जेईई एडवांस 2026: शुभम कुमार ने AIR-1 हासिल की, 360 में से 330 अंक; टॉपर्स ने बताया सफलता का मंत्र
सारांश
मुख्य बातें
जेईई एडवांस 2026 का परिणाम 1 जून 2026 को जारी हुआ, जिसमें आईआईटी दिल्ली जोन के शुभम कुमार ने 360 में से 330 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक 1 (AIR-1) प्राप्त की। कोटा में कोचिंग करने वाले शुभम की यह उपलब्धि देशभर के लाखों आईआईटी अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है। परीक्षा 17 मई 2026 को आयोजित हुई थी, जिसमें 1,79,694 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया था।
मुख्य परिणाम एवं रैंकिंग
कॉमन रैंक लिस्ट के शीर्ष 5 में दिल्ली जोन का दबदबा रहा। शुभम कुमार पहले, कबीर छिल्लर दूसरे और राजस्थान के झुंझुनू जिले के गोठ गाँव के जतिन चाहर तीसरे स्थान पर रहे। मद्रास जोन के मोहित शेखर शुक्ला चौथे और कुची संदीप पाँचवें स्थान पर रहे। दिल्ली जोन की आरोही देशपांडे ने 280 अंक के साथ 77वीं रैंक हासिल कर देश की शीर्ष महिला अभ्यर्थी का खिताब अपने नाम किया।
कुल 56,880 अभ्यर्थी सफल रहे, जिनमें 46,773 छात्र और 10,107 छात्राएँ शामिल हैं।
शुभम कुमार का सफलता का मूल मंत्र
शुभम ने बताया कि कोटा आने पर उन्हें AIR-1 की उम्मीद नहीं थी, लेकिन जैसे-जैसे टेस्ट में बेहतर परिणाम मिलते गए, आत्मविश्वास बढ़ता गया। उन्होंने कहा, 'बस लगन के साथ मेहनत करते रहें, बाकी जो होगा अच्छा ही होगा।' शुभम ने रैंक-1 का मूल मंत्र डेडिकेशन, हार्ड वर्क और कभी हार न मानने को बताया। उनके माता-पिता ने इसे परिवार की 'सबसे बड़ी जीत' करार दिया। शुभम आगे आईआईटी मुंबई के कंप्यूटर साइंस विभाग में प्रवेश लेने की तैयारी में हैं और भविष्य में इसी क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।
अन्य टॉपर्स के अनुभव
AIR-2 प्राप्त करने वाले कबीर छिल्लर ने कहा कि दो वर्षों की इस यात्रा में शिक्षकों का अहम योगदान रहा। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि टास्क का बैकलॉग न बनने दें और निरंतर मेहनत व आत्मविश्वास से अच्छी रैंक हासिल की जा सकती है। उनके अनुसार, 'अगर आपने 2 वर्ष मेहनत कर ली, तो अच्छे कॉलेज में एडमिशन मिल जाएगा, जिससे जीवन में एक राह मिल जाती है।'
शीर्ष 10 में जगह बनाने वाले अर्नव गौतम ने बताया कि उन्होंने प्रतिदिन 10 से 12 घंटे पढ़ाई की और जेईई की तैयारी के दौरान मोबाइल फोन व सोशल मीडिया का उपयोग न्यूनतम रखा। उनके माता-पिता ने शिक्षकों से निरंतर संपर्क बनाए रखा। अर्नव ने कोटा के छात्रों को संदेश दिया, 'आप गर्व करें कि आपको यहाँ पढ़ने का मौका मिला है।'
जतिन चाहर: गाँव से AIR-3 तक
AIR-3 हासिल करने वाले जतिन चाहर राजस्थान के झुंझुनू जिले के गोठ गाँव से आते हैं। उनके माता-पिता ने बताया कि जब क्लास चलती थी, जतिन घर पर 6 से 7 घंटे अतिरिक्त पढ़ाई करते थे, और क्लास बंद होने पर यह समय बढ़कर 11 से 12 घंटे प्रतिदिन हो जाता था। जतिन ने सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया। उन्होंने बताया कि तैयारी के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग नहीं किया और सोशल मीडिया पर उनका कोई अकाउंट नहीं है। जतिन भी आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग करने की योजना बना रहे हैं।
परीक्षा का व्यापक परिदृश्य
जेईई एडवांस देश की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, जो आईआईटी में बीटेक और बीआर्क पाठ्यक्रमों में प्रवेश का द्वार है। इस वर्ष 17 मई 2026 को आयोजित परीक्षा में 1,79,694 अभ्यर्थियों ने दोनों पेपर दिए, जिनमें से केवल 56,880 सफल हुए — यानी सफलता दर लगभग 31.7% रही। कोटा के टॉपर्स के शानदार प्रदर्शन ने एक बार फिर इस शहर की आईआईटी-जेईई कोचिंग हब के रूप में पहचान को मजबूत किया है। आने वाले हफ्तों में काउंसलिंग प्रक्रिया के जरिए सफल अभ्यर्थियों को उनके पसंदीदा संस्थानों में सीट आवंटित की जाएगी।