29 सितंबर 2026
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नशा मुक्त पंजाब यात्रा लुधियाना पहुंची: रवनीत बिट्टू का वादा — BJP सरकार आई तो दो साल में नशा, माफिया, बेरोज़गारी होगी खत्म

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नशा मुक्त पंजाब यात्रा लुधियाना पहुंची: रवनीत बिट्टू का वादा — BJP सरकार आई तो दो साल में नशा, माफिया, बेरोज़गारी होगी खत्म

सारांश

भाजपा की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' लुधियाना पहुंची तो रवनीत बिट्टू ने बड़ा दांव खेला — भाजपा सरकार बनी तो दो साल में नशा, माफिया और बेरोज़गारी खत्म। मनोज तिवारी ने AAP पर तीखा हमला बोला, कहा — छह महीने में नशामुक्ति का वादा कर सत्ता में आई सरकार आज विफल है।

मुख्य बातें

भाजपा की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' 29 सितंबर 2026 को लुधियाना पहुंची।
पूर्व मंत्री रवनीत बिट्टू ने वादा किया कि भाजपा सरकार बनने पर दो साल के भीतर नशा, माफिया, बेरोज़गारी और कर्ज की समस्या खत्म की जाएगी।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने AAP पर आरोप लगाया कि छह महीने में नशामुक्ति का वादा पूरा नहीं हुआ।
भाजपा नेताओं ने कहा कि AAP सरकार की योजनाओं का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंचा।
यह यात्रा पंजाब के आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की व्यापक चुनावी रणनीति का हिस्सा है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' 29 सितंबर 2026 को लुधियाना पहुंची, जहाँ पार्टी नेताओं ने आम आदमी पार्टी (AAP) की भगवंत मान सरकार पर नशे की समस्या को नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप लगाया। यात्रा में दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू विशेष रूप से शामिल हुए। पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह यात्रा राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

मुख्य घटनाक्रम

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है। उन्होंने याद दिलाया कि AAP ने छह महीने में पंजाब को नशामुक्त करने का वादा करके सत्ता हासिल की थी, लेकिन आज स्थिति यह है कि गाँव-गाँव में युवा नशे की चपेट में हैं और अपनी जानें गंवा रहे हैं। तिवारी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस गंभीर समस्या पर प्रभावी नियंत्रण कर पाने में नाकाम रही है।

तिवारी ने कहा, 'आम आदमी पार्टी बहाने बनाने में माहिर है, लेकिन जनता सरकार के पाँच साल के काम का हिसाब देख रही है।' उन्होंने पंजाब के लोगों से अपील की कि नशामुक्ति के लिए मिलकर प्रयास करें और भाजपा के साथ खड़े हों।

रवनीत बिट्टू का बड़ा वादा

पूर्व मंत्री रवनीत बिट्टू ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा AAP सरकार ने पंजाब की जनता से झूठे वादे किए। उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे AAP ने दिल्ली को बर्बाद किया, वही नीति पंजाब में भी अपनाई गई। बिट्टू ने दावा किया कि भाजपा की सरकार बनने के बाद दो साल के भीतर नशा, बेरोज़गारी, माफिया और कर्ज जैसी समस्याओं पर लगाम लगाई जाएगी।

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का हवाला देते हुए कहा कि जो नेता देश और उत्तर प्रदेश में विकास कर सकता है, वह पंजाब का भी कायाकल्प कर सकता है। उन्होंने हरियाणा में भाजपा सरकार के विकास कार्यों का उल्लेख भी किया। बिट्टू ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जनता ने तीन बार भरोसा जताया है और पंजाब की जनता भी आगामी चुनाव में भाजपा पर विश्वास करेगी।

AAP सरकार पर आरोप

भाजपा नेताओं ने यात्रा के दौरान AAP सरकार पर कई मोर्चों पर हमला बोला। आरोप लगाया गया कि सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि पंजाब की वर्तमान स्थिति बिगड़ती जा रही है और इसी के विरोध में भाजपा सड़कों पर उतरी है।

गौरतलब है कि यह यात्रा चुनाव से पहले भाजपा की व्यापक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें नशा, बेरोज़गारी और माफिया राज को मुख्य मुद्दा बनाया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे की समस्या एक संवेदनशील सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है।

आम जनता पर असर

भाजपा का यह अभियान उन परिवारों को सीधे संबोधित करता है जो नशे और बेरोज़गारी की मार झेल रहे हैं। नशे की समस्या पंजाब के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में गहरी पैठ बना चुकी है, और यह मुद्दा आगामी विधानसभा चुनाव में प्रमुख चुनावी争点 बन सकता है।

क्या होगा आगे

भाजपा की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' का विस्तार पंजाब के अन्य जिलों में भी होने की उम्मीद है। चुनावी सरगर्मी के बीच AAP की प्रतिक्रिया और इस यात्रा के जनआधार पर असर आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

माफिया, बेरोज़गारी खत्म' जैसे वादे उतने ही महत्वाकांक्षी हैं जितने AAP के 'छह महीने में नशामुक्त पंजाब' के वादे थे, जिन पर भाजपा अब सवाल उठा रही है। असली कसौटी यह है कि क्या भाजपा इस बार ठोस रोडमैप पेश करेगी या यह भी चुनाव-पूर्व नारेबाज़ी बनकर रह जाएगी। पंजाब में नशे की जड़ें गहरी हैं और सप्लाई चेन को तोड़ना किसी एक सरकार के लिए कठिन चुनौती रही है। मतदाता इस बार वादों की बजाय विस्तृत कार्ययोजना की माँग करेंगे, यही इस यात्रा की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नशा मुक्त पंजाब यात्रा क्या है?
यह भाजपा द्वारा पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले शुरू की गई एक राजनीतिक यात्रा है, जिसका उद्देश्य AAP सरकार को नशे की समस्या पर घेरना और भाजपा का जनाधार मज़बूत करना है। 29 सितंबर 2026 को यह यात्रा लुधियाना पहुंची।
रवनीत बिट्टू ने पंजाब को लेकर क्या वादा किया?
पूर्व मंत्री रवनीत बिट्टू ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर दो साल के भीतर नशा, बेरोज़गारी, माफिया और कर्ज जैसी समस्याओं पर लगाम लगाई जाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पंजाब के विकास का भरोसा भी जताया।
मनोज तिवारी ने AAP सरकार पर क्या आरोप लगाए?
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि AAP ने छह महीने में पंजाब को नशामुक्त करने का वादा कर सत्ता पाई, लेकिन आज गाँव-गाँव में युवा नशे की वजह से जान गंवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाने में विफल रही है।
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव में नशा कितना बड़ा मुद्दा है?
नशे की समस्या पंजाब के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में गहरी है और यह कई चुनावों में केंद्रीय मुद्दा रही है। भाजपा इसे AAP के खिलाफ मुख्य चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है।
भाजपा की यह यात्रा अन्य राज्यों के अनुभव से कैसे जुड़ती है?
रवनीत बिट्टू ने हरियाणा में भाजपा सरकार के विकास कार्यों और उत्तर प्रदेश में मोदी के नेतृत्व का हवाला देकर पंजाब में भी ऐसे ही बदलाव का वादा किया। भाजपा इन राज्यों के उदाहरण को अपने चुनाव प्रचार का आधार बना रही है।
राष्ट्र प्रेस
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