जदयू ही बिहार की राजनीति का केंद्र रहेगी: संजय झा का हाजीपुर में ऐलान, फरक्का जल संधि पर भी चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने 7 अक्टूबर 2026 को वैशाली जिले के हिलालपुर में आयोजित 'फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दो टूक घोषणा की कि आने वाले समय में जदयू ही बिहार की राजनीति का केंद्रबिंदु बनी रहेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन के प्रति जनता के अटूट विश्वास को पार्टी की सबसे बड़ी पूँजी बताया।
नीतीश के उत्तराधिकार पर बड़ा संदेश
झा ने कहा कि कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच यह सवाल था कि नीतीश कुमार के बाद पार्टी की दिशा क्या होगी। उन्होंने निशांत कुमार का नाम लेते हुए कहा कि जिस सादगी, संवेदनशीलता और अहंकार-रहित भाव से वे जनता के बीच काम कर रहे हैं, उससे कार्यकर्ताओं में नया भरोसा जागा है। उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार का किया गया काम अगले 100 वर्षों तक याद रखा जाएगा।
फरक्का जल संधि: बिहार के 13 करोड़ लोगों का सवाल
झा ने फरक्का जल संधि को बिहार के हितों से जुड़ा सर्वाधिक महत्वपूर्ण मुद्दा करार दिया। उन्होंने कहा कि यह किसी एक पार्टी, जाति या धर्म का विषय नहीं, बल्कि 13 करोड़ बिहारवासियों के जीवन से सीधे जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने बताया कि जब 1996 में यह संधि हुई थी, तब बिहार की जनसंख्या लगभग सवा आठ करोड़ थी, जो आज 13 करोड़ से अधिक हो चुकी है। संधि के अनुसार, जनवरी से मई के बीच गंगा में जल-स्तर कम रहने के दौरान बांग्लादेश को पानी दिया जाता है। झा ने सवाल उठाया कि बिहार में प्रवेश करने के बाद गंगा के जल पर पहला हक बिहार की जनता का होना चाहिए।
बाढ़, सिंचाई और भूजल संकट की पीड़ा
झा ने बताया कि पिछले तीन दशकों में बाढ़ और सिंचाई की समस्याओं से निपटने में बिहार सरकार के लाखों करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। यदि इन समस्याओं का स्थायी समाधान होता तो यही संसाधन विकास के अन्य कार्यों में लगाए जा सकते थे। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि दक्षिण और उत्तर बिहार के कई इलाकों में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है और गर्मी के महीनों में पेयजल संकट गहरा होता जा रहा है।
केंद्र सरकार का आश्वासन और 12 दिसंबर की समयसीमा
झा ने बताया कि उन्होंने फरक्का जल संधि का मुद्दा राज्यसभा में उठाया था, जिस पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। केंद्र ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में किसी भी निर्णय में बिहार के पेयजल और सिंचाई हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि 12 दिसंबर को संधि की अवधि समाप्त होने के मद्देनजर वर्ष 2050 की अनुमानित आबादी और भावी ज़रूरतों को ध्यान में रखकर बिहार के जल अधिकार सुनिश्चित किए जाने चाहिए।
जदयू का 12 जिलों में जागरूकता अभियान
झा ने जानकारी दी कि जदयू पिछले 30 वर्षों के कथित जल-अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाने के लिए 12 जिलों में पंचायत स्तर तक जागरूकता अभियान चला रहा है। पटना, हाजीपुर और सोनपुर क्षेत्र में नए शहरी और औद्योगिक कॉरिडोर विकसित हो रहे हैं, जिनके लिए पर्याप्त जल आपूर्ति अनिवार्य होगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि जल अधिकार के इस मुद्दे को जन-जन तक पहुँचाया जाए, क्योंकि भविष्य के रोज़गार और उद्योगों का विस्तार जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर ही टिका है।