21 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

आरएसएस सह सरकार्यवाह सीआर मुकुंद बोले — नशा गाँवों तक पहुँचा, सिस्टम सुधारना अनिवार्य

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
आरएसएस सह सरकार्यवाह सीआर मुकुंद बोले — नशा गाँवों तक पहुँचा, सिस्टम सुधारना अनिवार्य

सारांश

विशाखापट्टनम में तीन दिवसीय बैठक के बाद आरएसएस सह सरकार्यवाह सीआर मुकुंद ने कहा कि नशा अब गाँवों तक पहुँच चुका है और नीट जैसी व्यवस्थागत विफलताएँ युवाओं को चिंतित कर रही हैं। संघ चाहता है कि सरकार और समाज मिलकर इन खामियों को दूर करें।

मुख्य बातें

आरएसएस सह सरकार्यवाह सीआर मुकुंद ने 21 अगस्त को विशाखापट्टनम में तीन दिवसीय वार्षिक बैठक के बाद प्रेस ब्रीफिंग की।
बैठक में असम की भीषण बाढ़ पर चर्चा हुई; राष्ट्रीय सेवा भारती , आरोग्य भारती सहित कई संगठनों ने राहत कार्य में भाग लिया।
मुकुंद ने चेताया कि नशा टियर-2, टियर-3 शहरों और गाँवों तक फैल चुका है; स्कूली छात्रों को भी आसानी से उपलब्ध।
नीट सहित व्यवस्थागत खामियों पर चिंता जताते हुए कहा — सिस्टम सुधारना सरकार और समाज दोनों की ज़िम्मेदारी।
इस वर्ष 21,000 युवा स्वयंसेवकों ने 21 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में भाग लिया; दैनिक शाखाओं में 60% से अधिक युवा।
संघ के शताब्दी वर्ष में वैश्विक स्तर पर सकारात्मक कथा निर्माण और पंच परिवर्तन एजेंडे पर ध्यान केंद्रित।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह सरकार्यवाह सीआर मुकुंद ने 21 अगस्त को विशाखापट्टनम में आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक बैठक के बाद प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि देश की व्यवस्थागत खामियों को दूर करना अब अपरिहार्य हो गया है। उन्होंने असम की बाढ़, नशे की बढ़ती समस्या, जनसांख्यिकीय बदलाव और विकास के भारतीय मॉडल सहित कई अहम मुद्दों पर संघ का पक्ष रखा।

बैठक का उद्देश्य और स्वरूप

सीआर मुकुंद ने स्पष्ट किया कि यह आरएसएस का वार्षिक आयोजन है जिसमें संघ से प्रेरणा लेकर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत 40 से अधिक संगठनों के प्रतिनिधि एकत्रित होते हैं। बैठक में आने वाले वर्षों में कार्य-विस्तार की रणनीति पर चर्चा होती है — जिसमें संगठनात्मक विस्तार और राष्ट्रवादी विचारों को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने के उपाय शामिल हैं।

असम बाढ़: स्वयंसेवकों की तत्काल प्रतिक्रिया

बैठक में असम की बाढ़ पर विस्तृत चर्चा हुई। मुकुंद ने कहा कि इस बार की बाढ़ अत्यंत भीषण थी। राष्ट्रीय सेवा भारती, किसान संघ, नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन (एनएमओ), आरोग्य भारती और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं ने राहत एवं पुनर्वास कार्यों में भाग लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सरकार की नहीं, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं की भागीदारी का उल्लेख कर रहे हैं।

नशे की समस्या और सिस्टम की विफलता

सीआर मुकुंद ने चेताया कि नशा अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहा — यह टियर-2 और टियर-3 शहरों के साथ-साथ गाँवों तक पहुँच चुका है। उन्होंने कहा कि स्कूली छात्रों को भी नशा सहजता से उपलब्ध हो रहा है, जो गहरी चिंता का विषय है।

जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन के संदर्भ में उन्होंने कहा कि संघ और उसके सहयोगी संगठन चाहते हैं कि व्यवस्था सुचारु रूप से काम करे। उन्होंने कहा, 'युवा सिस्टम की विफलताओं को लेकर चिंतित हैं — चाहे वह नीट हो या कोई अन्य मुद्दा। यह किसी एक सरकार या एक परीक्षा का मामला नहीं, देशभर की व्यवस्थाओं में सुधार की दरकार है।' उन्होंने जोर दिया कि इसके लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे और समाज को भी जागरूक होना होगा।

