30 सितंबर 2026
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नशा मुक्त पंजाब: अमित शाह के अभियान को संजय निरुपम का समर्थन, नक्सलवाद जैसी सफलता का भरोसा

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नशा मुक्त पंजाब: अमित शाह के अभियान को संजय निरुपम का समर्थन, नक्सलवाद जैसी सफलता का भरोसा

सारांश

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने अमित शाह की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' को नक्सलवाद-विरोधी अभियान जैसी सफलता का मॉडल बताया। साथ ही इंडिया गठबंधन में DMK और सपा की अनुपस्थिति को आंतरिक दरार का संकेत करार दिया और ठाकरे बंधुओं पर राजनीतिक दिशाहीनता का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 30 सितंबर को गृह मंत्री अमित शाह की ' नशा मुक्त पंजाब यात्रा ' का समर्थन किया।
निरुपम ने नक्सलवाद-विरोधी अभियान की सफलता को ड्रग्स उन्मूलन का मॉडल बताया।
उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं, कॉलेजों और शहरों में ड्रग्स का कारोबार बड़ी समस्या बन चुका है।
इंडिया गठबंधन बैठक में DMK की अनुपस्थिति और समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का न आना निरुपम ने महत्त्वपूर्ण बताया।
4 अक्टूबर के प्रस्तावित महा मोर्चे को लेकर निरुपम ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर राजनीतिक एजेंडाहीनता का आरोप लगाया।

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 30 सितंबर को मुंबई में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' का पुरज़ोर समर्थन करते हुए कहा कि जिस तरह सरकार ने नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में सफलता हासिल की, उसी रणनीति से ड्रग्स के कारोबार और नशाखोरी को भी जड़ से समाप्त किया जा सकता है। जालंधर में आयोजित इस यात्रा के संदर्भ में निरुपम ने स्पष्ट किया कि गृह मंत्री के नेतृत्व में चल रहा यह अभियान देशव्यापी स्तर पर असर दिखाएगा।

नक्सलवाद से तुलना: अभियान की रणनीति

निरुपम ने कहा कि देश में नक्सलवादी और उग्रवादी संगठनों के विरुद्ध चलाई गई कार्रवाई का परिणाम ज़मीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया है और नक्सलवाद काफ़ी हद तक नियंत्रण में आया है। उनके अनुसार, यही सुनियोजित रणनीति अब ड्रग्स के नेटवर्क को तोड़ने में भी कारगर होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में नशाखोरी उन्मूलन के प्रयास सफल होंगे और नई पीढ़ी भी इस अभियान से जुड़ेगी।

पंजाब में ड्रग्स की गंभीर समस्या

निरुपम ने स्वीकार किया कि पंजाब में ड्रग्स के कारोबार को लेकर लंबे समय से गहरी चिंता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और शहरों में नशे का फैलाव एक बड़ी सामाजिक समस्या बन चुका है। उनका आग्रह था कि यह अभियान चुनावी मौसम से परे, हर परिस्थिति में पंजाब पर केंद्रित रहना चाहिए।

इंडिया गठबंधन पर निरुपम की टिप्पणी

इंडिया गठबंधन की हालिया बैठक पर सवाल किए जाने पर निरुपम ने कहा कि बैठक में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) की अनुपस्थिति और उसके किसी प्रतिनिधि का न आना महत्त्वपूर्ण संकेत है। उन्होंने इसे कांग्रेस और DMK के बीच राजनीतिक मतभेदों का परिणाम बताया। साथ ही उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने भी बैठक में व्यक्तिगत रूप से भाग नहीं लिया और केवल एक प्रतिनिधि भेजा।

निरुपम ने दावा किया कि कांग्रेस की ओर से गठबंधन में वर्चस्व बनाए रखने की कोशिशें होती रही हैं, जिसका कई विपक्षी दलों ने विरोध किया है। उनके अनुसार, यह गठबंधन अलग-अलग राज्यों में भिन्न राजनीतिक समीकरणों के कारण बिखरा हुआ है।

ठाकरे बंधुओं पर कटाक्ष

उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे द्वारा 4 अक्टूबर को प्रस्तावित गैर-राजनीतिक 'महा मोर्चे' पर निरुपम ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नेताओं के पास अब अपना कोई स्वतंत्र राजनीतिक एजेंडा नहीं बचा है और वे अन्य संगठनों के मुद्दों तथा कार्यक्रमों के पीछे चल रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त के विरुद्ध प्रस्तावित आंदोलन का संदर्भ देते हुए उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में यह भी कहा कि आने वाले समय में दोनों ठाकरे अपनी-अपनी पार्टियों का किसी अन्य राजनीतिक संगठन में विलय भी कर सकते हैं।

निरुपम की यह टिप्पणियाँ महाराष्ट्र की राजनीति में बदलते समीकरणों की पृष्ठभूमि में आई हैं, जहाँ शिवसेना के विभिन्न धड़े अपनी-अपनी प्रासंगिकता स्थापित करने की कोशिश में हैं। आने वाले हफ्तों में यह देखना अहम होगा कि 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' का असर राज्य स्तर पर किस रूप में सामने आता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इंडिया गठबंधन की आंतरिक दरारों को उजागर करना और ठाकरे खेमे को कमज़ोर दिखाना। गौरतलब है कि पंजाब में नशे की समस्या दशकों पुरानी है और केवल यात्राओं और घोषणाओं से इसका समाधान नहीं हुआ है — असली कसौटी ज़मीनी कार्रवाई और गिरफ्तारियों के आँकड़े होंगे। नक्सलवाद से तुलना भावनात्मक रूप से प्रभावशाली है, लेकिन ड्रग तस्करी की जड़ें सीमा-पार नेटवर्क में हैं, जो आंतरिक सुरक्षा अभियानों से कहीं अधिक जटिल चुनौती है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' क्या है?
यह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा जालंधर में आयोजित एक अभियान यात्रा है, जिसका उद्देश्य पंजाब में ड्रग्स के कारोबार और नशाखोरी के विरुद्ध जागरूकता और कार्रवाई को बढ़ावा देना है।
संजय निरुपम ने इस अभियान की तुलना किससे की?
शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने इस अभियान की तुलना नक्सलवाद-विरोधी अभियान से की। उन्होंने कहा कि जिस तरह नक्सलवाद काफ़ी हद तक नियंत्रण में आया, उसी रणनीति से नशाखोरी भी समाप्त की जा सकती है।
इंडिया गठबंधन की बैठक में DMK क्यों अनुपस्थित रही?
निरुपम के अनुसार, कांग्रेस और DMK के बीच राजनीतिक मतभेदों के कारण DMK का कोई प्रतिनिधि बैठक में शामिल नहीं हुआ। उन्होंने इसे गठबंधन की आंतरिक दरार का संकेत बताया।
4 अक्टूबर का महा मोर्चा क्या है और निरुपम ने उस पर क्या कहा?
उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने 4 अक्टूबर को एक गैर-राजनीतिक महा मोर्चे का प्रस्ताव रखा है। निरुपम ने आरोप लगाया कि दोनों नेताओं के पास अपना कोई स्वतंत्र एजेंडा नहीं है और वे दूसरे संगठनों के कार्यक्रमों के पीछे चल रहे हैं।
पंजाब में ड्रग्स की समस्या कितनी गंभीर है?
निरुपम के अनुसार, पंजाब के युवाओं, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और शहरों में ड्रग्स का कारोबार लंबे समय से एक बड़ी सामाजिक समस्या बना हुआ है। उन्होंने कहा कि यह अभियान चुनावी परिस्थितियों से परे, निरंतर जारी रहना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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