31 अगस्त 2026
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फरक्का जल संधि पर जेडीयू का बड़ा अभियान: बिहार के 12 जिलों में 'नीतीश संवाद' कार्यक्रम, 5 सितंबर से बक्सर में शुरुआत

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फरक्का जल संधि पर जेडीयू का बड़ा अभियान: बिहार के 12 जिलों में 'नीतीश संवाद' कार्यक्रम, 5 सितंबर से बक्सर में शुरुआत

सारांश

दिसंबर 2026 में फरक्का जल संधि की समय-सीमा खत्म होने से पहले जेडीयू ने बिहार के 12 जिलों में 'नीतीश संवाद' अभियान शुरू किया है। 5 सितंबर को बक्सर से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम का लक्ष्य बाढ़, जल संकट और सिंचाई के मुद्दे पर जनमत तैयार करना और संधि नवीनीकरण में बिहार के हितों को प्राथमिकता दिलाना है।

मुख्य बातें

जनता दल (यूनाइटेड) ने फरक्का जल संधि पर बिहार के 12 जिलों में जन-जागरूकता अभियान की घोषणा की।
अभियान का नाम 'फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद' ; नेतृत्व संजय कुमार झा और उमेश सिंह कुशवाहा करेंगे।
पहला कार्यक्रम 5 सितंबर को बक्सर के बगीचा उत्सव मैरिज लॉन में; इसके बाद 6 सितंबर को भोजपुर और 9 सितंबर को खगड़िया ।
1996 में हुई फरक्का जल संधि की अवधि दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाली है।
जेडीयू का दावा है कि फरक्का बैराज से गंगा में गाद जमने के कारण उत्तर बिहार में बाढ़ और जल संकट दोनों बढ़े हैं।
पार्टी संधि नवीनीकरण से पहले बिहार की 2050 तक की जल आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने की माँग कर रही है।

जनता दल (यूनाइटेड) ने फरक्का जल संधि के मुद्दे पर बिहार में व्यापक जन-जागरूकता अभियान छेड़ने की घोषणा की है। 30 अगस्त 2026 को पार्टी ने बताया कि 'फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद' नामक कार्यक्रम के तहत 12 जिलों में संवाद बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा सीधे जनता से संवाद करेंगे।

अभियान की पृष्ठभूमि और उद्देश्य

जेडीयू का कहना है कि फरक्का बैराज के संचालन के चलते गंगा नदी में बड़े पैमाने पर गाद जमा हुई है, जिससे नदी का तल ऊँचा हो गया है। पार्टी के अनुसार, इसके दो विपरीत परिणाम सामने आए हैं — मानसून में उत्तर बिहार में बाढ़ की भीषणता और गर्मियों में कई क्षेत्रों में गंभीर जल संकट। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में बाढ़ प्रबंधन पहले से ही एक पुरानी चुनौती रही है।

पार्टी ने यह भी दावा किया कि फरक्का जल संधि के कारण बिहार को सिंचाई, पेयजल और विकास परियोजनाओं के लिए पर्याप्त जल आवंटन नहीं मिल पाता, जिससे राज्य के किसानों और आम नागरिकों को नुकसान उठाना पड़ता है।

संधि नवीनीकरण का अहम मोड़

गौरतलब है कि वर्ष 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुई फरक्का जल संधि की अवधि दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाली है। जेडीयू का तर्क है कि संधि के नवीनीकरण से पहले बिहार के हितों और वर्ष 2050 तक की दीर्घकालिक जल आवश्यकताओं को केंद्र सरकार के समक्ष मज़बूती से रखा जाना चाहिए। पार्टी इस अभियान को उसी दिशा में एक राजनीतिक और सामाजिक दबाव के रूप में प्रस्तुत कर रही है।

कार्यक्रम का चरणबद्ध कार्यक्रम

अभियान का पहला चरण 5 सितंबर को बक्सर से शुरू होगा। यह कार्यक्रम बगीचा उत्सव मैरिज लॉन, सेंट्रल जेल रोड, बक्सर में आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 6 सितंबर को भोजपुर, 8 सितंबर और 9 सितंबर को खगड़िया में कार्यक्रम निर्धारित हैं। पार्टी ने बताया कि पहले चरण के बाद राज्य के शेष जिलों में भी संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

आम जनता पर असर

जेडीयू नेताओं के अनुसार, इस अभियान में राज्य के किसानों, आम नागरिकों और विभिन्न सामाजिक वर्गों को शामिल किया जाएगा तथा उनकी राय भी ली जाएगी। पार्टी का उद्देश्य फरक्का मुद्दे को व्यापक जनचर्चा का विषय बनाना है, ताकि संधि नवीनीकरण की प्रक्रिया में बिहार की आवाज़ अनसुनी न रहे। यह पहल राज्य के उन लाखों किसानों और परिवारों के लिए प्रासंगिक है जो गंगा के जल स्तर पर प्रत्यक्ष रूप से निर्भर हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जेडीयू का यह अभियान दिसंबर 2026 की संधि-समाप्ति की समय-सीमा को देखते हुए स्पष्ट राजनीतिक रणनीति का हिस्सा भी है। असली सवाल यह है कि क्या यह जन-संवाद केंद्र सरकार पर वार्ता में ठोस दबाव बनाएगा, या महज़ चुनावी जागरूकता तक सीमित रहेगा। बिहार की बाढ़ और जल संकट की समस्या बहुआयामी है — फरक्का अकेला कारण नहीं है — इसलिए अभियान की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करेगी कि पार्टी जन-राय को नीतिगत माँगों में कितनी कुशलता से बदल पाती है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फरक्का जल संधि क्या है और यह बिहार को कैसे प्रभावित करती है?
फरक्का जल संधि वर्ष 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा के जल बँटवारे को लेकर हुई थी। जेडीयू का दावा है कि इस संधि और फरक्का बैराज के कारण गंगा में गाद जमने से उत्तर बिहार में बाढ़ बढ़ी है और सिंचाई व पेयजल के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता।
जेडीयू का 'नीतीश संवाद' अभियान कब और कहाँ से शुरू होगा?
अभियान का पहला कार्यक्रम 5 सितंबर को बक्सर के बगीचा उत्सव मैरिज लॉन, सेंट्रल जेल रोड पर होगा। इसके बाद 6 सितंबर को भोजपुर और 9 सितंबर को खगड़िया में कार्यक्रम आयोजित होंगे।
फरक्का जल संधि का नवीनीकरण कब होना है?
1996 में हुई फरक्का जल संधि की अवधि दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाली है। जेडीयू माँग कर रही है कि नवीनीकरण से पहले बिहार के हितों और 2050 तक की जल आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाए।
इस अभियान में जेडीयू के कौन-से नेता शामिल होंगे?
अभियान का नेतृत्व जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा करेंगे, जो बिहार के विभिन्न जिलों में जनता से सीधे संवाद करेंगे।
फरक्का बैराज से बिहार में बाढ़ और जल संकट कैसे जुड़े हैं?
जेडीयू का कहना है कि फरक्का बैराज के कारण गंगा में बड़े पैमाने पर गाद जमा हुई है, जिससे नदी का तल ऊँचा हो गया है। इससे मानसून में उत्तर बिहार में बाढ़ की समस्या बढ़ी है, जबकि गर्मियों में कई क्षेत्रों में जल संकट उत्पन्न होता है।
राष्ट्र प्रेस
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