जनसांख्यिकी और युवा शक्ति

वैश्विक जनसांख्यिकीय बदलाव पर मुकुंद ने कहा कि कई देश बढ़ती उम्र की आबादी की चुनौती से जूझ रहे हैं। भारत के पास अभी विश्व की सबसे बड़ी युवा आबादी है, लेकिन जनसांख्यिकी विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार अगले तीन से चार दशकों में भारत में भी यही स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

युवा जुड़ाव के संदर्भ में उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी 21,000 युवा स्वयंसेवकों ने 21 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में भाग लिया। उन्होंने यह भी कहा कि रोज़ाना की शाखाओं में 60 प्रतिशत से अधिक युवा शामिल होते हैं।

विकास का भारतीय मॉडल और वैश्विक आउटरीच

बैठक में विकास के भारतीय मॉडल पर भी मंथन हुआ। मुकुंद के अनुसार, विकास आत्मनिर्भर, पर्यावरण के अनुकूल और समावेशी होना चाहिए। उन्होंने 'पंच परिवर्तन' की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि लगभग तीन वर्ष पूर्व आरएसएस के शताब्दी कार्यक्रमों की योजना बनाते समय सामाजिक परिवर्तन के पाँच प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की गई थी, जिनमें पर्यावरण संरक्षण को केंद्रीय स्थान दिया गया है।

संघ के 100वें स्थापना वर्ष के अवसर पर वैश्विक स्तर पर पहुँच बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। मुकुंद ने कहा कि भारत, हिंदुओं और आरएसएस के बारे में फैली भ्रांतियों का मुकाबला करने के लिए सकारात्मक कथा निर्माण आवश्यक है। आने वाले समय में यह वैश्विक संवाद और व्यापक होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि व्यापक सामाजिक चिंता के रूप में देख रहा है। हालाँकि, 'सिस्टम ठीक करो' जैसे व्यापक वक्तव्य बिना ठोस नीतिगत सुझावों के प्रभाव में सीमित रहते हैं। नशे के गाँवों तक पहुँचने की स्वीकृति महत्वपूर्ण है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह नहीं पूछती कि संघ-सम्बद्ध सरकारों वाले राज्यों में इस समस्या से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए। वैश्विक आउटरीच और 'सकारात्मक कथा निर्माण' का एजेंडा भी उस समय सामने आया है जब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की आंतरिक नीतियों को लेकर बहस तेज है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरएसएस की विशाखापट्टनम बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
बैठक में असम की बाढ़, नशे की बढ़ती समस्या, जनसांख्यिकीय बदलाव, विकास का भारतीय मॉडल और संघ के शताब्दी वर्ष में वैश्विक आउटरीच पर विस्तृत चर्चा हुई। 40 से अधिक सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधियों ने आगामी वर्षों के कार्य-विस्तार की रणनीति भी तय की।
सीआर मुकुंद ने 'सिस्टम सुधारने' की बात क्यों कही?
उन्होंने कहा कि नीट जैसी परीक्षा प्रणाली सहित देशभर की कई व्यवस्थाओं में खामियाँ हैं, जिनसे युवा चिंतित हैं। उनके अनुसार, इन खामियों को दूर करना केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज की भी साझा ज़िम्मेदारी है।
आरएसएस के अनुसार नशे की समस्या कितनी गंभीर है?
सीआर मुकुंद ने कहा कि नशा अब महानगरों से निकलकर टियर-2, टियर-3 शहरों और गाँवों तक पहुँच गया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि स्कूली छात्रों को भी नशा सहजता से उपलब्ध हो रहा है।
आरएसएस के शताब्दी वर्ष में वैश्विक आउटरीच का क्या अर्थ है?
संघ के 100वें स्थापना वर्ष के अवसर पर विभिन्न देशों में मुख्यधारा के समाज तक पहुँचने की योजना है। इसका उद्देश्य भारत, हिंदुओं और आरएसएस के बारे में फैली भ्रांतियों का मुकाबला करते हुए सकारात्मक कथा स्थापित करना है।
असम बाढ़ में आरएसएस से जुड़े संगठनों ने क्या भूमिका निभाई?
राष्ट्रीय सेवा भारती, किसान संघ, नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन (एनएमओ), आरोग्य भारती और BJP कार्यकर्ताओं ने राहत एवं पुनर्वास कार्यों में भाग लिया। मुकुंद ने स्पष्ट किया कि यह सरकारी नहीं, बल्कि पार्टी और संगठन स्तर की भागीदारी थी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले