नशा मुक्त पंजाब यात्रा: शिवराज सिंह चौहान का वादा — 6 महीने में ध्वस्त होगा नशा नेटवर्क
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 21 सितंबर 2026 को बठिंडा के तलवंडी साबो से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की चौथी 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने सार्वजनिक रूप से वादा किया कि पंजाब में भाजपा की सरकार बनने के छह महीने के भीतर राज्य का पूरा नशा आपूर्ति नेटवर्क ध्वस्त कर दिया जाएगा।
यात्रा का शुभारंभ और धार्मिक अनुष्ठान
चौहान ने तलवंडी साबो पहुँचते ही तख्त श्री दमदमा साहिब में माथा टेका। इस अवसर पर पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, मनप्रीत सिंह बादल और रवनीत सिंह बिट्टू सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। यह यात्रा का चौथा संस्करण है, जो स्पष्ट रूप से आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के प्रचार अभियान का हिस्सा है।
नशा पीड़ित परिवारों से मुलाकात
चौहान ने केवल सिंह ढिल्लों के साथ मिलकर एक नशा पीड़ित परिवार से सीधे मुलाकात की। ग्रामीणों ने बताया कि पंजाब में नशे का कारोबार खुलेआम चल रहा है और तस्करों के हौसले बुलंद हैं। ढिल्लों ने कहा, 'पंजाब में आज नशा बहुत ज्यादा बिक रहा है। भारतीय जनता पार्टी इसको खत्म करेगी, यह लोगों में विश्वास है।'
चौहान का बड़ा वादा — तस्करों की संपत्ति होगी जब्त
जनसभा को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का सीधा संदेश है कि नशा तस्करों की संपत्तियाँ जब्त की जाएँगी और किसी भी दोषी को नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा अपने वादे पूरे करती है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना
चौहान ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सीधे हमला बोलते हुए कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था बिगड़ चुकी है और 18 से 27 साल के युवा नशे की भेंट चढ़ रहे हैं। मनप्रीत बादल ने भी कहा कि यदि केंद्र सरकार आतंकवाद समाप्त कर सकती है, तो पंजाब से नशा माफिया का सफाया भी संभव है।
आगे क्या होगा
यह यात्रा-शृंखला पंजाब के अलग-अलग ज़िलों में जागरूकता और राजनीतिक गोलबंदी दोनों का काम कर रही है। गौरतलब है कि भाजपा पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) को नशे के मुद्दे पर सीधी चुनौती दे रही है, और यह यात्रा उसी रणनीति की कड़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि नशे का मुद्दा पंजाब की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभा सकता है, बशर्ते विपक्ष ठोस क्रियान्वयन योजना के साथ सामने आए।