जमुई जंगल से SSB को मिली बड़ी सफलता: राइफल, खोखे और सुतली बम बरामद

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जमुई जंगल से SSB को मिली बड़ी सफलता: राइफल, खोखे और सुतली बम बरामद

सारांश

बिहार के जमुई जिले में एसएसबी 16वीं वाहिनी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने गंभीरा पहाड़ के घने जंगलों में एक राइफल, आठ खाली खोखे और दो सुतली बम बरामद किए। यह दिसंबर 2025 के बाद इस क्षेत्र में दूसरी बड़ी बरामदगी है, जो इलाके में सक्रिय असामाजिक तत्वों की मौजूदगी की ओर इशारा करती है।

Key Takeaways

एसएसबी 16वीं वाहिनी ने 2 मई 2026 को जमुई के गंभीरा पहाड़ क्षेत्र में विशेष सर्च अभियान चलाया। बरामद सामग्री में एक शॉर्ट बैरल बोल्ट एक्शन राइफल , 8 एमएम के आठ खाली खोखे और दो सुतली बम शामिल हैं। अभियान का नेतृत्व कमांडेंट अनिल कुमार पठानिया के निर्देशन में निरीक्षक चाँद नश्कर ने किया। बरामद सामग्री गरही थाने को सौंपी गई; पुलिस जाँच जारी है। दिसंबर 2025 में भी इसी क्षेत्र में 700 ग्राम अमोनियम नाइट्रेट सहित भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुए थे।

एसएसबी 16वीं वाहिनी ने शनिवार, 2 मई 2026 को जमुई जिले के गंभीरा पहाड़ स्थित लोधा पानी क्षेत्र के घने जंगलों में चलाए गए विशेष सर्च अभियान में एक शॉर्ट बैरल बोल्ट एक्शन राइफल, 8 एमएम के आठ खाली खोखे और दो सुतली बम बरामद किए। यह अभियान गुप्त सूचना के आधार पर संचालित किया गया और बरामद सामग्री को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए गरही थाने को सौंप दिया गया है।

अभियान का संचालन

यह विशेष सर्च अभियान एसएसबी 16वीं वाहिनी जमुई के कमांडेंट अनिल कुमार पठानिया के निर्देशन में चलाया गया। समवाय प्रभारी निरीक्षक चाँद नश्कर के नेतृत्व में ई-समवाय जन्मस्थान कैंप की टीम ने स्थानीय पुलिस बल के साथ मिलकर यह अभियान संचालित किया।

सघन तलाशी के दौरान लोधा पानी से करीब 1.5 किलोमीटर दक्षिण दिशा में घने जंगल के भीतर संदिग्ध सामग्री मिली। सुरक्षा बलों ने सभी बरामद हथियार और विस्फोटकों को सुरक्षित तरीके से अपने कब्जे में लिया।

बरामद सामग्री का विवरण

अभियान के दौरान जो सामग्री बरामद हुई, उसमें शामिल हैं:

एक शॉर्ट बैरल बोल्ट एक्शन राइफल, 8 एमएम के आठ खाली खोखे और दो सुतली बम। सुरक्षा एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि ये हथियार और विस्फोटक किस उद्देश्य से जंगल में छिपाकर रखे गए थे।

पुलिस जाँच और कानूनी कार्रवाई

बरामद सामान को गरही थाने के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है। अधिकारियों के अनुसार, जंगल में हथियार छिपाने के पीछे की मंशा और इनसे जुड़े संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

पूर्व में भी हुई थी बड़ी बरामदगी

गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में भी जमुई में एसएसबी, जमुई पुलिस और मुजफ्फरपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने धोडपारन जंगली इलाके में नक्सलियों द्वारा छिपाए गए विस्फोटकों का जखीरा बरामद किया था। इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार बर्मन के नेतृत्व में चले उस अभियान में एक देसी मास्केट (लांग बैरल), तीन डेटोनेटर, लगभग 700 ग्राम अमोनियम नाइट्रेट, 8 एमएम का एक कारतूस, 12 बोर के दो कारतूस, 12 बोर के पाँच खोखे और पाँच देसी हथगोला बम बरामद हुए थे।

यह ऐसे समय में आया है जब सुरक्षा बल इस क्षेत्र में लगातार सर्च अभियान चला रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन अभियानों से असामाजिक तत्वों में भय का माहौल बना हुआ है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

Point of View

लेकिन असली सवाल यह है कि इन हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला को कब तोड़ा जाएगा — केवल बरामदगी से समस्या की जड़ नहीं कटती।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

जमुई में SSB के सर्च अभियान में क्या बरामद हुआ?
2 मई 2026 को जमुई के गंभीरा पहाड़ स्थित लोधा पानी क्षेत्र के जंगलों में एक शॉर्ट बैरल बोल्ट एक्शन राइफल, 8 एमएम के आठ खाली खोखे और दो सुतली बम बरामद हुए। यह सामग्री लोधा पानी से करीब 1.5 किलोमीटर दक्षिण में घने जंगल के भीतर मिली।
यह अभियान किसके नेतृत्व में चलाया गया?
यह अभियान एसएसबी 16वीं वाहिनी जमुई के कमांडेंट अनिल कुमार पठानिया के निर्देशन में और समवाय प्रभारी निरीक्षक चाँद नश्कर के नेतृत्व में संचालित किया गया। ई-समवाय जन्मस्थान कैंप की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर यह तलाशी अभियान चलाया।
बरामद हथियारों और विस्फोटकों का अब क्या होगा?
बरामद सभी सामग्री को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए गरही थाने को सौंप दिया गया है। पुलिस यह जाँच कर रही है कि ये हथियार किस उद्देश्य से और किनके द्वारा जंगल में छिपाए गए थे।
क्या इससे पहले भी जमुई में ऐसी बरामदगी हुई है?
हाँ, दिसंबर 2025 में भी जमुई के धोडपारन जंगली इलाके में एसएसबी, जमुई पुलिस और मुजफ्फरपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने नक्सलियों द्वारा छिपाए गए विस्फोटकों का जखीरा बरामद किया था, जिसमें 700 ग्राम अमोनियम नाइट्रेट और पाँच देसी हथगोला बम शामिल थे।
जमुई में सर्च अभियान क्यों चलाए जा रहे हैं?
जमुई जिले के जंगली इलाकों में असामाजिक तत्वों और कथित नक्सल गतिविधियों की आशंका के चलते सुरक्षा बल लगातार सर्च अभियान चला रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन अभियानों का उद्देश्य क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर अंकुश लगाना है।
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