QS रैंकिंग 2027 में AIIMS दिल्ली को 105वाँ स्थान, दुनिया की शीर्ष मेडिकल यूनिवर्सिटीज में शामिल
सारांश
मुख्य बातें
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली ने QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में 105वाँ स्थान हासिल कर वैश्विक स्तर पर शीर्ष मेडिकल संस्थानों की सूची में अपनी मज़बूत उपस्थिति दर्ज कराई है। 18 जून 2026 को जारी इस रैंकिंग में भारत के कुल 52 संस्थानों को स्थान मिला है, जिनमें से 13 विश्वविद्यालयों ने 'ग्लोबल टॉप-550' में जगह बनाई है।
AIIMS की उपलब्धि और संस्थान की प्रतिक्रिया
AIIMS दिल्ली ने इस उपलब्धि पर गुरुवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट साझा की। संस्थान ने लिखा, 'दुनिया की बेहतरीन यूनिवर्सिटीज में शामिल होने पर गर्व है। QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 105वें स्थान पर मौजूद AIIMS दुनिया की बेहतरीन मेडिकल यूनिवर्सिटीज में से एक है।'
पोस्ट में संस्थान ने आगे कहा कि यह उपलब्धि मरीज़ों की देखभाल, शिक्षण तथा बेसिक, क्लिनिकल एवं ट्रांसलेशनल रिसर्च में निरंतर उत्कृष्ट कार्य का परिणाम है। साथ ही डायग्नोस्टिक किट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल टेक्नोलॉजी को अपनाने और बेहतर गवर्नेंस के प्रति प्रतिबद्धता को भी इस सफलता का आधार बताया गया।
भारत के अन्य शीर्ष संस्थान
AIIMS के अतिरिक्त, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली ने 118वाँ स्थान हासिल कर लगातार दूसरे वर्ष देश का सर्वोच्च रैंक वाला संस्थान बनने का गौरव प्राप्त किया है। उल्लेखनीय है कि IIT दिल्ली ने 2026 के 123वें स्थान से सुधार करते हुए 2027 में 118वाँ स्थान अर्जित किया है। इसके अलावा IIT बॉम्बे और IIT मद्रास भी इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल हैं।
QS रैंकिंग क्या है और यह क्यों मायने रखती है
QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग विश्व की शीर्ष उच्च शिक्षा संस्थाओं की सबसे प्रतिष्ठित वार्षिक सूची है, जिसे क्वाक्वेरेली साइमंड्स (QS) प्रत्येक वर्ष प्रकाशित करती है। यह रैंकिंग छात्रों को वैश्विक स्तर पर उच्च शिक्षा के बारे में सूचित निर्णय लेने में सहायता करती है और संस्थानों की अकादमिक प्रतिष्ठा, शोध उत्पादकता तथा नियोक्ता मूल्यांकन के आधार पर तैयार की जाती है।
भारत की वैश्विक शिक्षा में बढ़ती साख
इस वर्ष 52 भारतीय संस्थानों का QS रैंकिंग में शामिल होना देश की उच्च शिक्षा प्रणाली की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत है। AIIMS और IITs की बेहतर होती रैंकिंग इस नीतिगत दिशा का प्रत्यक्ष प्रमाण मानी जा सकती है।
आने वाले वर्षों में भारत के और अधिक संस्थानों के वैश्विक शीर्ष-500 में प्रवेश की संभावना जताई जा रही है, बशर्ते शोध निधि और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में निवेश जारी रहे।