथि का संबोधन और बड़ा आरोप
सम्मेलन के मुख्य अतिथि जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने स्पष्ट कहा कि ड्रग्स और सट्टेबाजी पर केवल पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। उनके अनुसार, नगर पंचायत, नगरपालिका और नगर निगम जैसे स्थानीय निकायों को भी अपने-अपने इलाकों में इन समस्याओं की पहचान और रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
राय ने यह भी आरोप लगाया कि शासन के शीर्ष स्तर पर बैठे लोगों का संरक्षण इन गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने में बाधा बन रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन को सूचना मिलती रहती है, लेकिन कार्रवाई निरंतर और ठोस होनी चाहिए। यह आरोप ऐसे समय में आया है जब झारखंड के कई शहरों में नशे और अवैध सट्टेबाजी के नेटवर्क के विस्तार की खबरें सामने आ रही हैं।
परिवार और समाज की भूमिका पर जोर
विधायक सरयू राय ने परिवारों की ज़िम्मेदारी को रेखांकित करते हुए कहा कि घर का कोई भी सदस्य नशे या सट्टेबाजी की गिरफ्त में आता है तो उसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है और बच्चों पर इसका सबसे गहरा प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे बच्चों की संगति, दैनिक गतिविधियों और व्यवहार पर सतर्क नज़र रखें।
उन्होंने कहा कि ड्रग्स और सट्टेबाजी के विरुद्ध यह लड़ाई परिवार से शुरू होकर मोहल्ले और पूरे समाज तक पहुँचनी चाहिए। जिन इलाकों में ऐसी शिकायतें अधिक आती हैं, वहाँ निगरानी, सूचना के आदान-प्रदान और जनजागरूकता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
विशेषज्ञों और नेताओं के विचार
सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक संजय रंजन सिंह ने युवाओं में सकारात्मक सोच और देश के प्रति समर्पण की भावना विकसित करने की ज़रूरत बताई। उन्होंने चंद्रशेखर आज़ाद और भगत सिंह का उदाहरण देते हुए युवाओं से देशसेवा के प्रति जुनून जगाने की अपील की।
सम्मेलन के संयोजक मनोज सिंह ने कहा कि नशा शरीर को नुकसान पहुँचाता है, जबकि सट्टेबाजी व्यक्ति के विवेक और मेहनत की भावना को कमज़ोर कर सकती है। जदयू नेता धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि सामाजिक कुरीतियों पर नियंत्रण की शुरुआत परिवार से होनी चाहिए।
जदयू पूर्वी सिंहभूम के जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने पुलिस और प्रशासन पर प्रभावी कार्रवाई के लिए दबाव बनाने की ज़रूरत बताई। अधिवक्ता अनिल तिवारी ने कहा कि अदालतों के फैसलों का वास्तविक असर तभी दिखेगा जब संबंधित एजेंसियाँ उनका प्रभावी तरीके से पालन करें।
सम्मेलन का संचालन और प्रतिभागी
कार्यक्रम में जदयू युवा मोर्चा के पूर्वी सिंहभूम अध्यक्ष नीरज सिंह ने स्वागत भाषण दिया। मंच संचालन विवेक पांडेय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन जदयू महानगर अध्यक्ष अजय कुमार ने किया। गौरतलब है कि यह सम्मेलन गांधी जयंती के दिन आयोजित किया गया, जो अपने आप में एक प्रतीकात्मक संदेश देता है।
आगे की राह
सम्मेलन में वक्ताओं ने ड्रग्स और सट्टेबाजी के विरुद्ध निरंतर जागरूकता अभियान चलाने की माँग की। यह सम्मेलन एक शुरुआत है — असली परीक्षा यह होगी कि इसमें उठाई गई माँगें प्रशासनिक स्तर पर कितनी प्रतिध्वनित होती हैं और स्थानीय निकाय इस दिशा में ठोस कदम उठाते हैं या नहीं।